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लॉकडाउन में कुंवारी साली की चुदाई का मजा- 3

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Xxx साली की बुर मैंने पहली बार चोदी. वो मेरे साथ अकेली थी घर में और चुदाई के लिए बेचैन थी. उसने पहले कभी लंड नहीं देखा था. तो मैंने उसे चोदा.

साथियो, मैं पिंटू एक बार फिर से आप सभी का अपनी कहानी में स्वागत करता हूँ.
पिछले भाग
सेक्सी लड़की को नंगी देखा
में अब तक आपने पढ़ा था कि मेरी साली मीना मुझसे चुदने के लिए लगभग राजी हो गई थी. वो मेरा लंड देखने के लिए मरी जा रही थी.

अब आगे Xxx साली की बुर चुदाई:

मीना- जीजू, अब देख लूँ क्या कि ये आपके लोअर में क्या है?
मैं- हां देख सकती हो, पर पहले पार्टी कर लो … फिर बेड पर सब देख भी लेना … और सही लगे तो उसे ले भी लेना.

यहां सुन कर मीना मुस्कुरा दी और हमने अपनी पार्टी खत्म की.

आज मीना लड़खड़ाई नहीं. वो रूम में जाकर बेड पर लेट गई.
रूम में जाते ही मैंने सब खिड़कियां बंद की और मीना को कुछ नशा हो जाने के उसने अपनी आंखें बंद कर ली थीं.

इसी कारण से शायद उसकी नींद लग गई थी.
मेरा दिमाग ख़राब हो गया कि साली की बुर मिलते मिलते रह गई.

अब मैं करता भी तो क्या … मैं भी बेमन से सोने की कोशिश करता रहा.
पर नींद कहां आ रही थी. बस मैं भी लेटा रहा और सोचता रहा कि अगर मेरी साली सोती नहीं तो आज वो मेरे लंड जरूर देखती.

यही सोचते सोचते मेरी नींद लग गई.
रात में करीब 2 बजे मुझे कुछ हलचल महसूस हुई.

मैंने देखा कि मीना अपने बिस्तर पर नहीं थी. मैं समझ गया कि शायद वो बाथरूम में गई होगी.
मैं वैसे ही सीधा लेट गया और आंखें बंद कर लीं.

मीना जब वापस आई तो मेरे पास लेट गई और मुझ पर अपना एक पैर रख दिया.

कुछ देर बाद उसने अपना एक हाथ मेरे सीने पर रख दिया और सोने लगी.
मुझे उसकी गर्म सांसें महसूस होने लगी थीं जिससे मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा था.

लंड खड़ा होकर मीना के घुटनों से टकराने लगा था.
मीना ने ये देखा और मुझे जगाने लगी.

मैं उसके हिलाने पर करवट लेकर उसे अपनी बांहों में भरके सोने का नाटक करने लगा.

अब उसको मैंने अपने नीचे ले लिया और मेरे हाथ के नीचे उसकी छाती आ गईं.
मैं उसके मम्मों को महसूस करने लगा.

फिर मीना मुझे उठाने लगी- जीजू उठो … उठो जीजू.
मैं- क्या हुआ मीना, सो जाओ यार.

मीना- जीजू, आपका कुछ मुझे नीचे चुभ रहा है.
मैं- क्या चुभ रहा है?

मीना- वही जीजू, जो आपके लोअर में है.
मैं- तो अपने हाथ से उसे सही कर लो जिससे वो तुम्हें चुभे ना.

मीना- जीजू, आप भी न बड़े आलसी हो.
इतना बोल कर मीना ने मेरे लोअर में हाथ डाल दिया.
अब वो मेरे लंड को पकड़ कर उसकी मोटाई और लम्बाई का अंदाज़ा लगा रही थी.

मैं- क्या हुआ मीना तू अब इसे ऐसे ही पकड़े रहने वाली है क्या?
मीना- जीजू, सोच रही हूँ कि आपका कितना मोटा और लम्बा है.

मैं- क्यों पहले भी किसी का पकड़ कर देखा है क्या?
मीना- नहीं जीजू, अभी तक तो बस मोबाइल में ही वीडियो में देखा है. आज मैं पहली बार इसे हाथ में लेकर महसूस कर रही हूँ. आपका कितना कड़क मोटा और लम्बा होने के साथ साथ ये कितना मखमली भी है.

मैं- चल तेरा देखना हो गया हो, तो छोड़ उसे … अब मैं सोना चाहता हूँ.
मीना- क्या जीजू … मुझे अभी आपने ठीक से देखने भी नहीं दिया और बोल रहे हो कि सोना है.
मैं- तो तुम इतनी देर से क्या कर रही हो?

मीना- मैंने बस अभी उसे छुआ है, देखना अभी बाकी है. चलो आप सीधे लेट जाओ … मैं इस बाहर निकाल कर देखना चाहती हूँ.
मैं- हां ठीक है.

मेरे सीधे होते ही उसने मेरा लोअर नीचे कर दिया और मेरे खड़े लंड को निहारने लगी. फिर हल्के हाथ से उसे सहलाने लगी.

कुछ देर ऐसे ही करते रहने के बाद मीना बोली- जीजू, मुझे इस के साथ खेलना बहुत अच्छा लग रहा है.
मैं- खेलो साली साहिबा, खूब खेलो तुम्हारा ही है.

मीना- तो क्या जीजू … मैं इसे प्यार कर सकती हूँ?
मैं- ये अब से तुम्हारा ही है, जो करना है करो.

मीना- मैं इसे किस करके देखती हूँ.
यह बोल कर उसने मेरे लंड पर एक प्यारा सा चुम्बन किया, जिससे मेरा लंड उचक उचक कर मीना के होंठों को सलामी देने लगा.
अब सब्र मेरे से भी नहीं हो पा रहा था.

मैंने मीना से कहा- साली साहिबा, जैसे अपने मेरे लंड पर प्यारा सा किस किया है … वैसे ही अब मेरी भी इच्छा आपकी प्यारी सी बुर पर चुम्बन की हो रही है, तो क्या मैं भी ये कर सकता हूँ?
मीना- अरे जीजू, अभी तो मुझे इसे देख लेने दो, थोड़ा प्यार कर लेने दो, फिर उसके बाद आपके बारे में सोचा जाएगा. वैसे आपने तो दीदी की चूत पर चुम्बन किया ही होगा ना … तो आपके लिए कोई नई बात थोड़ी होगी.

मैं- अरे मेरी जान … उस चुम्बन से तुमको भी मज़ा आएगा. मेरा क्या है … फिर जैसी तेरी मर्जी.
मीना- जीजू, सच में जब आप मेरी बुर पर किस करोगे, तो मजा भी मुझे ही आएगा.

मैं- जी हां साली साहिबा. पर अब तुम पहले इस ही मुँह में ले लो, जैसा तुमने वीडियो में देखा होगा ना … वैसे.
मीना- जीजू, आप सही बोल रहे हो. मेरे मन में भी यही ख्याल आया था.

यह बोलती हुई मीना ने मेरा लंड मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. उसके छोटे से मुँह में मेरे लंड का टोपा का अन्दर बाहर होने लगा.

वो लंड की खाल का उतारना चढ़ाना जिस तरह से कर रही थी … आह क्या बताऊं यार, मैं तो मानो लंड चूसने में ही सातवें आसमान पर पहुंच गया था.

करीब दस मिनट तक उसने लंड को चूस कर एकदम टन्न कर दिया था.

मीना का शायद यह पहला अनुभव था जिसे वो ज़रा भी ख़राब न करने के मूड से लंड चूसे जा रही थी.

इस बीच पता नहीं कब मेरे लंड ने अपना पानी छोड़ दिया और वो मेरी साली के मुँह में ही निकल गया.
जैसे ही उसके मुँह में लंड का पानी गया तो वो जल्दी से उठ खड़ी हुई और थूकने लगी.

मैंने कहा- क्या हुआ साली साहिबा?
तो वो गुस्सा होती हुई बोली- क्या यार जीजू …. आपने तो मेरे मुँह में ही पानी छोड़ दिया!

मैंने भी मुस्कुराते हुए उसे जवाब दिया- यार, तुमने माहौल ही ऐसा बना दिया था कि मेरा लंड बर्दाश्त ही नहीं कर पाया. तुम्हारे मुँह की गर्मी से झड़ गया.
यह बोलते हुए मैंने उसे पकड़ कर अपने पास खींच लिया और मेरी बगल में बैठा लिया.

मैंने उससे बिना कुछ कहे अपने होंठों को उसके होंठों पर रख दिया और वो भी मेरा साथ देती हुई मेरे होंठों को चूमने लगी.

कभी कभी वो अपनी जीभ भी मेरे मुँह में दे देती थी.
हम दोनों यूं ही किस करते रहे.

फिर एकाएक मैंने अपने हाथ से उसकी टी-शर्ट उतार दी और अगले ही पल उसकी शॉर्ट्स भी उतार दी.

अब वो ब्रा और पैंटी में थी. वो भी आगे आई और मेरी टी-शर्ट उतारने लगी.
मैंने अपने ही हाथ से अपना लोअर और अंडरवियर दोनों निकाल दिए.

मीना- जीजू, मुझे लग रहा है आज आप मेरे सारे सपने पूरे करने वाले हैं. बहुत दिनों से मुझे सेक्स करने का मन था, पर कोई भरोसे मंद इंसान नहीं मिल रहा था. पर अब आप मिल गए हो तो मैं अपनी सारी मनोकामना पूरी कर लूंगी.
यह बोल कर मीना ने अपने आपको मुझे सौंप दिया.

मैंने मीना को नीचे लिटाया और धीरे से उसकी ब्रा से उसके मम्मों को आज़ाद कर दिया.
सफ़ेद कड़क मम्मे … उस पर गहरे कत्थई कलर की छोटे छोटे से निप्पल देख कर मुझसे रहा नहीं गया.

मैंने बिना देरी किए अपने मुँह में एक निप्पल ले लिया.
वो अहह अहह करके आहें भरने लगी.
मैंने उसकी दोनों चूचियां दबा दबा कर खूब चूसीं.

फिर मैंने Xxx साली की पैंटी के ऊपर से उसकी बुर को आज़ाद कर दिया.
क्या गज़ब की बुर थी उसकी … बिना बाल की अधपकी हल्के हल्के सुनहरी झांटों से सजी हुई बुर अद्भुत लग रही थी.

मैंने बिना देरी किए उसकी बुर से मुँह लगा दिया और बुर चाटना शुरू कर दिया.
वो और मैं एक अलग ही दुनिया में पहुंच गए.

करीब दस मिनट की चुसाई के बाद वो थोड़ा अकड़ने लगी और मुँह से अजीब से आवाज़ निकालती हुई मेरे मुँह में उसने अपनी बुर का पानी छोड़ दिया.
मैं- साली साहिबा … मज़ा आ गया तुम्हारी बुर का पानी पीकर!

मीना- जीजू, मुझसे कंट्रोल ही नहीं हुआ.
मैं- कोई बात नहीं, मुझे तो बहुत दिनों बाद ऐसा स्वाद मिला. बहुत मुलायम है तुम्हारी बुर!

मीना- जीजू, अब मुझे मेरी बुर में आपका लंड चुभ रहा है.
ये बोलती हुई उसने मेरा लंड अपनी बुर के मुँह पर रख लिया और बोली- जीजू मुझे चोद डालो … अब मेरे सब्र का बांध टूट गया है. आज आपका लंड लेकर ही मुझे शान्ति मिलेगी.

मैंने कहा- मीना देखना तुम्हें थोड़ा दर्द होगा.
वो बोली- हां पता है … बस अब आप कोई रहम मत करना. फाड़ दो आज मेरी बुर को और अपना लंड पूरा अन्दर कर दो जल्दी से!

यह सुनकर मैंने अपना लंड उसकी बुर पर रख दिया और हल्का सा धक्का लगा दिया.
मेरा लंड ऊपर की ओर फिसल गया और बाहर हो गया.

उसे भी थोड़ी तकलीफ हुई तो वो चिल्ला पड़ी और उसने मुझे ज़ोर से पकड़ लिया.

फिर मैंने अपना लंड हाथ से पकड़ कर उसकी बुर के अन्दर किया तो थोड़ा सा टोपा अन्दर की ओर चला गया.
वो बहुत ज़ोर से आहें भरती हुई चिल्लाई.

मैं थोड़ा रुका और उससे पूछा- चोदूं या रूक जाऊं थोड़ी देर?
वो बोली- जीजू मत रुको … आप तो अपना पूरा लंड एक झटके में अन्दर कर दो.

मैंने भी यह सुन कर बिना देर करे अपना पूरा लंड एक ही ज़ोरदार झटके से अन्दर कर दिया.
मीना जोर से चिल्ला रही थी- मादरचोद … मेरी पूरी बुर फाड़ दी.

मैं वैसे ही उस पर लेट गया और अपने वजन से उसे हिलने नहीं दिया.
वो कुछ देर तक रोती रही और बोलती रही ‘जीजू लंड निकाल लो.’
पर अब मैं कहां कुछ सुनने वाला था.

कुछ देर चिल्लाने के बाद वो खुद शांत हो गई.
जब मैंने महसूस किया कि मेरे लंड के भी परखच्चे उड़ गए हैं, कई जगह से मेरा लंड भी छिल गया है और उसकी बुर के साथ मेरे लंड से भी थोड़ा बहुत खून आ गया है.

ऐसा होता भी क्यों नहीं, बिल्कुल कमसिन बुर थी मेरी साली की … पहली बार में लंड पेला था और वो भी इतनी बेरहमी से लंड डाला था, तो ये तो होना ही था.

फिर वो खुद धीरे से अपनी गांड उठा कर आगे पीछे होने लगी.
मुझे सिग्नल मिलते ही मैंने भी अपने धक्के लगाना शुरू कर दिए.

वो मेरे सर को पकड़ कर अपनी छाती पर दबा रही थी.
मैं भी उसके बूबे चूसते हुए अपने धक्कों की रफ्तार बढ़ा रहा था.
वो भी अजीब अजीब आवाज़ निकाल कर मुझसे चुदे जा रही थी.

साली की बुर टाइट होने की वजह से मैं और वो ज्यादा देर तक धक्के नहीं लगा पाए.
हम दोनों एक साथ अपना पानी छोड़ बैठे और वैसे ही एक दूसरे को बांहों में भर कर गिर गए.

कुछ देर बाद जब मैं उठा तो देखा कि पूरी बेडशीट पर खून और वीर्य के निशान लग गए थे.

मेरी साली से खड़ा भी नहीं होते बन रहा था.
मैं उसे अपनी गोद में उठा कर बाथरूम में ले गया जहां मैंने उसे साफ किया और खुद को भी.

फिर मैंने उससे कहा- एक बार और हो जाए.
वो बोली- जीजू अब थोड़ा आराम करने दो … मैं कहां जा रही हूँ, आपकी ही रंडी तो हूँ. जब मन करे, बुर चुदाई कर लेना.

यह बोल कर वो और मैं ऐसे ही साथ में चिपक कर सो गए.

सुबह उठ कर हम दोनों ने फिर से चुदाई का आनन्द लिया. अब की बार हमने कुछ ज्यादा देर तक खेल का आनन्द लिया.

फिर पूरे लॉकडाउन में हमारा ये खेल चलता रहा.

तो दोस्तो, कैसी लगी आप लोगों को मेरी Xxx साली की बुर की सच्ची कहानी, मुझे मेल करके जरूर बताएं.

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