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मालिक के बेटे ने मेरी मां की चूत चोदी

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Xxx हिंदी चुदाई कहानी में पढ़ें कि मेरी मम्मी की चुत और गांड की चुदाई उनके सेठ के बेटे द्वारा की गयी. मैंने ये नजारा पूरा तो नहीं देखा पर काफी कुछ देखा.

मेरा नाम राज है और आज मैं आपको बताना चाहता हूं कि मेरी मां ने कैसे अपने सेठ जी के लड़के से चुदाई करवाई.
यह Xxx हिंदी चुदाई कहानी मेरी मां और उनकी कंपनी के मालिक के लड़के के बीच हुई चुदाई की कहानी है.

मेरी मां की उम्र 41 साल है, वह दिखने में एकदम दूध की तरह सफेद हैं.
उनके बूब्स एकदम गोल हैं और सामान्य आकार के हैं.

मेरी उम्र 20 साल है. मेरे परिवार में मैं और मेरी मां ही हैं. मेरे पापा अब नहीं रहे.

वो दीवाली का समय था.
कंपनी में साफ सफाई चल रही थी तो मेरी मम्मी एक पैर सीढ़ी पर और दूसरा पैर दरवाजे के ऊपर रखकर ऊपर छत की सफाई कर रही थीं.

मैं उधर किसी काम से गया था और अपनी मां को सीढ़ी पर चढ़ा देख कर ठिठक गया कि कहीं मेरी आवाज से मां चौंक न जाएं और वो गिर न जाएं.
तभी अचानक सेठ जी का लड़का राहुल नीचे आ गया और उसने नीचे से मां की टांगों के बीच में देखने लगा.

उस वक्त सफाई करते हुए मम्मी के पैर चौड़े हो चुके थे और उनकी साड़ी व पेटीकोट कुछ ज्यादा ही खुल चुके थे.
राहुल शायद मेरी मम्मी की चूत देख कर अपने होश खो बैठा था और वो उधर ही खड़ा रह कर मम्मी की टांगों में देखने लगा.

मुझे मालूम था कि मेरी मां की पैंटी ही उसे दिख रही होगी क्योंकि मेरी मां पैंटी पहनती हैं.

वो घूर घूर कर मां की पैंटी को देखे जा रहा था.

उस बात का पता जैसे ही मम्मी को चला, तो उन्होंने अपने कपड़े ठीक किए और अपना काम करने लगीं.
राहुल वहां से चला गया.

मैं भी मां के पास जाकर अपनी बात कहने लगा.
अगले दिन राहुल ने मां को अपने ऑफिस में बुलाया और वह उनसे छत की सफाई करने को बोला.

यह बात मुझे शाम को पता चल गई थी क्योंकि उधर हमारे पड़ोस की एक चाची भी काम करती थीं.
उन्होंने शाम को मुझे बताया था कि तुम्हारी मम्मी को सेठ जी के लड़के राहुल ने सफाई के लिए कल उसके ऑफिस में बुलाया है.
मैं दूसरे दिन राहुल के ऑफिस में चला गया.
उधर बाहर रह कर मैं छिप कर देखने लगा.

मेरी मां उसके ऑफिस की सफाई करने के लिए सामान लाने लगीं.
वो बाहर से प्लास्टिक की नीली वाली टंकी लेकर अन्दर आईं और उस पर चढ़ गईं.
अब वो अपना एक पैर ड्रम पर रखकर और दूसरा दरवाजे पर रखकर सफाई करने लगीं.

राहुल बार-बार काम बताने के बहाने उनके नीचे आने लगा और उनकी पैंटी देखने लगा.
ऐसे करते करते पूरी सफाई हो गई थी तो मां जाने लगीं.

मम्मी के ऑफिस से बाहर जाते वक़्त उसने मम्मी को पैसे थमा दिए.
तो मम्मी ने मना किया- अरे सर, पैसे की क्या जरूरत है.

तो उसने मम्मी से कहा- बात यह है कि तुम सफाई बड़ी अच्छी करती हो. पैसे रख लो, काम आएंगे. एक बात और कि क्या कल तुम हमारे घर पर भी आकर वहां पर भी सफाई कर सकती हो?
मेरी मां इंकार कैसे कर सकती थीं क्योंकि वह सेठ जी का लड़का था और तो मां ने हामी भर दी.

उसने ये भी कहा- तुम्हारी कंपनी की छुट्टी भी नहीं कटेगी, यह भी कंपनी का काम ही है … समझ गई? कल मैं तुम्हें ले चलूंगा, तुम मेरे साथ चली चलना.
मेरी मां की तरफ उसने मुस्कुरा कर दखा तो मेरी मां ने भी हंस कर हामी भर दी.

ये देख कर मुझे कुछ शक हो गया कि मेरी मन शायद राहुल से सैट हो गईं.

अगले दिन सुबह सुबह ही राहुल मेरी मां को लेकर अपने घर चला गया और वहां पर उसने मां से सफाई करने को बोल दिया.

मैं भी इधर पहुंच गया था और मां को छिप कर देखने लगा था.

वहां अन्दर जाकर मां ने देखा तो वहां पहले से ही एकदम साफ सफाई हो चुकी थी.
मां ने हंस कर कहा- सर, यहां तो पहले ही साफ सफाई हो चुकी है.

राहुल ने कहा- मैं तुम्हें यहां साफ सफाई के लिए नहीं, किसी और काम के लिए लाया हूं.
मां ने पूछा- और क्या काम है?

उसने बताया- तुम बुरा मत मानना, मैं तुम्हें एक बार चोदना चाहता हूं और इसके बदले मैं तुम्हें ₹ 5000 देने को तैयार हूं.
मेरी मां ने मना कर दिया.

राहुल ने कहा- तुम्हें क्या दिक्कत है? तुम्हें भी तो सेक्स की जरूरत होगी.
मेरी मां ने कहा- इसमें दिक्कत की क्या बात है. मैं कोई सड़क छाप रंडी हूँ जो किसी के नीचे भी लेट जाऊंगी?

राहुल- मैं भी किसी रंडी से बात नहीं कर रहा हूँ. मुझे तुम अच्छी लगती हो इसलिए मैंने तुमसे अपने दिल की बात कही है.

मेरी मां को राहुल की बात सुनकर कुछ अच्छा लगा और उन्होंने राहुल से कहा- सर प्लीज़ मुझे जाने दीजिए. मुझको आपके सामने बात करने में शर्म आ रही है.

राहुल ने मां के मुँह से ये बात सुनी तो वो समझ गया कि मेरी मां सैट हो सकती हैं.
उसने आगे बढ़ कर मां को अपनी बांहों में भर लिया और चूमने लगा.

मेरी मां उससे छूटने की कोशिश करने लगीं और कहने लगीं कि नहीं सर प्लीज़ रहने दीजिए कोई देख लेगा तो मेरी इज्जत मिट्टी में मिल जाएगी.
राहुल ने मेरी मां के दूध मसलते हुए कहा- कोई नहीं देखेगा. ये मेरा घर है. इधर मेरे सिवाय कोई नहीं आता है. बस कुछ देर के लिए मान जाओ. तुम्हें भी जवान लंड का सुख मिल जाएगा. मुझे मालूम है कि तुम्हारा पति अब इस दुनिया में नहीं रहा है.

ये सुन कर मेरी मां एकदम से राहुल से चिपक गईं और कहने लगीं- राहुल सर, मुझे बहुत डर लग रहा है.
राहुल ने में मां को सीने से चिपका लिया और कहने लगा- तुम्हें डरने की नहीं प्यार की जरूरत है.

थोड़ी देर चुप रहने के बाद मां ने मूक स्वीकृति दे दी और अपने आपको राहुल के हवाले कर दिया.
मां की स्वीकृति पाते ही राहुल ने मां को कसके पकड़ लिया और उन्हें चूमने लगा.
मेरी मां भी उसका साथ देने लगीं.

कुछ ही देर में उन दोनों की काम पिपासा चरम पर आ गई और राहुल ने एक एक करके मां के सारे कपड़े उतार दिए.
उसने मेरी मां को पूरी नंगी कर दिया था और वह उनके ऊपर टूट पड़ा था.

मेरी मां भी अपनी तरफ से उसे सब कुछ करने दे रही थीं और उसे चूम रही थीं.
उनकी आंह आह निकल रही थी जिससे साफ़ जाहिर हो रहा था कि मेरी मां की बरसों की चुदास जाग गई है.
राहुल मेरी मां के दूध दबाने लगा और बारी बारी से दोनों दूध चूसने और मसलने लगा.

करीब 15 मिनट तक दूध दबाने और चूसने के बाद उसने मां की चूत में उंगली लगा दी.
वो चूत में उंगली फेरने के साथ ही मां के मम्मों को चूसता और काटता जा रहा था.

मेरी मां कामुक सिसकारियां भरने लगीं.
राहुल ने उनकी तेज होती आवाज को दबाने के लिए अपने होंठ मां के होंठ पर रख दिए और वो उन्हें किस करने लगा.

मेरी मां भी उसका साथ दे रही थीं.
करीब 10 मिनट तक ये ही चलता रहा.

अब राहुल ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मेरी मां को लंड चूसने को कहा.
मेरी मां ने उसका लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगीं.

वो लंड को आगे पीछे करने लगीं और राहुल के लंड के नीचे लटक रहे आंडों को सहलाने लगीं.
मेरी मां जिस तरह से लंड चूस रही थीं और आंड सहला रही थीं, उससे साफ़ जाहिर हो रहा था कि मेरी मां लंड चुसाई में पीएचडी हैं.

राहुल आंख बंद करके मेरी मां के सर को अपने लंड पर दबा दबा कर उनके मुँह में लंड अन्दर गले तक पेल रहा था.
ऐसे ही लंड चूसते चूसते करीब दस मिनट हो गए थे.
उसके बाद राहुल ने तेज आह की आवाज निकाली और अपने लंड को मां के गले में जड़ तक पेल कर झड़ना शुरू कर दिया.

उसने अपना पूरा माल मेरी मां के मुँह में ही छोड़ दिया था.
मेरी मां ने लंड का पूरा रस पी लिया.

अब वो दोनों बिस्तर पर लेट गए.

कुछ देर बाद राहुल 69 में आ गया और मेरी मां की चूत को चाटने लगा.
उसका लंड फिर से मेरी मां के मुँह में गर्म होने लगा था.

कुछ ही मिनट तक चूत चाटने के बाद मां ने भी अपना माल निकाल दिया और राहुल ने पी लिया.
अब तक राहुल का लंड फिर से खड़ा होने लगा था.

उसने मां को घोड़ी बनने को कहा और अपना लंबा और मोटा लौड़ा मेरी मां की चूत में पेल दिया.

उसका लंड एकदम से घुसा तो मेरी मां एकदम से चिल्ला पड़ीं और हाथ जोड़ कर राहुल से कहने लगीं कि उन्हें बहुत दर्द हो रहा है.

पर राहुल ने मेरी मां की एक न सुनी, उसने एक और जोरदार झटका लगा दिया.
इसी झटके के साथ राहुल का पूरा लंड मां की चूत में समा गया.

मेरी मां बहुत जोर से चिल्ला उठीं.
पर राहुल रुका ही नहीं, वह झटके पर झटके दिए जा रहा था.

मेरी मां मरी कुतिया सी ऐसे चिल्ला रही थीं, जैसे उनकी चूत में घोड़े ने लंड पेल दिया हो.
मेरी मां की आंखों से आंसू बह रहे थे और राहुल उनकी एक भी बात सुनने को तैयार नहीं था.

वह बिना रुके किसी मदांध हाथी की तरह मेरी मां की चूत में धक्के देता जा रहा था.
कुछ मिनट बाद मां की दर्द भरी आवाजें बंद हो गईं और उन्हें चुदाई में मजा आने लगा था.

उन दोनों के बीच मजेदार चुदाई का खेल शुरू हो गया था.

ऐसे ही करीब 15 मिनट तक चुदाई का खेल चलता रहा.
इस बीच मेरी मां का पानी एक बार छूट भी चुका था.

मगर राहुल अब भी लंड पेले जा रहा था.

कुछ देर बाद राहुल ने कहा- आह अब जल्दी से बता मेरी जान … मैं अपना रस कहां निकालूं?
मां ने कहा- अन्दर ही निकाल दो.

राहुल ने अपना सारा वीर्य मां की चूत में ही निकाल दिया.
वो दोनों निढाल होकर बेड पर पड़े थे.

दस मिनट के बाद राहुल ने मां से कहा- मेरा लंड मुँह में ले लो.
मां ने पहले उसका लंड साफ किया और उसे मुँह में लेकर चूसने लगीं.

उन्होंने लंड को चारों तरफ से चाट कर साफ कर दिया.
वो मजे से लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी थीं.

कुछ ही देर में धीरे धीरे करके राहुल का लंड फिर से खड़ा होने लगा और पूरा तन कर सलामी मारने लगा.
अब उसने मां को फिर से घोड़ी बनने को कहा और बोला कि अब मैं तुम्हारी गांड मारूंगा.

मेरी मां मना करने लगीं कि नहीं मैंने आज तक कभी भी गांड नहीं मरवाई है. मैं घर नहीं जा पाऊंगी. तुम मेरी गांड नहीं, चूत जितनी चाहे चोद लो.

पर राहुल कहां मानने वाला था … उसने मां को उल्टा लेटाया और गांड मारने की तैयारी करने लगा.
मां ने कहा- धीरे धीरे डालना और थोड़ा सा थूक अपने लंड पर लगाकर पेलो.

राहुल ने थोड़ा सा थूक मां की गांड पर लगाया और कुछ अपने लंड पर मल लिया.
वो पहले लंड गांड के छेद पर रगड़ने लगा. फिर थोड़ा-थोड़ा करके गांड के छेद के अन्दर डालने की कोशिश करने लगा.

मां की गांड का छेद टाइट होने की वजह से लंड अन्दर नहीं जा पा रहा था.
वो बार बार फिसल कर गांड से बाहर आ रहा था.

राहुल ने थोड़ा सा थूक और लगाया और अपना लंड का टोपा मां की गांड के अन्दर डाल दिया.
मां दर्द के मारे जोर जोर से रोने लगीं.

इतनी ही देर में राहुल ने अपना लंड झटके से अन्दर डाल दिया तो उसका आधा लंड मां की गांड में घुस गया था.

मां बड़ी तेज चिल्लाईं तो उसने एक और झटके के साथ अपना पूरा लंड मां की गांड में पेल दिया.
इस तरह से उसने अपना पूरा मूसल लंड मां की गांड में पेल दिया था.

मां की गांड से खून बहने लगा था.
राहुल खून देख कर एक मिनट तक रुका रहा, बाद में वो फिर से झटके मारने लगा.

मां रोती जा रही थीं और राहुल जोर-जोर से अपना लंड अन्दर बाहर किए जा रहा था.
करीब पांच मिनट के बाद मेरी मां को गांड मराने में मजा आने लगा.
राहुल मेरी मां के दूध पकड़ कर सटासट गांड मारने लगा.

उसने दस मिनट बाद अपना सारा वीर्य मां की गांड के अन्दर ही छोड़ दिया और उनके ऊपर से उठकर अलग हो गया.
मां एकदम लस्त पड़ी थीं.

इसके बाद राहुल ने मां को बियर पिलाई और उन्हें एक दर्द की गोली दे दी.
वो दोनों नंगे ही चिपक कर कुछ समय के लिए सो गए.

एक घंटा बाद राहुल ने मेरी मां को फिर से चोदना शुरू कर दिया.
मेरी मां भी खुल कर राहुल से चुदाई का मजा ले रही थीं.

ऐसे ही राहुल ने उस दिन मां को 5 बार चोदा. उसने मां की एक बार गांड मारी और चार बार चूत चोद कर दोनों छेदों को कचौड़ी सा सुजा दिया.
अब कंपनी से छुट्टी होने का टाइम होने को आ गया था.

मैं उधर से अपने घर चला गया.

आधा घंटा बाद राहुल मेरी मां को घर पर छोड़कर चला गया.

मां जब रूम के अन्दर आ रही थीं, तो उनसे चला भी नहीं जा रहा था.
मेरे पूछने पर उन्होंने बताया कि वह आज काम करते-करते गिर गई थीं तो चोट लग गई है. इस वजह से लंगड़ा कर चल रही हैं.

मैं कुछ नहीं बोला.
मुझे सब मालूम था कि मेरी मां चुदाई से खुश होकर आई हैं.

इस सेक्स कहानी के अगले भाग में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे राहुल के एक दोस्त ने भी मेरी मां को जमकर चोदा.

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