छोड़कर सामग्री पर जाएँ

पड़ोसन भाभी की वासना

  • द्वारा


Xxx भाभी पोर्न कहानी में पढ़ें कि पड़ोस में एक बहुत गोरी सेक्सी भाभी रहने आई. मैं सोचता था कि भाभी की जवानी का रस पीने को मिल जाए तो मजा आ जाए.

दोस्तो, मेरा नाम गैरी है. मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मेरे लंड का साइज़ 6 इंच है.
मैं डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा हूँ.

मैं अपनी Xxx भाभी पोर्न कहानी आपको बता रहा हूँ.

हमारे पड़ोस में एक बहुत ही गोरी भाभी रहने आईं.
वो ऐसी मस्त माल लगती थीं मानो कोई अप्सरा हों.

उनकी शादी को दो साल हो गए थे पर कोई बच्चा नहीं हुआ था.

उन भाभी की छत और हमारी छत आपस में मिली हुई थी.

मैं चूंकि अपने घर की छत पर बने कमरे में ही रह कर अपनी पढ़ाई करता था और मेरा ज्यादातर समय छत पर बीतता था तो मैं भाभी को छत पर आते जाते देख लिया करता था.
कभी कभी हमारी बातचीत भी हो जाती थी.

भाभी स्वभाव से काफी मस्त मौला किस्म की थीं.
जल्दी ही मेरी उनके साथ बनने लगी थी.
शाम को अक्सर हम दोनों छत पर बातचीत करने लगे थे.

मैं इस फिराक में था कि भाभी की जवानी का स्वाद चखने का ऑफ़र उन्हीं की तरफ से मिल जाए तो मजा आ जाए.
भाभी को नॉनवेज खाना पसंद था मगर वो अच्छा मटन या चिकन बनाना नहीं जानती थीं.

एक दिन उनके पति कहीं गए हुए थे तो उन्होंने छत पर आकर मुझे आवाज देकर बुलाया.
मैं कमरे में था, मुझे लगा पता नहीं क्या बात है.

मैं बाहर निकला और मैंने भाभी से पूछा- क्या हुआ भाभी जी?
उन्होंने मुझसे कहा- क्या तुम मेरा एक काम कर दोगे?
मैंने कहा- हां बोलिए भाभी.

उन्होंने कहा- आज आपके भैया घर पर नहीं हैं.
मुझे लगा ये सब भाभी मुझे क्यों बता रही हैं. लगता है आज कुछ हो सकता है.

मैंने कहा- हां जी बोलिए, क्या करना है?
उन्होंने कहा- पहले आप मेरे लिए बाहर से नॉनवेज ले आओ और आप भी मेरे साथ खाना खा लेना. मुझे अकेले मजा नहीं आता है.

मैंने कहा- हां ठीक है, मैं अभी ले आता हूँ, बताइए कि क्या लाऊं … मटन चिकन या कुछ और?
भाभी बोलीं- आप बस अपनी पसंद का नॉनवेज ले आओ और दूध जरूर ले आना. रात में दूध पीना सही रहता है.

मैंने मजाक में दबी जुबान से कह दिया- आपके पास कमी थोड़ी है दूध की!
ये उन्होंने सुन लिया था.
वो बोलीं- क्या बोल रहे हो गैरी?
मैंने कहा- अभी ला देता हूँ आपके लिए दूध!

मैं जाने लगा.
तभी भाभी बोलीं- और कुछ भी ले आना, जो तुम्हें चाहिए हो रात के लिए.

मैं कुछ समझा नहीं.
मैंने पूछा- क्या लाऊं, आप ही बता दो.

भाभी बोलीं- अपनी मर्जी से ले आना जो आपको लगे कि रात में ज़रूरत पड़ सकती है.
मैंने कहा- आप ड्रिंक की कह रही हो क्या?

भाभी बोलीं- मैंने आज तक ड्रिंक नहीं की.
मैंने कहा- फिर आज मेरे साथ में कर लेना.

भाभी बोलीं- ठीक है. मेरे लिए बियर ले आना और अपने लिए जो तुम पियो … और हां, ज़रूरत का सामान जरूर लाना.

अब मैं समझ गया था कि वो कंडोम की बात कर रही हैं.
लेकिन मैं तब भी अंजान बना रहा और बोला- बताओ तो क्या लाना है?
भाभी झुंझला कर बोलीं- ओके आप बस खाना और दारू ले आओ, जाओ.

ये कह कर भाभी ने मुझे पैसे दिए और मैं चला गया.
बाजार जाकर जल्दी से खाना पैक करवा कर और बियर के साथ एक व्हिस्की का हाफ लेकर मैं घर वापस आ गया.

उनके घर के पास पहुंचते ही मेरे पास उनका कॉल आ गया कि तुम ये सब अपनी छत से लाना.
मैंने कहा- ठीक है.

मैं अपनी छत से सामान लाकर उनकी छत पर पहुंच गया और उन्हें खाना दे दिया, साथ में बियर व दारू की बोतलें भी दे दीं.

भाभी ने बियर की बोतलें फ्रिज में रखने के लिए ले लीं और व्हिस्की का हाफ देख कर बोलीं- आज इसे भी ट्राई करके देखती हूँ.

मैंने कहा- अरे भाभी लेगपीस उठाने का मजा तो व्हिस्की के साथ ही आता है.
भाभी हंस कर बोलीं- अच्छा … टांग उठाने का बड़ा अनुभव है?

मैंने भी आंख दबा कर खींसे निपोर दिए.
भाभी ने भी आंख दबा दी.

मैं वापस जाने लगा, तो उन्होंने कहा- तुम कहां जा रहे हो?
मैंने कहा- अभी रात तो होने दो, तभी तो ड्रिंक का मजा ले पाएंगे. अभी नीचे से आवाज आ जाएगी तो सब मजा किरकिरा हो जाएगा.
तो वो बोलीं- हां, पर जल्दी फ्री होना.

मैं चला गया और मैंने अपने घर के सारे काम जल्दी जल्दी निपटाए.
अब 9 बज चुके थे.

मैंने मम्मी से बोल दिया- मैं अपने कमरे में खाना ले जा रहा हूँ, वहीं खा लूंगा और सो जाऊंगा.
मैं ऐसा अक्सर करता था क्योंकि खाना जल्दी खा लेने से नींद आने लगती थी और पढ़ाई नहीं हो पाती थी.

इसलिए मैं ये बोल कर और खाना लेकर अपने कमरे में आ गया.

तभी भाभी का कॉल आया ‘हैलो.’
मैंने बोला- हां भाभी!
भाभी की उधर से लड़खड़ाती सी आवाज़ आई- गैरी जितना जल्दी आओगे, उतना ज़्यादा मजा पाओगे.

मैं चौंक गया कि भाभी ये क्या बोल रही हैं.
मुझे उनकी आवाज से पता लग गया था कि उन्होंने शायद पीनी शुरू कर दी है.

अब मैंने देर ना करते हुए उनके पास जाना ठीक समझा.
मैं भाभी से बात करते हुए ही उनकी छत पर चला गया और नीचे जाने लगा.

तभी मैंने देखा कि भाभी खुद ही ऊपर आ रही थीं.
वो मुझे पकड़ कर बोलीं- इतनी खूबसूरत भाभी के साथ खाना खाने में कोई देर करता है क्या? चलो मेरे साथ, आज मैं तुम्हें खाना चखवाती हूँ … गर्म गर्म और मसाले वाला.

ये कहती हुई वो मुझे अपने कमरे में ले गईं.
जब मैं उनके कमरे में गया तो देखा भाभी ने एक बियर खाली कर दी थी और दूसरी बियर खुल गई थी जिसे वो गिलास में डालकर पी रही थीं.
व्हिस्की की बोतल से भी कुछ माल निकल गया था.

भाभी थोड़ा नशे में भी आ गई थीं.
मैंने उनसे पूछा- आप मेन डोर लॉक तो कर आई हैं ना?

उन्होंने कहा- लॉक क्यों करूं? हम क्या सेक्स कर रहे हैं, जो लॉक करूं?
मैं उनकी ऐसी साफ़ बात सुन कर हैरान सा हो रहा था.
साथ ही मैं सजग भी हो गया था कि कहीं केएलपीडी न हो जाए.

फिर वो फ्रिज में से मेरे लिए बियर ले आईं और बोलीं- यहां आओ मेरे साथ बैठो. आज मैं पिलाऊंगी तुम्हें अच्छे से.
मैं भाभी के साथ बैठ गया.

उन्होंने सलवार सूट के साथ दुपट्टा नहीं लिया हुआ था, उनके स्तन बाहर को आ रहे थे.
ये सब देख कर मेरा लंड खड़ा हो रहा था.

उन्होंने मेरे लिए गिलास में व्हिस्की के साथ बियर डाली और कहने लगीं- लो जल्दी से पी लो. पूरी रात आज तुम मेरे साथ हो.

मैं भी पी गया और गिलास नीचे रख दिया.
उन्होंने झट से गिलास फिर से भर दिया और बोलीं- ये लो, एक और पियो.

मैं वो भी पी गया.
भाभी बोलीं- तुम दूध लाना क्यों भूल गए?

मैं सच में दूध लाना भूल गया था.
तभी उन्होंने कहा- इसलिए भूल गए ना … क्योंकि मेरे पास तो दूध की कमी नहीं है.

यह कह कर भाभी हल्के से मुस्कुरा उठी.
मैं झेंप कर नीचे देखने लगा.

उन्होंने मेरी ठुड्डी से मुझको ऊपर उठाया और सीना तानती हुई बोलीं- ये देखो … अभी मेरे इनमें दूध नहीं आता.

ये कह कर भाभी ने मेरे एक हाथ को पकड़ा और अपने स्तनों पर लगा कर दबवाने लगीं.
मुझे बियर का नशा होने लगा था और अब भाभी के दूध दबाने का मजा भी आने लगा था.

भाभी बोलीं- जितना मर्जी तेज दबा लो. लेकिन दूध नहीं आएगा.
मैंने अपना हाथ हटा लिया और अपनी बियर खत्म करने लगा.

भाभी ने कहा- यार, तुम शर्माते बहुत हो … आज के बाद तुम मेरे सामने शर्माना मत. जो चाहिए हो, साफ़ बोल देना और मुझे जो चाहिए होगा, मैं साफ बोल दूँगी.
मैंने हां में गर्दन हिला दी और भाभी से कहा- अब खाना खाने चलें?

तो भाभी बोलीं- मेरे होते हुए भी इतनी जल्दी है तुम्हें खाना खाने की?
भाभी ऐसी मस्त बातें करके मेरा लंड बार बार खड़ा कर रही थीं.

तभी उन्होंने मुझे खड़ा किया और मेरे लंड को पकड़ कर बोलीं- इसका खाना भी इसे खिलाओगे या बस खुद ही खाओगे?
मैं सकपका गया कि भाभी ये क्या कर रही हैं.

अभी मैं कुछ कहता कि तभी उन्होंने मेरा लोवर को चड्डी समेत नीचे खींच दिया और मेरे लंड को बाहर निकाल लिया.
बिजली की गति से भाभी ने मेरे पर झपट्टा मारा और लंड को मुँह में भर कर तेज़ी से चूसने लगीं.
मेरी आह निकल गई.

कुछ ही पलों में मजे आने लगा और मुझे समझ आ गया कि भाभी आज चुदवाने के मूड में हैं.

भाभी मेरे लंड को चूसती रहीं.
मैं भी उनके सर पर हाथ फेरता हुआ उनके साथ मुख मैथुन का मजा लेने लगा.

भाभी ने काफी देर तक मेरा लंड चूसा और सारा रस पी गईं.

उसके बाद हम दोनों ने बैठ कर खाना खाया.
खाना खाते समय भी वो मेरे लंड से खेलती रहीं.

खाना खाने के बाद उन्होंने मुझे घर भेज दिया और कहा- थोड़ी देर बाद मैं फोन करूंगी, तब आ जाना.
मैं भी अपने कमरे में चला गया और सिगरेट सुलगा कर भाभी की सुलगती जवानी को याद करने लगा.

मैंने थोड़ी देर आराम किया.
कुछ देर बाद भाभी का कॉल आया और उन्होंने मुझे आने का कहा.

मैं जल्दी से अपने खड़े लंड को लेकर भाभी के पास चला गया.
मैंने जाते ही देखा कि भाभी एक झीनी सी नाइटी में थीं और मुझे चुदासी नजरों से निहार रही थीं.

मैंने भी जाते ही भाभी के होंठों पर अपने होंठ रख दिए.
भाभी भी भूखी शेरनी की तरह मेरे होंठों पर लपक कर टूट पड़ीं और चूसते चूसते ही उन्होंने मुझे पूरा नंगा कर दिया.

वो मेरे लंड को ऐसे चूस रही थीं मानो भाभी को कोई नयी लॉलीपॉप मिल गई हो.

मैंने भी भाभी की नाइटी को जल्दी से उतार दिया और उनके मम्मों को चूसने मसलने में लग गया.
कुछ पल बाद मैंने अपनी एक उंगली उनकी चूत में पेल दी.

भाभी भी थोड़ी देर बाद झड़ गईं.
फिर वो बोलीं- बस अब जल्दी से लंड अन्दर डाल दो … मुझसे रुका नहीं जा रहा.

मैंने उन्हें चुदाई की पोजीशन में लिटाया और उनके ऊपर चढ़ गया.
Xxx भाभी ने मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत पर रखा और कहा- कर दो जल्दी अन्दर!

मैंने भी बिना देरी किए ज़ोर से झटका दे दिया और पूरा लंड अन्दर कर दिया.
पोर्न भाभी की आह निकली और उन्होंने लंड गड़प कर लिया.

बस फिर क्या था … मैंने भी दौड़ा दिया अपना काला घोड़ा रेस में!
भाभी भी तेज तेज आवाजों के साथ चुदाई के मजे ले रही थीं.
मैं भाभी की चूची चूसता हुआ उनकी मस्त चुदाई कर रहा था.

कुछ बीस मिनट की धकापेल चुदाई के बाद मैंने भी अपना सारा लावा भाभी के अन्दर डाल दिया.
उसके बाद मैंने भाभी की 3 बार और ली और उनके साथ ही सो गया.

अब जब भी मुझे मौका मिलता. दिन में या रात में कभी भी … मैं भाभी को खुश करने आ जाता.
भाभी भी खुश होकर मेरे सामने अपनी टांगें खोल देतीं और मेरे लवड़े को खुश कर देतीं.

ये मेरी सच्ची Xxx भाभी पोर्न कहानी आपको कैसी लगी. प्लीज़ मुझे मेल करें.
garrysandhu112001gmail.com

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *