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मौसी की बेटी की जवानी का मजा- 2

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सेक्सी 19 गर्ल सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरी मौसी की बेटी मेरे रूम में आई तो मैंने उसे सेक्स के लिए गर्म कर लिया. हम दोनों नंगे हो गए थे. उसके बाद हमने कैसे सेक्स किया?

मेरी कहानी के पहले भाग
मौसेरी बहन को सेक्स के लिए तैयार किया
में आपने पढ़ा कि मैं अपनी मौसी की बेटी को पसंद करता था, उसे चोदना चाहता था. वो मेरे घर आई तो मैंने उसे सेक्स के लिए गर्म करके नंगी कर लिया था. हम दोनों ओरल सेक्स कर रहे थे.

अब आगे सेक्सी 19 गर्ल सेक्स कहानी:

नीलम ने धीरे-धीरे मेरा अंडरवियर निकाल दिया.
अंडर वियर निकलते ही मेरा लंड एकदम से उसके सामने मुंह के पास तन कर खड़ा हो गया।

मैंने नीलम से कहा- मेरा लंड कैसा है?
तो नीलम ने कहा- बहुत प्यारा, बहुत मोटा और बड़ा है. मेरे अंदर नहीं जा पाएगा.

मैंने कहा- जानेमन, आराम से अंदर चला जाएगा. उसकी चिंता तुम मत करो. डालना तो मुझे है ना … अभी तो तुम मेरे लंड को लंड नहीं, आइसक्रीम समझो और जैसे आइसक्रीम चूसती हो उसी तरीके से मेरे लंड को प्यार से चूसो।

नीलम ने अपने दाहिने हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर उसकी चमड़ी को हल्का सा पीछे किया तो मेरे लंड का सुपारा पूरा बाहर आ गया.
उसने अब प्यार से अपनी जीभ जब पहली बार मेरे लंड पर चलायी तो … दोस्तो, मैं आपको बयां नहीं कर सकता हूं मुझको कितना आनंद आया।

नीलम अब धीरे-धीरे मेरे पूरे लंड को अपनी जीभ से चाटने लगी.
मेरे कहने पर वह बारी बारी से मेरे अंडों को भी मुंह में लेकर चूसने लगी.

थोड़ी देर बाद मैंने नीलम से कहा- नीलम!
तो उसने कहा- हां भैया?
मैंने कहा- जानती हो कि एक लड़की की तीन छेद होते है जो चोदे जाते हैं, पहला मुंह, दूसरा उसकी बुर, तीसरा उसकी गांड. अब मैं तुम्हारे पहले छेद की चुदाई करूंगा. इजाजत है मेरी प्यारी छोटी बहना? तुम्हारे भैया तुम्हारी सैंया बनकर अपने लंड से तुम्हारे मुंह को चोदे!

तो नीलम ने कहा- अपना सब कुछ आपको सौप चुकी हूं. इजाजत मांगने की जरूरत नहीं है कभी भी!
मैंने नीलम से कहा- अपने होंठ खोलो!
तो उसने अपने होठों को खोल दिया और मैंने अपना लंड उसके मुंह में पेल दिया जो उसके मुंह में बड़ी कठिनाई से जा रहा था.

मैंने नीलम का सर अपने दोनों हाथों में पकड़ लिया और धीरे-धीरे उसके मुंह को अपने लंड से चोदने लगा।

कुछ देर तक उसके मुंह को अपने लंड से चोदने के बाद मैंने अपना लंड उसके मुंह में से निकाल दिया और नीलम से कहा- जानेमन, अब तुम लेट जाओ और अपनी दोनों टांगें फैला दो. अब आपके भैया अपने लंड से आपकी बुर का उद्घाटन करेंगे।

नीलम बिस्तर पर लेट गई और अपनी टांगें फैला दी.
मैं घुटने के बल उसकी दोनों टांगों के बीच बैठ गया और नीलम से बोला- जानेमन, अपने दोनों हाथों से अपनी बुर की फांकों को फैलाओ. जरा देखें तो मेरी बहना की अंदर से कितना खूबसूरत है।

नीलम ने अपनी बुर की दोनों फाकों को यह कहते हुए फैलाया- भाई, आप बहुत गंदे हो!
तो मैंने कहा- गंदा तो हूं जानेमन, गंदा नहीं होता तो अपनी ही बहन की चुदाई कर रहा होता? पर जानती हो जितना मजा एक भाई एक बहन को चोदने में आता है उतना मजा किसी और लड़की को चोदने में नहीं आता. क्लोज रिलेशन में चुदाई करने का अपना अलग ही मजा होता है।

अब मैंने अपनी बीच की उंगली में थोड़ी सी वैसलीन लगाकर उसकी बुर में डाल दी और अंदर बाहर करने लगा.
नीलम आंखें बंद कर उंगली से चुदाई का आनंद लेने लगी.

मैंने उंगली करते हुए नीलम से पूछा- कभी उंगली की है?
तो बोली- कई बार भैया!

तब मैंने पूछा- अच्छा सच सच बताओ, कभी चुदी हो?
तो वह कसम खाने लगी- नहीं भैया, आपकी कसम, मम्मी की कसम, मैं अभी कुंवारी हूं।

मैंने अपनी उंगली उसकी बुर से बाहर निकाल कर धीरे से उसकी बुर पर एक चपत लगाई.

नीलम अचानक हुए अपनी बुर पर इस हमले से सिहर गई और बोली- आह भैया, मत मारिए!
तब मैंने कहा- मेरी प्यारी बहना, अब आदत डाल लो. अब तो जब मौका मिलेगा तब तक अपने लंड से इससे भी तेज धक्के मारूंगा।

नीलम मेरी तरफ देखती हुई बोली- मेरा प्यारा गंदे भैया, और मत तड़पाओ!
तब मैंने कहा- मेरी प्यारी गंदी बहना, अब समय आ गया है तुमको कली से फूल बनाने का! अब तुम्हारी सील टूटने का वक्त आ गया है.

तब मैंने अपने लंड पर हल्का सा वैसलीन लगाया और झुक कर अपने लंड के सुपारे को नीलम की बुर के छेद पर सेट किया और हल्का सा दबाव डाला.
तो मेरे लंड के सुपारे का अगला भाग उसकी बुर में धंस गया।
अब मैंने नीलम के ऊपर लेटते हुए उसके दोनों कंधे को अपने दोनों हाथों से दबाते हुए उससे पूछा- तैयार हो बहना?
तो नीलम ने हां कहा.
मैंने कहा- दर्द होगा, पर चीखना मत, सह लेना. कुछ देर में अपने आप खत्म हो जाएगा।

उसके हां कहते ही मैंने उसके दोनों कंधों को कसकर दबाया और अपने लंड पर कसकर दबाव डाला.
मेरा लंड उसकी कुंवारी टाइट बुर को चीरते हुए जड़ तक समा गया।

नीलम इस झटके के लिए तैयार नहीं थी, उसके मुंह से एक घुटी हुई चीख निकल गई और वह मेरे नीचे छटपटाने और दर्द से रोने लगी।

मैंने अपने लंड पर गीलापन महसूस किया तो मैं समझ गया कि नीलम की सील टूटने से उसकी बुर से खून निकल रहा है।

नीलम अपने दर्द पर काबू करने का पूरा प्रयास कर रही थी पर उसकी आंखों से आंसू निकल ही गये.
मैं नीलम के होठों को अपने होठों में लेकर प्यार से चूसने लगा.

कुछ देर बाद नीलम ने कसकर मुझे अपनी बाहों में भर लिया।

तब मैं नीलम की आंखों में देखते हुए बोला- जानेमन, चीख निकल ही गई.

तो नीलम बोली- भैया, रोकने की बहुत कोशिश की पर आपका इतना मोटा और बड़ा है कि दर्द बहुत ज्यादा हो गया. मैंने आवाज रोकने की कोशिश की थी पर निकल गई. सॉरी भैया, किसी ने सुना तो नहीं होगा?
मैंने कहा- नहीं पागल, एक भाभी हैं, वह भैया के साथ नीचे रहती है.

और मैं उसके चेहरे को अपने हाथों में लेकर उसके पूरे चेहरे पर जो आंसू थे उनको चाट गया।

मैंने अपना लंड उसकी बुर में से बाहर निकाला और जब थोड़ा सा लंड उसके बुर में था तब एक जोरदार झटका मारकर पूरा लंड उसकी बुर में घुसा दिया.
नीलम के मुंह से फिर से एक आह निकल गई और बोली- भैया, कुछ तो रहम करो अपनी इस बहना पर!

तब मैंने कहा- मेरी प्यारी पहली चुदाई में तरस नहीं खाई जाती है. कुछ देर सह लो, फिर पूरी जिंदगी लंड का मजा ही लोगी।

कुछ देर तक ऐसे ही धीरे-धीरे लंड निकाल कर जोर से झटका मारकर पूरा लंड घुसा देता था और नीलम हल्की-हल्की आह भरने लगती थी।
थोड़ी देर बाद जब नीलम सहज हो गई तो मेरी कमर पर हाथ रख कर नीचे से अपनी कमर उचकाने लगी और मुझसे बोली- अब जोर से चोदो।

अब मैंने अपनी चुदाई की रफ्तार बढ़ा दी.

कुछ देर तक मैं नीलम को तेजी से चोदता रहा, फिर अचानक नीलम ने मुझे कस कर पकड़ लिया.
मैं समझ गया कि नीलम दोबारा झड़ गई है.

मैंने अपनी चुदाई की रफ्तार और बढ़ा दी और कुछ देर बाद मैं भी नीलम की बुर में ही झड़ गया और उसके ऊपर ही लेट गया।

थोड़ी देर बाद मैंने नीलम को अपनी बाहों में भरा उसके माथे को चूमा और करवट बदल कर मैं नीचे हो गया और नीलम को अपने ऊपर कर लिया।

मैंने नीलम की दोनों टांगों को अपनी टांगों में फंसा लिया और उसके कमर चूतड़ों और पीठ को धीरे धीरे दोनों हाथों से सहलाने लगा।

नीलम ने मुझसे कहा- कर लिया ना अपने मन का भैया? आखिर अपनी बहन को चोद ही दिया. आई लव यू मेरे बहनचोद भैया! आप हमेशा मुझसे ऐसे ही प्यार करोगे ना? कभी मुझे छोड़ोगे तो नहीं?

तो मैंने कहा- नहीं जानेमन, मैं हमेशा तुमसे ही प्यार करूंगा. आई लव यू नीलम! आज से तुम मेरी जान हो. सबके सामने तुम मेरी बहन हो और अकेले में तुम मेरी बीवी रहोगी. मुझसे शादी करोगी, मेरी दुल्हन बनोगी. यह बात सिर्फ हम दोनों लोगों के बीच में रहेगी. बोलो बनोगी मेरी दुल्हन?
तो नीलम बोले- हां भैया, बनूंगी आपकी दुल्हन. बना लो आज मुझे अपनी दुल्हन।

मैंने नीलम को उठाकर बिस्तर पर बैठा दिया और उठ कर शेविंग किट से ब्लेड लेकर हल्का सा चीरा अपने अंगूठे पर लगाकर नीलम की मांग भर दी.

नीलम ने एक सोने की चेन पहनी थी, वो खोल कर मुझे दी और बोली- भैया इसे पहना दो, यह मेरा मंगलसूत्र रहेगा।
मैंने चेन नीलम को पहना दी और बोला- अब से तुम मेरी दुल्हन हो!

फिर मैंने नीलम से कहा- हर दुल्हन चुदाई से पहले मुंह दिखाई पाती है. पर मेरी दुल्हन चुदाई के बाद मुंह दिखाई पाएगी।
मैंने अपने पर्स नीलम के हाथ में रखते हुए कहा- इसमें कुछ रुपए हैं और मेरा एटीएम. जो मन करे मुझसे मुंह दिखाई के रूप में खरीद लेना।

नीलम ने पर्स लेकर उसमें से एक रुपए का सिक्का निकाला और पर्स मुझे देते हुए बोली- जान, यही मेरी मुंह दिखाई है. मुझे कुछ और नहीं चाहिए.
तब मैंने कहा- मेरी दुल्हन तो बहुत समझदार है.
और उसे अपने सीने से लगाकर उसके होठों को चूसने लगा।

अब मैं बिस्तर पर बैठ गया और नीलम को अपनी जांघों पर सामने की तरफ मुंह कर बैठा लिया.
उसकी चूचियों के दोनों निप्पल को हाथों से मसलते हुए मैं उससे बात करने लगा।

फिर मैंने नीलम से कहा- जानेमन, तुम्हारी बुर के अंदर जब मेरा लंड जा रहा था तो ऐसा लग रहा था जैसे कोई बहुत ही टाइट और गर्म चीज मैं अपने लंड से फाड़ रहा हूं. तुम्हारी बुर में बहुत गर्मी है जानेमन. ऐसा लग रहा था जैसे मेरे लंड को भी अपने अंदर पिघला देगी। तुम बताओ तुमको मेरा लंड कैसा लगा?

तो नीलम बोली- भैया, मुझको तो ऐसा लगा जैसे किसी ने लोहे का एक गर्म और सख्त छड़ मेरे बुर के अंदर डाल दी है। लेकिन आप बहुत बेदर्दी हो भैया. अपनी इस बहना पर थोड़ा सा भी तरस नहीं खाया।

उसकी चूचियों के निप्पल को दोनों हाथों से मसलते हुए उसके पीठ और गर्दन पर अपने होठों से चूमता भी रहा।

मेरा लंड फिर से पूरी तरह टाइट हो चुका था और मेरी गोद में मेरी जांघों पर बैठी मेरी जान भी पूरी तरह चुदाई के लिए गर्म हो चुकी थी और आहें भर रही थी।

मैंने नीलम से कहा- जानेमन, अब मैं तुमको डॉगी स्टाइल में चोदूंगा. कुतिया बन जाओ.
तो नीलम डॉगी स्टाइल में कुतिया बन गई और पीछे से मैंने अपना लंड सेट कर उसकी बुर में डाल दिया और उसकी कमर पकड़कर धीरे-धीरे चोदने लगा.

काफी देर तक ऐसे चोदने के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और लेट गया.
मैंने नीलम से कहा कि मेरे ऊपर आ जाए!

अब नीलम ने दोनों टांगों को मेरी कमर के दोनों तरफ करके लंड को पकड़ कर अपनी चूत पर सेट किया और धीरे-धीरे मेरे लंड पर बैठ गई.
मैंने नीलम की कमर को पकड़ लिया और नीलम ने भी कमर हिलाते हुए धीरे धीरे मेरी चुदाई शुरू कर दी.
नीचे से मैं भी धक्के लगा रहा था।

कुछ देर नीलम को ऐसे ही चोदने के बाद मैंने नीलम को बिस्तर पर लेटा कर नीचे कर दिया और उसकी दोनों टांगों के बीच जाकर अपना लंड उसकी बुर में पेल दिया.
उसकी चूची को मसलते हुए मैं अपने धक्कों की रफ्तार बढ़ाकर नीलम की चुदाई करने लगा।

थोड़ी देर बाद नीलम का शरीर अकड़ने लगा और वह दुबारा झड़ गई.

मैंने अपने धक्कों की रफ़्तार और तेज कर दी और कुछ देर बाद में भी दोबारा उसकी चूत में ही झड़ गया और नीलम के चूचियों के बीच अपना सर रख कर उसके ऊपर लेट गया।

थोड़ी देर बाद में बिस्तर पर पीठ के बल लेट गया और नीलम को अपने ऊपर आने का इशारा किया.
तो नीलम मेरे ऊपर आकर लेट गई.

उसे मैंने अपनी बाहों में भर लिया और उससे बात करने लगा।

मैंने नीलम के कमर को सहलाते हुए उससे पूछा- जानेमन, सुहागरात की चुदाई का सुहागरात मजा तो आया न?
तो नीलम बोली- मजा तो आया!

वह आगे बोली- आप बहुत बेदर्दी हो. देखो आपने अपनी ही बहन का खून निकाल दिया.
मैंने कहा- जब बहन भाई का लंड पहली बार लेकर अपना कुंवारापन खत्म करेगी तो खून तो निकलेगा ही! पर मेरी जान चिंता ना करो, आज के बाद वही निकलेगा जो तुमको पसंद है।

यह सुनकर नीलम शरमा गई और मेरे सीने पर मुक्का मारते हुए बोली- भाई आप सच में बहुत गंदे हो।
अब मैंने कहा- नीलम अब सो जाओ. सुबह जल्दी उठना है और कल तुम्हारी परीक्षा भी है.

तो वह मेरे सीने पर ही सर रखकर सो गई और उसकी कमर सहलाते सहलाते कब मुझे भी नींद लग गई पता ही नहीं चला।

सुबह जब मेरी नींद खुली तो घड़ी की तरफ देखा तो पांच बज रहे थे.
बिस्तर पर नीलम मेरे साथ नंगी पीठ के बल बेसुध होकर सो रही थी.
उसका खूबसूरत गदराया जवान नंगा बदन मुझे खुला आमंत्रण दे रहा था।

मैंने नीलम को जगाया तो उसने आंखें खोलते हुए कहा- क्या हुआ भैया?
तो मैंने कहा- कुछ नहीं, बस आपके सैंया जी का मन आपको चोदने का कर रहा है।

और मैंने नीलम के दोनों टांगों को फैला कर अपने लंड पर हल्का सा थूक लगाकर अपना लंड नीलम की बुर में एक बार फिर से पेल दिया और धक्के मार कर एक बार फिर नीलम को चोदने लगा।
इस बार फिर से मैंने नीलम की जबरदस्त चुदाई की.

उसके बाद हम दोनों फ्रेश हुए.
तब तक सुबह हो गई थी.

मैं और नीलम तैयार हुए और मैं उसको परीक्षा दिलवाने के लिए गया।
मैंने मौसी को कॉल कर परीक्षा के अगले दिन भी नीलम को अपने पास रोक लिया और तीन रातों में नीलम को अपनी दुल्हन बनाकर कई बार चोदा।

फिर अगले दिन नीलम को मैंने उसके घर पहुंचा दिया।

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