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फेसबुक गर्लफ्रेंड के साथ सुहागरात

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सेकंड वाइफ सेक्स कहानी में पढ़ें कि मैंने अपनी दोस्त को सुहागरात का मजा देने का सोचा. मैंने उसके साथ शादी की और फिर होटल के कमरे को सजवाकर उसे तोहफा दिया.

नमस्कार दोस्तों. मैं विकास अग्रवाल छत्तीसगढ़ से.

दोस्तो, मेरी पहली सेक्स कहानी
पत्नी की बेरुखी से मेरे कदम डगमगा गए
आप सबको कैसी लगी. कृपया मेरी ईमेल आईडी पर जरूर बताएं.

आपने अब तक पढ़ा था कि मेरा और संजना की प्रथम मिलन रायपुर के एक 5 स्टार होटल में हुआ था.
हम दोनों अपने प्रथम मिलन के बाद बहुत ज्यादा संतुष्ट थे और एक दूसरे को बांहों में लेकर सो गए थे.

अब आगे सेकंड वाइफ सेक्स कहानी:

सुबह जब मेरी नींद खुली, उस समय संजना सो रही थी. वो नंगी थी और मेरी बांहों में थी.

ऊपर वाले ने संजना का जिस्म क्या बनाया था दोस्तो, जिसका बयां लफ्जों में करना नामुमकिन है. मैं खुद पर काबू नहीं रख सका. संजना के एक दूध को फिर से मसलने लगा और अपने मुँह में लेकर चूसने लगा.

मेरी इस हरकत से संजना की आंख खुल गयी और वो मेरे बालों को सहलाने लगी.

संजना ने कहा- जान, मुझे बाथरूम जाना है.

मैंने उसकी बात मान कर उसे छोड़ दिया.
संजना जैसे ही उठी, उसकी चूत में दर्द हुआ. उसने मेरी तरफ कातर भाव से देखा.

मैं समझ गया और जल्दी से उठ कर संजना को अपनी बांहों में उठा कर उसे बाथरूम में ले गया. अन्दर उसे मैंने कमोड पर बैठा दिया.

संजना शर्म के मारे लाल हो रही थी.

मैंने संजना के लिए गर्म पानी एक मग में भर लिया और नैपकिन से संजना की चूत की सिकाई करने लगा.
इससे संजना को बहुत आराम मिला.

अब तक काफी देर हो गई थी.
मैंने उससे पूछा- नाश्ता रूम में करेंगे या नीचे होटल के रेस्टोरेंट में चलें?
संजना ने कहा- नीचे ही चलते है. आप बाहर जाओ, मुझे रेडी होने दो.
मैंने कहा- ठीक है जान रेडी हो जाओ, तब तक मैं बाहर से आता हूँ. मैं गेट को बाहर से लॉक कर देता हूँ ताकि तुम आराम से रेडी हो जाओ.

मैं रूम को बाहर से लॉक करके होटल के मैनेजर से मिला और उसको रूम को सजाने के लिए बोला. उससे रेट आदि तय करके कुछ पैसे दे दिया.

मैंने उससे कहा- अभी मैं और मेरी पत्नी नीचे रेस्टोरेंट में जाएंगे, तब तक तुम रूम को हनीमून कपल के लिए सजवा देना.

मैनेजर बात को समझ गया.
मैं जल्दी से रायपुर में गोल्ड की शॉप में गया, जो होटल के एकदम पास थी.
उसका पता मैंने मैनेजर से लिया था.

वहां जाकर मैंने एक गिफ्ट संजना के लिए पैक कराया.
अब मैं जल्दी से होटल आ गया और रूम में आ गया.

संजना तैयार हो चुकी थी.
उसने लाल रंग की साड़ी पहनी थी जिसमें वो एकदम दुल्हन लग रही थी.

मैंने संजना की हाथों में हाथ डाला और दोनों नीचे रेस्टोरेंट में जाने के लिए रूम से निकल गए.

रास्ते में मैंने रूम की चाबी होटल मैनेजर को दे दी और उसे इशारे से समझा दिया.

मैं और संजना खाना खाकर होटल से बाहर घूमने चले गए.
मैंने संजना को शादी के लिए कहा तो संजना ने हां कर दी.

मंदिर में मैंने हमारी शादी के लिए बात फिक्स कर ली.
पंडित जी ने चार बजे का मुहूर्त निकाला था.

अभी बारह ही बजे थे, चार बजने में अभी बहुत समय बाकी था.

हम दोनों एक पार्क में आ गए और बातें करने लगे.
संजना ने मुझे अपने जीवन में हुए घटना क्रम के बारे में बताया और मैंने उसे अपने बारे में बताया.

फिर मैंने उससे कहा- शादी के बाद तुम मेरे साथ रहने के लिए एक अलग फ्लैट में रहना.
वो बोली- जिधर आप मुझे रखोगे, मैं रह लूंगी.

मैंने उसे बताया कि मेरे पास एक फ्लैट खाली है उसमें मैं अपने दोस्तो के साथ कभी कभी जाता रहता हूँ.
वो समझ गई और बोली- आज से आपको दोस्तो को उस फ्लैट में ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. मैं ही आपके लिए सारा इंतजाम कर दिया करूंगी.

मैं हंस दिया और मैंने कहा- तुम कितनी समझदार हो संजना. सच में मैं तुम्हारा आदी बनता जा रहा हूँ!
संजना ने मेरी गोद में सर रख दिया.

इसी तरह से हम दोनों बातें करते रहे और अब खाने का समय हो गया था तो हमने एक होटल में खाना खाया और मन्दिर की तरफ चल दिए.

मंदिर में पंडित जी ने हम दोनों को शादी के बंधन में बांधा और आशीर्वाद दिया.
मैंने सेकंड वाइफ संजना की मांग भरी और उसने मेरे पैर छुए.

शादी के बाद मैंने पंडित जी को दक्षिणा दी और हम दोनों ने होटल का रुख किया.
अब आठ बज गए थे.

अब मैं और संजना होटल में वापस आ गए.

पहले हम दोनों ने खाना खाया और कमरे की तरफ बढ़ गए.

मैनेजर से मैंने रूम की चाबी ली और हम दोनों रूम में जाने लगे.
मैंने रूम की चाबी संजना को दे दी.

और संजना रूम खोल के जैसे ही अन्दर हुई, वो बहुत ज्यादा खुश हो गयी.

मैंने रूम का गेट लॉक किया और संजना को पीछे से पकड़ कर उसकी गर्दन में चूमने लगा.
संजना आह आह कर रही थी.

मैंने संजना के दोनों दूध के पीछे से पकड़ लिए और उन्हें मस्ती से दबाने लगा.
संजना ने आंख बंद करके अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ लिया और सहलाने लगी.

मैं संजना को अपनी तरफ करके उसके होंठों को चूमने लगा.
वो भी मेरा पूरा साथ देने लगी.

अब मैंने संजना को बिस्तर पर बैठा दिया और अपनी जेब में रखी एक गोल्ड की चैन निकाल कर संजना के गले में पहना दी.

वो बोली- अरे ये क्यों?
मैंने संजना से कहा- जान आज हमारी सुहागरात है.

वो मुस्कुराई और बोली- तो जान हम दोनों ने कल क्या किया था?
मैंने हंस कर कहा- कल चैक किया था कि मशीन सही से काम कर रही है या नहीं!

वो हंस पड़ी और मेरे सीने से लग गई. वो बोली- फिर सुहागरात तो शादी के बाद होती है न … पहले वाले संगम को क्या नाम दोगे जान?
मैंने संजना से कहा- उसे हम लोग बिन फेरे हम तेरे सनम का नाम देंगे.

संजना ने हंस कर अपनी बांहों को फैला दिया और मुझसे बोली- जान मेरी बांहों में आ जाओ.
मैं उसके करीब हुआ तो उसने मेरे चेहरे में चुम्मियों की झड़ी लगा दी.

संजना ने कहा- आई लव यू सो मच. आपने मुझे जो सरप्राइज दिया है, वैसा आज तक मुझे मेरे नपुंसक पति ने भी नहीं दिया था. आपने जो प्यार मुझे एक ही दिन में दिया है, उसके लिए मैं ज़िन्दगी भर के लिए आपकी कर्ज़दार हो गई हूँ.
ये कहते हुए संजना की आंखें भर आईं.

मैंने सेकंड वाइफ को बांहों में ले लिया और कहा- जान, तुम मेरी वाइफ हो और मुझे अपनी वाइफ की आंखों में आंसू अच्छे नहीं लगते. बस तुम मुझे ज़िन्दगी भर प्यार करती रहना. मुझे और कुछ नहीं चाहिए तुमसे.

मैं संजना के चेहरे को चूमने लगा.
संजना भी साथ में मुझे चूमने लगी.

इसी चूमाचाटी में हम दोनों की वासना भड़कने लगी और सेक्स का सैलाब आने लगा.
मैंने संजना की साड़ी को खोल दिया और संजना का पेटीकोट और ब्लाउज भी खोल दिया.

अब संजना मेरे सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी.
संजना ने मेरे भी कपड़े खोल दिए और मैंने अपना अंडरवियर भी निकाल दिया.

मैं संजना के सामने बिल्कुल नंगा था.
वो मेरे लंड को देख कर गर्मा गई.

मैंने भी संजना की ब्रा और पैंटी को निकाल दिया.
अब संजना भी मेरे सामने पूरी नंगी थी.

मैंने संजना को पकड़ लिया और उसके जिस्म के साथ खेलने लगा.
मैं उसके जिस्म को चूमने लगा, चाटने लगा.

संजना आह आह करती, कभी मादक कराह भरती.
मैंने संजना के जिस्म में बहुत जगह लवबाईट भी बना दिए थे.

संजना ने भी अपने नाख़ूनों से मेरे जिस्म में जगह जगह निशान बना दिए.

अब मैंने संजना की चूत की तरफ रुख किया.
उसकी चूत बहुत गीली थी.

मैं संजना की चूत को चूमने लगा.
वो जल्दी से मुझे लेटा कर मेरे ऊपर लेट गयी और 69 की पोजीशन बना कर मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी.

मैं संजना की चूत को चूसने लगा.
मैंने उसकी चूत की फांकों को फैला कर उसकी गहराई में अपनी जीभ पेल दी और उसे चोदने लगा.
कुछ ही पलों में संजना को मजा आने लगा और उसने कहा- आंह जान, अब चोद दो. अब मुझसे सहन नहीं हो रहा है.

मैंने संजना से कहा- अब तुम मेरे ऊपर सवारी करो!
संजना तुरंत घूम गयी और मेरे मुँह में अपना मुँह लगा कर एक चुम्मी ली और लंड की सवारी करने के लिए मेरे लंड को पकड़ कर सहलाने लगी.

वो मेरे ऊपर चढ़ गई और लंड को हाथ से पकड़ कर अपनी चूत डालने लगी.
संजना की गीली चूत में मेरा कड़क लंड जाने लगा.
वो धीरे धीरे मेरे पूरे लंड को अपनी चूत में खा गई और दांतों से होंठ दबा कर लौड़े पर बैठ गयी.

इस समय मेरा लंड उसकी चूत में पूरा घुस गया था और संजना उस पल के मीठे दर्द का इजहार अपने होंठ दबा कर कर रही थी.

कुछ पल बाद संजना मेरे लंड पर कूदने लगी और मैं संजना के थिरकते मम्मों को मसलने लगा.
संजना आह आह करते हुए मेरे लंड पर कूदती रही.

कमरे में एसी के बावजूद हम दोनों पसीने से भीग चुके थे, पर एक दूसरे को चोदने में लगे थे.

कुछ देर बाद संजना थक गई और मेरे ऊपर लेट गयी.
अब मैंने करवट मारी और संजना के ऊपर आ गया.

मैंने संजना की चूत में से अपना लंड निकलने नहीं दिया और ऊपर चढ़ कर उसे धकापेल चोदने लगा.

संजना भी अपनी कमर को उठा उठा कर लंड को अपनी चूत में लेने लगी.
कुछ देर बाद मैंने संजना को डॉगी स्टाइल में आने को बोला.

संजना तुरंत अपने हाथ और घुटनों के बल पर बिस्तर में कुतिया सी बन गयी.

मैंने संजना की चूत को पीछे से चूमा और साथ साथ संजना की गांड को भी चूमने लगा.
संजना आह आह कर रही थी.

मैंने उसकी गीली चूत में अपना लंड पूरा एक बार में डाल दिया और चोदने लगा.

संजना अपनी गांड आगे पीछे करके मेरे लंड के साथ ताल से ताल मिलाती हुई चुदने लगी.
उसकी चूत चोदते वक़्त पट पट की मधुर आवाज़ आ रही थी.

मैं चूत चोदते हुए उसकी गांड में भी उंगली करने लगा.
संजना आह आह जोर से करने लगी. संजना बोली- जान मैं झड़ने वाली हूँ, ऐसे ही जोर जोर से चोदो.

बस संजना आह आह करती हुई झड़ गयी.
संजना की चूत से उसका अमृत निकलने लगा और मेरा लंड अब और ज्यादा तेज़ी से अन्दर बाहर होने लगा.

कुछ ही देर में मैं भी झड़ने के करीब आ गया था. संजना की चूत को चोदते हुए मैं भी संजना की चूत में झड़ गया और मैंने अपना वीर्य उसकी चूत में डाल दिया.
संजना आह आह करने लगी.

मस्त चुदाई हुई थी.
हम दोनों थक गए थे और एक दूसरे को बांहों में लेकर नंगे ही सो गए.

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