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सेक्स की भूखी आंटी ने चूत चुदाई करवाई

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पुसी लिक क्रेविंग आंटी से मिलवाया मेरी एक दूसरी आंटी ने! हमारी निकटता बढ़ी तो उन्होंने मुझे अपने घर बुलाया. हम सेक्स करने लगे तो उन्होंने मेरा चेहरा अपनी चूत पर दबा दिया.

फ्रेंड्स, मेरा नाम अंगद सिंह है. मेरी उम्र 27 साल है और मैं सिरसा हरियाणा का रहने वाला हूं.

चुदाई को तरसती हुई हर चूत को मेरे 7 इंच के लंड का प्रणाम पहुंचे.

ये सेक्स कहानी अरोड़ा आंटी की सहेली डबवाली वाली सादिया (बदला हुआ नाम) के साथ मेरे रोमांटिक सेक्स एनकाउंटर की है.

मैंने कैसे उन पुसी लिक क्रेविंग आंटी की चुदाई की, आइए पढ़ते हैं.
अरोड़ा आंटी को चोदने के बाद मैं घर आ गया.

घर आकर फिर से वीडियो सेक्स्टिंग शुरू हो गई थी. सेक्स्टिंग में हम दोनों एक दूसरे से सेक्स चैट करते थे.

आंटी अपनी सहेली सादिया और उनके पति की सेक्स लाइफ पर चर्चा करती थीं.
बातों बातों में पता चला कि उनकी सहेली भी नए लंड को टेस्ट करने की फिराक में थीं.

उन्होंने बताया कि अगर कोई विश्वास लायक मर्द लिमिट में रहते हुए यानि बिना किसी को पता चले उनकी चुदाई कर दे, तो वो ऐसे मर्द के लिए बिछने को तैयार हैं.

आंटी मेरे मुँह से हां सुनना चाहती थीं.
मुझे बैठे बिठाए एक और चूत चोदने मिल रही थी तो मैंने बिना भाव खाए तुरंत अपना प्रस्ताव पेश कर सादिया और आंटी भी राजी हो गईं.

मुझे सादिया की मेल आईडी मिल गई और जैसा मुझे आंटी ने बताया मैंने सादिया को हैंगआउट पर रिक्वेस्ट भेज दी.
उन्हें हैलो का मैसेज डाल दिया.

कुछ दिन गुजरे, पर रिप्लाई नहीं मिला.
चूंकि वो एक सम्भ्रांत परिवार से ताल्लुक रखती थीं और हद में रह कर ही मुझसे चुदना चाहती थीं, तो मैंने भी आंटी को उनका नंबर देने के लिए जोर नहीं दिया.

आंटी ने मुझे इतना बता कर जिज्ञासा शांत की कि वे सादिया को मेरी हैंगआउट रिक्वेस्ट के बारे में बता चुकी हैं.

मेरी जिज्ञासा तो शांत हुई पर मुझ पर तो सादिया को चोदने का भूत सवार था.
सेक्स्टिंग और आंटी के साथ सेक्स रिलेशन से सीखा था कि औरत के दिल तक पहुंच कर चुदाई करने के लिए उनकी पसंद नापसंद, हदों को अहमियत देनी पड़ती है.
तो मैंने भी दिन गुजरने दिए.

इंतजार करते करते एक रात उनका रिप्लाई आया.
चूंकि मैं रात को सेक्स्टिंग के लिए हैंग आउट पर ऑनलाइन था तो मैंने उनके रिप्लाई का फट से जवाब सादिया और हमारी चैट शुरू हो गई.

सादिया अपने पति के सोने के बाद मुझसे संपर्क में थीं, जैसा सेक्स्टिंग में अक्सर शादीशुदा और चुदाऊ किस्म की औरतें करती हैं.
सादिया और मैं … हम दोनों पहले उनके घर पर मिल चुके थे.

जब मैं अरोड़ा आंटी को पहली बार चोदने गया था, तो हम दोनों ने सेक्स में अपनी अपनी पसंद बताई थी. उन्होंने बताया था कि वो अपने पति से रोज चुदती और संतुष्ट होती हैं पर सेक्स में अपनी कुछ फैंटसी की पूर्ति के लिए नए मर्द से चुदना चाहती हैं.

मैंने उनकी बात को ध्यान से सुना.
वो आगे बोलीं- मुझे भी अपनी सहेली यानि तुम्हारी अरोड़ा आंटी की तरह चूत चटवानी और चुदवानी है.

मैंने कहा- जी हां. मुझे भी चूत चाटना पसंद है. बताएं कब करना है?
उन्होंने बताया कि मेरे पति की इसी शहर में दुकान होने की वजह से वो दिन में कई बार घर आ जाते हैं. इसलिए रोजमर्रा की बजाए किसी व्यस्त दिन में चुदाई करवाना सेफ रहेगी.

सादिया जी की उम्र 39 साल की थी. उनके दो बेटे थे, जो शहर से बाहर पढ़ने जाते थे.
सुरक्षित चुदाई के लिए उनके शौहर का व्यस्ततम दिन चुना गया.

उस दिन तक हम रोज घंटों तक वीडियो और वॉइस सेक्स करते थे.
हम एक दूसरे की पर्सनल और सेक्सुअल लाइफ के बारे में काफी कुछ जानने लगे थे और हमने नंबर भी शेयर कर लिए थे.

मैं उनकी दिली तमन्ना को और हवा देता था.
इसके साथ साथ मैंने अपने घर पर बिसात बिछानी शुरू कर दी.

मैं तयशुदा दिन पर फिर से शॉपिंग का बहाना बना कर बाहर जाने के लिए सफल हो गया.

जब कायनात चुदाई होने देना चाहती थी तो किसी की क्या मजाल थी.

जैसा तय हुआ था, मैं उस दिन उनके शहर सुबह जल्दी पहुंच गया.

उनके पति के घर से दुकान को निकलने के बाद चोर की तरह नजरें बचा कर घर में घुसा.
उन्होंने मुझे अन्दर लिया और मेन गेट लॉक कर दिया.

वो लाइट पिंक मैक्सी में थीं और जबरदस्त सेक्सी लग रही थीं.

गेट बंद होते ही मैंने सादिया को पीछे से पकड़ लिया और कंधे और कान के नीचे किस करने लगा.

मेरे अचानक ऐसा करने पर पहले तो वो सिहर सी गईं पर अगले ही पल चुपचाप मेरी चुम्मा चाटी में साथ देने लगीं.
वो पलट कर मुझसे बोलीं- मेरे चोदू राजा टाइम कम है … और तुम ये सब बैडरूम में चल कर करो.

ये सुनते ही मैंने अपने होंठ उनके होंठों पर रख दिए और चूसना शुरू कर दिया.
जैसे जैसे मैं उनके होंठ चूस रहा था, वैसे वैसे उनका बदन ढीला और पकड़ मजबूत होती जा रही थी.

किस करते करते मैंने उनके बदन से मैक्सी अलग कर दी थी. वो बिल्कुल नंगी थीं, पर मेरी किस से उनका दिल दिमाग़ किसिंग पर ही था.
किस के बाद मैंने उनको झट से गोद में उठा लिया और बैडरूम में ले जाकर बेड पर लेटा दिया.

अगले ही पल उनके पैरों को चूमते हुए उनकी जांघों और पेट तक को चूमने लगा.
उनकी चूत बालों से ढकी हुई थी.

मैंने चूत को हल्का सा चूमा और वो सिसकारी भरती हुई टांगें बंद करने लगीं.
मैं उनके मम्मों पर आ गया. उनके बूब्स संतरे के साइज के थे.

अरोड़ा आंटी के बूब्स से बिल्कुल आधे, पर दूध जैसे सफ़ेद … और निप्पलों तो क्या ही बताऊं … एकदम गेहुआ रंग.
देख कर दिल कर रहा था कि कितना अच्छा हो … अगर ये निप्पल जिंदगी भर चूसने को मिलें.

मैं भी झट से नंगा हो गया. मौके की नजाकत और उनकी वक्त की कमी को दखते हुए उनके ऊपर चढ़ कर झटके से निप्पल को मुँह में भर के चूसना शुरू कर सादिया और दूसरे संतरे को हाथ में लेकर मसलना शुरू कर दिया.

मेरी इस हरकत से सादिया ‘ऊं … ऊं … उन्म …’ करती हुई अपनी गांड और कमर को ऐसे ऊपर उठा रही थीं और पटक रही थीं … जैसे ये सब उनके साथ पहली बार हो रहा हो.

उन्होंने मुझे कस कर पकड़ा हुआ था.

मैंने उनको और गर्म करने के लिए भद्दी सी गाली दी, पर इस पर वो नाराज हो गयीं और मुझे दूर करते हुए बोलीं कि मुझे ये सब पसंद नहीं.
मैंने माफी मांगी.

उन्होंने कहा कि मेरे पति मुझको गाली देते हुए बेरहमी से चोदते हैं. रोज शराब पीते हैं, खुद के मूड के हिसाब से मुझे प्यार किए बिना सीधे लंड पर तेल लगाकर चूत और गांड मार देते हैं. देर तक और बेरहमी से चुदने पर मैं झड़ तो जाती हूं, पर रोमांस और चूत को चटवाने के लिए तरसती हुई रह जाती हूं. हर बार मुझे एक रखैल का सा अहसास होता है. मैंने कभी गैर मर्द से नहीं चुदवाना चाहा, पर अब यह फैंटसी मेरे सिर चढ़ चुकी है.
मैं चुपचाप उन्हें सुन रहा था.

दिया- मेरी सहेली ने तुम्हारे साथ सेक्स एक्सपीरियंस के बारे में जब मुझे बताया तो मुझसे रहा नहीं गया. यही वजह है कि तुम इस वक्त वो मेरे साथ बिस्तर पर हो.

मैंने फिर से उनसे माफी मांगी और फिर से उनके होंठ चूसने शुरू कर दिए और बूब्स मसलने भी शुरू कर दिए.

उनके होंठ इतने रसीले थे कि छोड़ने का मन नहीं हो रहा था.

कुछ देर बाद वो फिर से गर्म हो चुकी थीं और उन्होंने मेरा साथ देना शुरू कर सादिया था.

वो मेरे सिर पर जोर देती हुई मुझे अपनी चूत तक ले गईं.

चूत चटवाना उनकी प्राथमिकता थी तो मैं ये काम अच्छी तरह करके उनको चूत चटाई का असली सुख देना चाहता था.

मैंने उनकी चूत की खुशबू सूंघी और चूत पर जीभ रख दी. बालों से ढकी चूत का छेद हल्का सा दिख रहा था.

मैंने उनकी बुर होंठों में भर ली और चूसना शुरू कर दिया.
जैसे ही मेरे होंठ उनकी चूत पर पड़े, उन्होंने अपना सिर बेड पर पटकना शुरू कर दिया.
वे अपनी गांड और कमर हवा में उठा ली और मोनिंग करने लगीं ‘आआह उम्म्म्म मेरे चोदू राजा मम्म माय बेबी उम्म चूस लो आह.’

मैंने चूत चाटना छोड़ कर मुँह के पास मुँह ले गया और किस करते हुए बोला- डार्लिंग, मुझे आपकी चूत की शेव करनी है.

उन्होंने कहा- मेरे चोदू राजा, मैं तुम्हारी गुलाम हूँ, जो करना करो … पर जल्दी करो.
मैं उनको गोद में उठा कर अटैच्ड बाथ रूम में ले गया.

उन्होंने मुझे शेविंग किट पकड़ा दी.
मैंने उनको बाथटब के किनारे पर बैठा कर टांगें फैला दीं और चूत की शेव करने लगा.

कुछ मिनट्स में शेव करके चूत को साफ कर दिया.
उफ़ क्या चूत थी उनकी!

ज्यादा चुदाई से ढीली तो थी पर चूत की दोनों फांकें उनके निप्पलों की ही तरह गेहुंआ रंग की थीं.
मेरा लंड भी मोटाई में अच्छा खासा है तो मुझे चुदाई में भी पूरा मजा आने वाला था.

मैंने चूत साफ करके बाल हटा दिए और उनकी तरफ देखा.
वो बोलीं- तुम बेड पर मेरे आने का वेट करो, मैं नहा कर आती हूं.

चूंकि उनका वजन ज्यादा नहीं था तो मैंने उनको गोद में उठा लिया और कहा- डार्लिंग, मैं आपको यहीं प्यार करता हूं.
वो मेरी दीवानी हो चुकी थीं तो झट से मान गईं.

मैंने वापिस से टब के किनारे पर बैठा दिया और टांगें फैला कर चूत पर मुँह रख दिया.
उन्होंने फिर से जोर की सिसकारी भरते हुए मेरा सिर पकड़ लिया और मोनिंग करती हुई कहने लगीं- आई लव यू अंगद … आआह तुम मेरे चोदू राजा हो बेबी … उम्म्म्म अपनी प्यासी आंटी की चूत ऐसे ही उम्म्म चाटते रहना … उम्म्म!

उनकी चूत ने प्री कम बहाना शुरू कर दिया था और मैंने फांकों को मुँह में भरके पीना, जोर से खींचना और खींचकर छोड़ना, फांकों के बीच में जीभ फिराना जारी रखा.
पुसी लिक क्रेविंग आंटी ने मेरे सिर को जोर से पकड़ा हुआ था और टांगें भींच रही थीं.

आंटी कामुक आवाज में बोल रही थीं- अंगद चोद दो ना बेबी प्लीज … गोद में उठा कर पेल दो.
उनकी सीत्कार भरी आवाज में बोलना मेरी उत्तेजना को और बढ़ा रहा था.

मैंने उनकी रिक्वेस्ट्स को इग्नोर करते हुए उनकी चूत में जीभ उतारकर जीभ से चूत चोदनी शुरू कर दी थी.
उनको पसीना आ गया था और उनकी आवाज रोने जैसी होने लगी थी.

वो चरम पर थीं और कहने लगी थीं- डार्लिंग मैं तेरी गुलाम हूँ. मुझे और मत तड़पा … बस चोद दे.
मैंने फटाफट उनको गोद में उठाया.
वो लंड के लिए इस कदर तड़प रही थीं कि फटाफट से लंड को हाथ से चूत पर सैट करके चूत के अन्दर ले लिया.

मैं उनको ऐसे ही बैडरूम में ले आया और उनकी गांड के नीचे हथेलियां लगाकर लंड पर उछालना शुरू कर दिया.

वो इस कदर पागल हो चुकी थीं कि जोर जोर से आहें भरने लगीं और मचलने लगीं.
पांच शॉट्स के बाद उन्होंने अपना सिर जोर से पकड़ लिया. वो कई बार कंपकंपाईं और उन पर बेहोशी सी छा गयी.

मैं औरत के इस अंदाज से परिचित था क्योंकि इसी तरह मेरी गर्लफ्रेंड आरिफा (बदला हुआ नाम) और अरोड़ा आंटी को जब भी मैं इस पोजीशन में उनको चोदता था, वो भी ऐसे ही कंपकंपाती हुई डिस्चार्ज होती थीं.

उनके झड़ने के बाद मैं उनके पेट पर आ गया और मुठ मारते हुए कमशॉट उनके पेट और बूब्स पर मारे और उनके बगल में लेट गया.
कुछ सेकेंड्स तक वो आंख बंद करके पड़ी रहीं और वीर्य को साफ किया.

फिर मुझे गले से लगाती हुई मुझे थैंक्यू बोला और कहने लगीं- जितना तुम्हारे बारे में सुना, तुम उससे भी ज्यादा हो. चुदाई में तुम पागल कर देते हो, आई लव यू. मैं सिर्फ एक बार ये करना चाहती थी, पर अब मैं तुम्हें प्यार करती हूँ, तो तुम्हें मेरे प्यार के लिए और ज्यादा टाइम निकालना होगा.
हम दोनों और चुदाई चाहते थे पर दिन के वक्त और किसी के भी आ जाने वाले खतरे को देखते हुए मैंने उनको विदा कहा और शॉपिंग करके वापिस घर आ गया.

दोस्तो, इन दो आंटियों को मैंने और भी कई बार चुदाई का चरम सुख दिया.
वो किसी और सेक्स कहानी में बताऊंगा.

मेरी गर्लफ्रेंड आरिफा के साथ में 3 साल रिलेशनशिप में रहा.
इन सालों में जो और जैसे हमारे जिस्मानी रिश्ते रहे, उन हसीन पलों से भी आपको रूबरू करवाता रहूंगा.

आपको ये पुसी लिक क्रेविंग आंटी की चुदाई कैसी लगी. मुझे बताइएगा जरूर!
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