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गे सेक्स में बीवी बनकर गांड मरवाई

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माय एस फक कहानी मेरी गांड चुदाई की ख्वाहिश की है. मुझे शुरू से ही लड़कियों की तरह रहना पसंद था। मैंने ऑनलाइन एक लड़का पटाया और उसका लंड अपनी गांड में लिया।

दोस्तो, मेरा नाम राहुल है। मेरी उम्र 19 साल है।
मैं बिहार के भागलपुर का रहने वाला हूं।

दोस्तो, मैं आपको अपनी जिंदगी के बारे में बहुत ही खास बात बताने जा रहा हूं, जो बहुत कम लोगों को पता है।

यूं तो मैं लड़का हूं लेकिन मैं लड़कियों की तरह रहना पसंद करता हूं।

मेरा बदन भी बिल्कुल लड़कियों के जैसा ही है।
मैं शरीर से पतला और रंग से बिल्कुल गोरा हूं।
मेरी त्वचा भी एकदम से नर्म है।

मेरे शरीर पर बिल्कुल भी बाल नहीं हैं।
जो थोड़े बहुत बाल कहीं आते हैं उन्हें मैं शेव कर लेता हूं इसलिए मैं एकदम चिकना लगता हूं।

माय एस फक कहानी कुछ महीने पहले की ही है।

मैं पढ़ाई के लिए पुणे आ गया था और यहां मैं रूम लेकर रह रहा था।

रूम पर अकेला था तो मैं अपने अंदर की ख्वाहिशें भी पूरी कर सकता था जो मैं अपने परिवार के साथ रहकर पूरी नहीं कर पा रहा था।
मैं यहां पर जैसे मर्जी रह सकता था यानि कि लड़कियों की तरह भी रह सकता था।

मुझे कोई देखने वाला या टोकने वाला भी नहीं था इसलिए मैं लड़कियों वाली ड्रेस पहना करता था।
लड़कियों की ड्रेस के अलावा मैं ब्रा-पैंटी भी पहना करता था।

रूम पर रहते हुए मेरे पास लड़कियों वाले कपड़ों का पूरा कलेक्शन हो गया था जिसमें कई तरह की ब्रा-पैंटी भी शामिल थीं।
साथ ही नैकलेस, और साज-शृंगार का दूसरा सामान भी मैंने खरीद रखा था।

मैं दिनभर लड़कियों की तरह ही रहना पसंद करता था।

मेरा लंड बहुत छोटा है। लंड न कहूं तो ही ठीक है, लुल्ली कहूं तो ज्यादा उचित होगा।
मगर अपनी छोटी लुल्ली के लिए मुझे कोई दुख नहीं था क्योंकि मैं लड़कियों को चोदने में कोई रूचि ही नहीं रखता था.
फिर लुल्ली छोटी हो या बड़ी, क्या फर्क पड़ने वाला था।

बल्कि मैंने तो गांड में डालने के लिए डिल्डो भी मंगवाया हुआ था।
मैं डिल्डो को गांड में डाल लेता था और बहुत देर तक उसे गांड में ही घुसा रहने देता था।

धीरे-धीरे मैं डिल्डो से बोर होने लगा था; अब मुझे चुदने के लिए एक असली लंड चाहिए था।
इसलिए मैं ऑनलाइन गे सैक्स चैट करने लगा और अपने लिए कोई लड़का ढूंढने लगा जो मेरी चुदाई कर सके।

एक गे चैट साइट पर मेरी मुलाकात मेरे सपनों के राजकुमार से हुई।
उसका नाम मोहित था।

मोहित के बारे में बताऊं तो वो 21 साल का, गोरे रंग का, बहुत ही सैक्सी लड़का था।
मेरा तो उस पर दिल ही आ गया था।

हम दोनों ने नम्बर एक्सचेंज किए और दोनों रोज एक दूसरे के साथ बातें करने लगे।
बात करते करते दोनों में प्यार हो गया।

फिर मैंने उसको मेरे रूम पर आने के लिए कहा और वो तुरंत तैयार हो गया।
2 दिन के बाद वो मेरे रूम पर मुझसे मिलने के लिए आया।

मैं पूरा लड़कियों की तरह तैयार होकर बैठा था।
उस दिन मैंने गले में मोतियों की माला पहनी थी जो मुझे बहुत पसंद थी।

मोहित ने आकर रूम पर नॉक किया।
मैंने उसे देखा तो देखता रह गया।
मोहित बहुत ही प्यारा लग रहा था; उसे देख मेरी खुशी का ठिकाना न रहा।

मैं उसके आने से बहुत खुश हो गया।
फिर मैंने उसके लिए चाय बनाई और हम दोनों ने साथ में चाय पी।

कुछ देर बाद मैं उसे रूम में ले गया और उसको एक गुलाब का फूल देखर प्रपोज कर दिया।

उसने कुछ सोचा और फिर हां कर दी।
मैं खुशी से पागल हो गया।

मोहित ने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मुझे पहली बार किसी लड़के का प्यार मिला।
मैं भी उससे लिपट गया।

मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।
उसके बाद उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया।

उसके होंठ एकदम से गुलाबी थी जो अब मेरे लिपस्टिक वाले लाल होंठों को चूस रहे थे।

किस करते हुए मेरे बदन में जैसे एक आग सी भड़कती जा रही थी।
हम दोनों एक दूसरे को किस करने में खो से गए।

काफी देर बाद हम दोनों के होंठ एक दूसरे से अलग हुए।
मैंने उससे कहा- क्या तुम मुझसे शादी करोगे?

उसने फिर से हां कर दी।
मैं खुशी के मारे पागल सा होने लगा।

अब मैं खुद को उसकी बीवी के रूप में देखने के लिए बहुत उत्साहित हो गया था।
मैं खुद को लड़की ही सोचने लगा था।

मैंने उसको सिंदूर और मंगलसूत्र लाकर दिया।
उसने मुझे वो पहनाया और मेरी मांग में सिंदूर लगा दिया।

अब मैं लड़की की तरह शरमा रही थी।
मैं अंदर ही अंदर बहुत खुश थी।

फिर वो बोला- चलो, सुहागरात की तैयारी करते हैं।

मैंने जल्दी से उठकर बेड ठीक कर दिया और उससे कहा कि वो कुछ देर बाहर इंतजार करे।
मैंने फिर जल्दी से अपनी लाल ब्रा-पैंटी निकाली और पहन ली।

उसके बाद मैंने अच्छे से मेकअप किया और 3-4 नैकलेस पहन लिए।
मैं पूरी तरह से दुल्हन के जैसे सज गई और दूध का गिलास बेड के पास रख तैयार होकर बैठ गई।

अब मैंने उसको आवाज दी।
वो अंदर आया और मेरे पास आकर मेरा घूंघट उठाया, बोला- वाह मेरी जान … क्या लग रही हो तुम! क्या तुम मेरे बच्चों की मां बनोगी?
ये सुनकर मेरी चुदने की इच्छा और ज्यादा भड़क गई।

फिर वो मुझे किस करने लगा।
मुझे एक नशा सा छाने लगा था।

वो मेरे गले पर किस किए जा रहा था और मैं मदहोश होती जा रही थी।
गर्दन पर किस करने से मेरी सिसकारियां निकलने लगीं- आह्ह … अम्म … स्स्स … आह्ह।

अब मेरा मन उसका लंड चूसने के लिए कर रहा था।
मैंने उसकी पैंट उतार दी और साथ में अंडरवियर भी खींच दिया।

उसका 7 इंच का लंड बाहर आ गया।
इतना लम्बा लंड देखकर मेरे तो होश उड़ गए।
उसका लंड एकदम से गोरा था।

लंड का टोपा एकदम से गुलाबी था।
बिना एक पल गंवाए मैंने लंड को मुंह में ले लिया और चूसने लगी।

मैं लंड को ऐसे चूस रही थी जैसे कोई मीठी आइसक्रीम मुझे मिल गई हो।

कुछ देर लंड चुसवाने के बाद उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए और खुद भी नंगा हो गया।

उसके बाद उसने मेरे गले में सिर्फ मंगलसूत्र छोड़ दिया और बाकी का पूरा बदन नंगा कर दिया।

फिर उसने मुझे पलटा कर लेटा दिया और मेरी गांड को चाटने लगा।
मेरी गांड का छेद उसने चाट चाटकर गीला कर दिया।

कुछ ही देर में मैं ऐस फक के लिए बहुत उत्तेजित हो गई; मुझसे रुका नहीं जा रहा था।
मैंने उससे कहा- बस … पतिदेव, अब चोद भी दो … बहुत मन कर रहा है आपका लंड लेने का … जल्दी से मेरे छेद में अपना लौड़ा घुसा दो जानू!
ये सुनकर उसने तेल लिया और उंगली से मेरी गांड के छेद में तेल को अंदर तक घुसाने लगा।

पहले उसने एक उंगली डाली और फिर दूसरी उंगली डाली।
अब वह उंगली से मेरी गांड को चोद रहा था और मुझे बहुत मजा आने लगा था।

लेकिन अब मुझे लंड चाहिए था।
मैंने फिर कहा- अब चोद दो।

पूरी तरह से गांड को तेल से चिकनी करने के बाद उसने अपना लंड मेरी गांड के छेद पर लगा दिया और लंड के टोपे को गांड पर घिसने लगा।
लंड लगाकर वह मेरे ऊपर लेट गया।

मुझे बहुत मजा आ रहा था।
मेरा मन गांड में लंड अंदर लेने का कर रहा था।
मुझसे रुकना मुश्किल हो रहा था।

अब उसने धीरे धीरे लंड को छेद के अंदर घुसाने की कोशिश करना शुरू कर दिया।
लंड बहुत मोटा और लम्बा था।
टोपा घुसने लगा तो मुझे दर्द होने लगा और मैं चीखने लगी।

फिर एकदम से उसने जोर का झटका दे दिया और दर्द के मारे मेरी जान निकल गई।
मैं चीखी- आआई ईई … मम्मी … मर गई … ऊईई … आआ आआह मेरी गांड … निकालो … बाहर … आह आआआई ऊईईई!
लेकिन उसने लंड नहीं निकाला।

धीरे-धीरे उसने लंड चलाना जारी रखा और मुझे दर्द होता रहा।

फिर गांड का छेद फैलने लगा और लंड अंदर तक प्रवेश करने लगा।
धीरे धीरे अब मुझे मजा भी आना शुरू हो गया।

उसका 7 इंच का लंड अब मेरी गांड में समा चुका था और वो लंड अंदर बाहर करते हुए मेरी चुदाई करने लगा था।

फिर मैं उसका साथ देने लगी और गांड से धक्के देकर चुदाई में सहयोग करने लगी।
मुझे अब चुदने में बहुत मजा आ रहा था जिससे मेरी आह्ह … आह्ह … आह्ह … करके सिसकारियां निकलने लगी थीं।

अब उसकी भी सिसकारियां निकलने लगीं थीं और चुदाई की आवाजों से पूरा माहौल गर्म हो गया था।

बहुत देर तक उसने मेरी गांड चुदाई की।
वह मुझे अपनी बीवी बनाकर चोदता रहा और मैं चुदती रही।

फिर उसने अपना माल मेरी गांड में छोड़ दिया।
मैं उसका माल अपनी गांड में पाकर पूरी तरह से संतुष्ट हो गई।

फिर उसके लंड को मैंने मुंह में लिया और उस पर लगा माल चाटकर साफ कर दिया।

उसके बाद दोनों एक दूसरे को किस करने लगे।
थोड़ी देर के बाद उसका लंड फिर से खड़ा हो गया।

उसने फिर से मेरी गांड के छेद को छेड़ना शुरू कर दिया।

मेरी गांड चुद चुदकर पहले ही खुल चुकी थी और अब उसका भोसड़ा बनने जा रहा था।
उसने कहा कि वो अबकी बार बिना तेल के मुझे चोदेगा।

इसके लिए उसने मेरे हाथों को बांध दिया और चोदने की तैयारी करने लगा।

उसने मेरी गांड पर थूका और टोपा गांड पर रगड़ा।
गांड के अंदर माल भरा हुआ था और पहले राउंड के दौरान तेल भी काफी लगा हुआ था।
इसलिए अंदर से गांड पूरी तरह से चिकनी हो चुकी थी।

फिर उसने मेरे छेद पर लंड को लगाया और धक्का दे दिया।

इस बार एक ही झटके में पूरा लंड वो अंदर तक घुसाता चला गया।
दर्द के मारे मैं चीख पड़ी।

अबकी बार गांड में दर्द के साथ ही जलन भी बहुत जोर से हुई।
मैं रोने लगी लेकिन वो चोदने में लग गया।

कुछ देर बाद मेरा दर्द कम हुआ और गांड को फिर से लंड का मजा मिलने लगा।

इस बार उसने पहली बार से भी ज्यादा समय तक मेरा ऐस फक जारी रखा।
मेरी हालत खराब हो गई। किसी तरह मैं अपने पति का लंड झेलती रही।

फिर गांड में दोबारा से पानी छोड़कर वो थक कर गिर गया और मैंने उसे बांहों में ले लिया।
वो जोर जोर से हांफ रहा था और मैं भी।

फिर हम शांत हुए और ऐसे ही सो गए।

एक हफ्ते तक हम दोनों साथ रहे।
उसने मुझे रोज चोदा।
मैं भी पत्नी बनकर उसकी सेवा करती रही।

उसके बाद वो चला गया।
उसने अगले महीने फिर से मिलने का वादा किया।
लेकिन वो फिर नहीं आया।

मेरी गांड अभी भी उसके लंड का इंतजार कर रही है, और अभी उसका मंगलसूत्र मेरे गले में रहता है।

अगर वो मुझे दोबारा मिला तो आपको अपनी दूसरी चुदाई की कहानी भी जरूर बताऊंगा।
उसके लिए आपको इंतजार करना होगा।

तो दोस्तो, आपको माय एस फक कहानी कैसी लगी, मुझे बताना जरूर।
मुझे आप कहानी के नीचे दिए कमेंट बॉक्स में अपनी राय बता सकते हैं।
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