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मेरी मम्मी के साथ सेक्स का खेला

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हॉट मॉम Xxx कहानी में पढ़ें कि एक रात मैं बाथरूम जाने के लिए उठा तो मम्मी की साड़ी पूरी ऊपर सरक गयी थी, उनकी चूत दिख रही थी. तो मैंने क्या किया?

मेरा नाम देवेन है (नाम बदला हुआ है) मैं विदिशा से हूँ, पर जॉब लगने के कारण अब मैं बंगलोर आ गया हूँ.

ये बात उस टाइम की है जब मेरी जॉब नहीं लगी थी. मैं घर में रह कर नौकरी सर्च कर रहा था.

ये घटना मेरी हॉट मॉम Xxx कहानी है.

मेरी मॉम का फिगर बहुत मस्त है, एकदम गोरा बदन, एमएलएफ टाइप की 36-34-38 की फिगर. मॉम एकदम गर्म माल लगती हैं.

पहले तो मैं मॉम के बारे में ग़लत नहीं सोचता था.
पर एक दिन मेरा सोच ही बदल गया.

हुआ यूं कि एक रात को एक बज चुका था.
उस समय गर्मी का मौसम था और हमारे घर में ए सी भी नहीं था. चूंकि हम लोग एक निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से हैं.

हमारे घर में बस एक बड़ा सा टेबल फैन था. उसी के सामने हम दोनों मां बेटे सो रहे थे.
पापा घर में नहीं थे, वो अपने काम के सिलसिले में एक हफ्ते से बाहर थे.

उस रात को जब मैं मूतने उठा तो नींद में कुछ ठीक से दिखाई नहीं दिया कि किधर क्या है.

मैं सीधा उठ कर बाथरूम आ गया.
वापस आते समय मेरी नज़र मॉम पर पड़ी तो उस वक्त भी ठीक से कुछ दिखाई नहीं दिया.

मैं अपनी मॉम के पास ही सोया हुआ था तो बेड पर चढ़ते टाइम मेरा पैर फिसल गया और मेरा हाथ मॉम की नंगी चूत में पड़ गया.
उस वक्त मुझे महसूस हुआ कि मॉम की साड़ी ऊपर उठ गई थी और ऐसा टेबल पर रखे पंखे की हवा की वजह से हुआ था.

एकदम से किसी नर्म जगह पर हाथ पड़ने से मेरी झक्की खुल गई और नींद के कारण जो आलस्य था, वो एक ही झटके में दूर हो गया.

मेरी आंखें खुल गईं और मैंने ध्यान से देखा तो मेरा हाथ मॉम की चूत पर था और एक उंगली भी मॉम की चूत के अन्दर चली गई थी.
मुझे मेरी उंगली में गीला गीला सा लगा तो देखा कि मॉम की चूत से रस निकल रहा था.

मेरी मॉम नींद में मादक सिसकारियां भर रही थीं.
ये देख कर में भी एकदम से उत्तेजित हो गया. मैंने अपना हाथ मॉम की चूत से नहीं हटाया और उंगली भी चूत में ही घुसी रहने दी.

मुझे लगा कि शायद मेरी मॉम चुदाई का सपना देख रही थीं.
मैं वैसे ही एक मिनट तक चूत में उंगली घुसाए रहा.

जब मॉम की तरफ से कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मैंने मॉम की चूत में उंगली चलानी शुरू कर दी.

धीरे धीरे मेरी उंगली अन्दर तक आने जाने लगी.

मॉम ने भी अपनी टांगें फैला दी थीं जिस वजह से मेरी पूरी उंगली चूत के अन्दर तक जाने लगी थी.
मेरी मॉम की गर्म आवाजें कुछ ज्यादा ही निकलने लगी थीं.

अब मैंने सोचा क्यों ना मैं मॉम की चूत में अपने एक और उंगली डाल दूँ और उन्हें और ज्यादा मजा दे दूँ.

मैं वही किया और अपनी एक उंगली और उनकी चूत में डाल दी.

अब मेरी मॉम की मादक आवाज और थोड़ी तेजी से निकलने लगी.
मैं ये नजारा देख कर हैरान रह गया था.

थोड़ी देर बाद मॉम एकदम से अकड़ने लगीं. उन्होंने अपने दोनों पैर और चौड़े कर दिए और गांड उठाने लगीं.

मॉम को ऐसे हिलते देख मैंने अपना हाथ चूत से बाहर निकाल लिया.
मगर मॉम की बेकरारी साफ़ दिखाई दे रही थी.

मैंने देखा कि मॉम अपनी टांगें फैला कर चूत उचका रही थीं.
तब मैंने भी सोचा कि मॉम भी मेरी उंगली से चूत रगड़वाने में अच्छा लग रहा है तो मैंने थोड़ी देर बाद फिर से चूत ने उंगली डाल दी और हिलाना शुरू कर दिया.

इस बार मैंने एक साथ दो उंगलियों को मॉम की चूत में डाला था तो मॉम के मुँह से तेज़ आवाज़ निकल गई.
मैंने उंगलियां तेजी से चलानी चालू कर दीं.

फिर मौके की नजाकत को देख कर मैंने अपनी तीसरी उंगली भी चूत में पेल दी.

मॉम का मज़ा बढ़ गया और उनकी कामवासना से भरी हुई आवाजें तेज होने लगीं.

मैं धीरे धीरे उंगलियां अन्दर बाहर करने लगा.
अब मुझे भी अच्छा लग रहा था.

मेरी मॉम की चूत से पानी भी निकल रहा था.
फिर मैंने चार उंगली डालने की कोशिश की पर चार उंगलियां एक साथ चूत में नहीं गईं और मॉम को दर्द भी हुआ.

उन्होंने ‘आह मर गई …’ कह कर आवाज़ निकाल दी तो मैं डर गया.
जल्दी से मैंने अपनी उंगलियां बाहर निकाल दीं और सोने की एक्टिंग करने लगा.

मैंने सोचा कि शायद मॉम उठ गयी हैं और वो मुझे चूत में उंगली करते देख कर गुस्सा न हो जाएं.
पर मैंने देखा कि वो वैसे ही शांत पड़ी रहीं और कसमसाती रहीं.

अब मेरा साहस थोड़ा बढ़ गया.

इस बार मैं उठ कर किचन में गया और एक लम्बा वाला बड़ा और मोटा सा बैगन लेकर आया.
मैंने बैगन पर थोड़ा तेल भी लगा दिया था.

फिर धीरे से आकर मॉम के पास बैठ गया और बैगन चूत में लगा दिया.
मॉम ने चूत को उठा दिया तो मैंने थोड़ा सा बैगन अन्दर डाल दिया.

वो बैगन शायद 7 इंच का लंबा और 4 इंच मोटा रहा होगा.

मैं उसे चूत के अन्दर डाल कर धीरे धीरे अन्दर बाहर कर रहा था.
वो बैगन अभी मॉम की चूत में दो इंच तक अन्दर घुसा था कि मॉम की जोर से सिसकारी निकली.

मैं जरा रुक गया और उन्हें देखने लगा. वो लगातार सिसकारी ले रही थीं.
एक दो पल बाद मैंने और जरा सा अन्दर घुसाया पर इस बार मुझे थोड़ा टाइट सा लगा.

मगर मैंने इस बार नहीं रोका और बैगन को चूत में अन्दर घुसाने की कोशिश करता रहा.

मेरी बहुत कोशिशों के बाद वो बैगन 5 इंच तक ही चूत के अन्दर जा सका. मेरी मॉम की आवाज़ तेज़ हो गई और वो कसमसाने लगीं.

इधर मेरा भी बुरा हाल हो रहा था. मेरा लंड बहुत फूल गया था.

मैं बता दूँ कि मेरे लंड की साइज़ 6 इंच लम्बी और ये 3 इंच मोटा है. मैं अपनी मॉम की चूत में अपने लंड से भी एक इंच बड़ा और एक इंच मोटा आइटम घुसा रहा था.

कुछ देर बाद पूरा बैगन चूत में चला गया और अब शुरू हुआ असली मज़ा.

मैंने मॉम की चूत में वो बैगन अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया.
पहले मैंने धीरे धीरे अन्दर बाहर किया और कुछ समय बाद स्पीड को बढ़ा दिया.

अब तक वो बैगन पूरा अन्दर तक घुसने निकलने लगा था और मॉम की आवाजें भी तेज़ हो चुकी थीं.
उनकी कामुक आवाजें पूरे रूम में सुनाई दे रही थीं.

चूंकि उस समय रूम में मेरे और मॉम के अलावा और कोई नहीं था तो मैंने पूरी तेजी से बैगन घुसाना शुरू कर दिया.
अब मॉम की आवाजें बढ़ना तेज हो गईं और उनकी अकड़न एकदम से बढ़ गई थी.

तभी मॉम की चूत से जोर से पानी निकलने जैसा हो गया.
उसी समय मॉम काफी तेज़ आवाज में चिल्ला दीं और बोलीं- आंह … मज़ा आ रहा है … और तेज पेल!

मैंने सोचा शायद मॉम उठ गई हैं.
पर वो नींद में बोल रही थीं.

अब मैं खुद को रोक नहीं पाया और सोचा कि अब अपना लंड चूत में पेल ही देता हूँ.

मैंने अपनी चड्डी उतारी ही थी कि मॉम की नींद टूट गई.
मैं ये देख कर फट से सोने का नाटक करने लगा.

मेरी मॉम उठ कर बैठ गईं और उन्होंने नीचे अपनी चूत में देखा कि चूत में मोटा लंबा सा बैगन घुसा हुआ है.
मैं सब देख रहा था कि क्या हो रहा है.

तभी मॉम ने धीमी आवाज़ में कहा- ये बैगन कहां से आया और घुसाया किस ने!
मगर मॉम ने उस बैगन को अपनी चूत से नहीं निकाला और वैसे ही उठकर बाथरूम चली गईं.

दस मिनट हो गए थे, मगर मॉम वापस नहीं आई थीं तो मैं उठ कर चुपके से गया और बाथरूम के ऊपर लगी जाली से अन्दर देखा कि मेरी मॉम पूरा बैगन चूत के अन्दर डालकर चुदाई का मज़ा ले रही थीं.

मैंने फट से मोबाइल में मॉम का वीडियो बना लिया.

कुछ मिनट के बाद मॉम झड़ गईं और ये देख कर मैं उधर से सोने के लिए बिस्तर पर आ गया.
थोड़ी देर बाद मॉम भी बाथरूम से आकर सो गईं.

इधर मेरी हालत खराब थी. मेरा लंड खड़ा हुआ था. मैं कैसे लंड को शांत करूं, यही सोच रहा था.

फिर वैसे ही बेड पर पड़े पड़े और सोचते सोचते आधा घंटा हो गया.
मॉम सो रही थीं. मैं उठ कर बाथरूम में गया और बाथरूम लॉक करना भूल गया.

मैं मॉम की वीडियो देख कर अपना लंड निकाल कर हिलाने लगा.
इस चक्कर में मुझे पता भी नहीं चला कि मेरी मॉम मेरे पीछे कबसे खड़ी होकर वो सब देख रही थीं और मेरे हाथ में मोबाइल में चल रही अपनी वीडियो भी देख रही थीं.

अचानक लंड हिलाते हिलाते मैं पीछे को घूमा तो मेरी गांड फट गई.
मैं सीधा खड़ा हो गया और अपना लंड छुपाने लगा.

मॉम ने मुझे गाल पर एक झापड़ लगाया और कहा- तो वो बड़ा बैगन तूने डाला था मेरी चूत में?
चूत बोलने की बात सुनकर मैं सकते में आ गया.

तभी वो बोलीं- ये वीडियो कहां से बनाया?
मैंने डरते हुए बोला- बाथरूम की जाली में से.

मॉम ने कहा- अगर तेरा लंड खड़ा हो गया था तो मेरी चूत में घुसाया क्यों नहीं?

ये सुन कर मैं एकदम से चौंक गया और मॉम की तरफ देखने लगा.
मॉम ने मेरे लंड की तरफ देखा और कहा- बैगन से थोड़ा छोटा लग रहा है, पर चलेगा.

तभी मॉम ने मेरा लंड पकड़ लिया और नीचे बैठकर लंड को मुँह में लेकर चूसने लगीं.
मुझे तो जन्नत का मजा मिल रहा था.

वो फोन में खुद की वीडियो देख कर और लंड चूसती हुई बोलीं- क्यों तू वीडियो अपने दोस्तों को दिखाएगा क्या?
मैंने बोला- नहीं, मैं अभी इसे डिलीट कर देता हूँ.

इस पर मॉम ने बोला- नहीं, डिलीट मत कर … और तुझे ये वीडियो जिसको दिखानी है, दिखा दे. पर ये मत बोलना कि मैंने तेरा लंड चूसा है.

ऐसे ही लंड चूसते चूसते मॉम को पांच मिनट हो गए थे.
मुझे रुका नहीं जा रहा था तो मैं मॉम के मुँह में ही झड़ गया.
मेरी मॉम ने लंड का माल पी भी लिया और हाथ मुँह धोकर उधर से चली गईं.

मैंने भी हाथ मुँह और लंड धोया और उनके पीछे पीछे आ गया.

आपको मेरी हॉट मॉम Xxx कहानी कैसी लगी, प्लीज़ मुझे मेल करें.
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