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पड़ोस वाली भाभी ने मुझे पटा के चुदवा लिया

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हॉट इंडियन भाभी Xxx कहानी में मेरे पड़ोस वाली भाभी ने मुझे बार बार अपने घर बुलाकर अपनी चूचियां दिखाकर गर्म कर दिया. फिर एक दिन लंड चूत की बात करने लगी.

दोस्तो, मेरा नाम सोनू है. ये मेरा घर का नाम है.
मैं छत्तीसगढ़ का रहने वाला हूँ और मेरी उम्र 20 साल है.

यह हॉट इंडियन भाभी Xxx कहानी मेरे साथ एक साल पहले तब हुई थी, जब ठंड का मौसम था.

मेरी आदत थी कि मैं घर के बाहर बैठ के न्यूज पेपर पढ़ता था.

घर के सामने एक भइया अपनी वाइफ के साथ रहते थे.
उनके घर में केवल भैया भाभी दो ही जन रहते थे. उनकी कोई संतान नहीं हुई थी.

एक दिन की बात है, मैं रोज की तरह बाहर बैठ कर पेपर पढ़ रहा था.

तभी भाभी सामने से आईं. वो बोलीं- हमारे घर की लाइट चली गई है, तो आकर थोड़ा सा देख लो ना!

मैं उनके साथ उनके घर चला गया.
मैंने उनके घर का मेन स्विच बोर्ड देखा, तो फ्यूज़ जल चुका था.

फिर मैंने भाभी को बताया तो वो बोलीं- अब क्या होगा. क्या तुम इसे ठीक कर सकते हो?
मैं बोला- हां बिल्कुल हो जाएगा, बस मुझे वायर चाहिए.

वो बोलीं- हां वो घर में रखा हुआ है, लेकिन ऊपर टांण पर है, निकालना पड़ेगा. तुम मेरी मदद कर दो.
मैंने बोला- चलिए.

फिर वो स्टूल ले कर आईं, मैं उस पर चढ़ा और वायर खोजने लगा.

मैं गिर ना जाऊं, इसलिए भाभी ने स्टूल पकड़ा हुआ था.
उनका चेहरा मेरे लंड के सामने था, जिससे उनकी सांसों को मैं अपने लंड पर महसूस कर पा रहा था.

मैंने नीचे देखा तो भाभी की चूचियां ऊपर से पूरी साफ साफ दिख रही थीं.
मैं तो देखता ही रह गया था.

उनका फिगर साइज 36-30-38 का है.
उनके बड़े बड़े चूचे देख कर तो मेरी आंखें खुली की खुली रह गईं.

तभी भाभी बोलीं- यहां कहां देख रहे हो … ऊपर खोजो ना वायर को?
मैं घबरा गया और फिर से वायर खोजने लगा.

मेरे दिमाग में उनकी चूची बार बार आ रही थीं जिससे मेरा लंड खड़ा हो गया था.
इसका मुझे अहसास हो गया था.
मैं सोचने लगा कि कहीं भाभी खड़ा लंड ना देख लें.

हुआ भी यही.
भाभी ने देख लिया, ये मैंने भी नोटिस कर लिया.
लेकिन भाभी कुछ नहीं बोलीं.

तभी मुझे वायर मिल गया.
मैं नीचे आया और फ्यूज़ ठीक करने लगा.

कुछ देर में लाइट आ गई और भाभी ने मुझे थैंक्यू बोला.

मैं वापस घर आ गया.
उस दिन पूरे टाइम मेरे दिमाग में भाभी की चूचियां ही घूम रही थीं.

अगले दिन भी भाभी ने मुझे अपनी मदद के लिए बुलाया.
ये काम ज्यादा बड़ा नहीं था, उसे भाभी भी आराम से कर सकती थीं.
मगर उन्होंने मुझे ही बुलाया.

मैंने उतना गौर नहीं किया और उनकी मदद करके अपने घर वापस आ गया.
अब वो ऐसा रोज करने लगीं.

छोटे छोटे कामों में मेरी मदद लेने लगीं, अब मुझे अजीब सा लगा कि इसके पीछे कुछ तो है.

कुछ दिन बाद भइया बहुत ज्यादा नशे में थे और घर के बाहर आकर गिर पड़े थे.
मैंने भाभी को बताया तो वो उनको अन्दर ले जाने लगीं, पर उनसे नहीं हुआ.

मैं उनकी हेल्प करने लगा.

हम दोनों ने भैया को उठाया और घर के अन्दर ले जाने लगे.
उसी दौरान भाभी का पल्लू गिर गया और उनकी बड़ी बड़ी चूचियां दिखने लगीं.

मेरा ध्यान उनके मम्मों पर चला गया और ध्यान बंट जाने से मेरा पैर फंस गया.
उससे हम तीनों गिर गए.

भाभी मेरे ऊपर और भइया भाभी के ऊपर और मैं सबसे नीचे.

भाभी की एक चूची सीधे मेरे मुँह पर ही आकर लग गई.
मैंने मुँह से रगड़ दी.
उस समय मेरी फीलिंग क्या ही आपको बताऊं आह.

फिर भाभी मेरे ऊपर से उठ नहीं पा रही थीं क्योंकि भइया उनके ऊपर थे.

भाभी की चूची मेरे चेहरे पर लगी होने के कारण मेरा लंड खड़ा होने लगा था जो भाभी की दोनों जांघों के बीच में जा पहुंचा.
तब भाभी को भी मेरा लंड महसूस हुआ, जो उनके चेहरे से साफ पता चल रहा था.

फिर हम दोनों कैसे भी करके उठे.
हमने भइया को कमरे में ले जाकर बेड पर लिटा दिया और हम दोनों बाहर हॉल में सोफे पर बैठ गए.

फिर भाभी को ध्यान आया कि उनकी साड़ी सही नहीं है, तो वो अपनी साड़ी ठीक करने लगीं.
उनके चूचे मुझे दिखने लगे.

मेरा लंड तो पहले से ही खड़ा था, वो चुचे देख कर और भी तन गया.
भाभी ने भी देख लिया.

मैं उनसे लंड छुपाने लगा.
भाभी ने मुस्कान छिपाते हुए अपना साड़ी को ठीक किया और मदद के लिए थैंक्स बोला.

मैं घर जाने लगा तो बोली- चाय पी लो.
मैंने मना किया तो बोलीं- इतनी मदद की है, तो चाय तो पीनी ही पड़ेगी.

वो ज़िद करने लगीं, तो मैं रुक गया.
भाभी किचन में गईं.

मैं प्रतीक्षा करने लगा.
फिर वो चाय बना कर ले आईं.

मैं उनको देखता ही रह गया था.
उन्होंने साड़ी के बदले सेक्सी सी नाइटी पहन ली थी जिसमें वो बड़ी ही हॉट माल लग रही थीं.
उनके बड़े बड़े चूचे आधे बाहर झलक रहे थे.
उनकी बड़ी सी गांड भी साफ साफ अपना आकार दिखा रही थी.

मेरी तो आंखें खुली की खुली रह गईं.

तभी भाभी ने कहा- क्या हुआ सोनू … ऐसे क्यों देख रहे हो?
मैंने कहा- कुछ नहीं भाभी.

फिर उन्होंने झुक कर मुझे चाय दी, जिससे उनकी बड़ी बड़ी चूचियां मेरे सामने आ गईं.
मैं मुँह बाए देखने लगा.

मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.

भाभी ने भी ये देखा तो वो बोलीं- ये क्या है?
मैं घबरा गया और बोला- कुछ नहीं भाभी.

वो बोलीं- देखो तो लड़का बड़ा हो गया है और इसका लंड भी!
भाभी के मुँह से लंड शब्द सुन कर मेरे तो पैर कांप गए.

भाभी बोलीं- क्या हुआ, इससे पहले कभी किसी औरत के मुँह से लंड शब्द नहीं सुना है क्या?
मैंने शर्माते हुए कहा- नहीं भाभी.
वो बोलीं- ओहो … तब तो तुमने अब तक किसी को चोदा भी नहीं होगा?

ये सुन कर मानो मेरी तो बोलती ही बंद हो गई.
मैं कुछ बोल नहीं पा रहा था.

भाभी बोलीं- क्या हुआ बताओ, कभी किसी को चोदा है कि नहीं?
मैंने शर्माते हुए कहा- नहीं भाभी.

भाभी बोलीं- तो आज चोद लो ना … मैं किस लिए हूँ यहां.
जो मैंने सुना था, उससे मुझे अपने कानों पर यकीन नहीं हो रहा था.

मैं कुछ करता, उससे पहले भाभी ने ही आगे बढ़ कर मेरे लोअर के ऊपर से ही मेरा लंड पकड़ लिया और ऊपर नीचे करने लगीं.
और मैं कुछ नहीं कर पा रहा था.

फिर एक ही झटके में उन्होंने मेरा अंडरवियर और लोवर दोनों निकाल दिया.
भाभी ने मुझे नीचे से नंगा कर दिया था.

तभी भाभी बोलीं- देखो तो क्या मिला है … आज मेरी चूत के नसीब में 7 इंच का लंड है.

मैं कुछ कहता, उससे पहले भाभी ने बैठ कर मेरा लंड सीधे मुँह में ले लिया और चूसने लगीं.
लंड चूसे जाने से मुझे जन्नत में होने का अहसास होने लगा क्योंकि इससे पहले कभी किसी ने मेरा लंड मुँह में नहीं लिया था.

भाभी जोर जोर से मेरे लंड को अन्दर बाहर करने लगीं और मेरे मुँह से ‘आह … ओह आह …’ की आवाजें निकलने लगीं.

कुछ ही देर में उन्होंने अपने लंड चूसने की स्पीड बढ़ा दी और जोर जोर से चूसने लगीं.
मुझे अब और भी ज्यादा मजा आने लगा.

ऐसे ही 5 मिनट चूसने के बाद मैं झड़ने वाला ही गया था.
मैंने उन्हें कुछ नहीं बोला और उनके मुँह में ही झड़ गया.

मेरा सारा वीर्य भाभी गटक गईं और बोलीं – वाह सोनू, इत्ता सारा और रसीला वीर्य मैंने आज तब कभी किसी का नहीं पिया है.

मेरा लंड ढीला पड़ गया था.
मैंने कहा- ये तो लटक गया भाभी!

वो बोलीं- कोई बात नहीं, इसे तो मैं अभी खड़ा कर दूंगी. ये तुम्हारा पहली बार है न इसलिए.

अब वो अपनी नाइटी उतारने लगीं और देखते ही देखते ब्रा और पैंटी में आ गईं.
उन्होंने पिंक कलर की ब्रा और ब्लैक कलर की पैंटी पहन रखी थी.

तब उन्होंने मेरी शर्ट निकाली.
मैं समझ गया था कि आज मुझे अपनी पहली चुदाई मिलने वाली है.

भाभी मुझे देख कर मुस्कुराईं और मैंने उन्हें अपनी तरफ खींचा.

एक झटके में वो मेरे ऊपर आ गईं और जोर जोर से मेरे होंठों को चूमने लगीं.
मैं भी उनका साथ देने लगा.

वो एकदम से चुदासी हो गई थी और बड़ी जोरों से मेरे ऊपर और नीचे के होंठ को चूसने लगी थीं.
मैं भी यही कर रहा था.

भाभी कभी मेरी जीभ को चूसतीं, तो कभी होंठों को.
मैं सिर्फ सोफे पर बैठे बैठे उनका साथ दे रहा था.

मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा.
भाभी को उनके पेट में लंड महसूस हुआ, तो वो अलग हो गईं.

मैं उनकी ब्रा का हुक खोलने लगा और उनके बड़े बड़े मम्मों को आजाद कर दिया.

तभी अचानक से भाभी ने अपना एक बड़ा सा आम मेरे मुँह में दे दिया और मैं उसे बड़े आनन्द लेते हुए चूसने लगा.
मैं एक दूध को चूसता तो दूसरे को दबाता. दूसरे को चूसता तो पहले को दबाता.

भाभी के मुँह से वासना भरी सिसकारियां निकलने लगीं ‘आआह ओह आह … हाय …’

फिर मैंने धीरे से अपना हाथ भाभी की पैंटी में डाल कर उनकी चूत में घुसा दिया.
भाभी तो मानो उछल पड़ीं.

मैंने देखा कि भाभी की चूत पानी छोड़ने लगी थी.
मैंने अपनी एक उंगली उनकी चूत में घुसा दिया.

भाभी के मुँह से हल्की सी ‘आह …’ निकल गई.
अब मैं उनकी चूत में उंगली करता रहा और एक हाथ से उनकी चूची दबाता रहा साथ ही एक चूची मुँह में दबा कर चूसता रहा.

भाभी तो मानो जन्नत की सैर कर रही थीं. वो आंखें बंद करके मादक सिसकारियां भरे जा रही थीं- आह … आह ओह … किता मजा आ रहा है सोनू … चूस लो मेरे मम्मों को … आह चोद दो मुझे.
मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया था.

फिर हम दोनों अलग हुए और भाभी ने मुझको 69 में आने का कह दिया.

मैं उनकी चिकनी और साफ चूत चाटने लगा और वो मेरे लंड को मुँह में ले कर गपागप चूसने लगीं.
मैं अपनी जीभ से उनकी चूत चोद रहा था और वो मेरे लंड से अपना मुँह चोद रही थीं.

ऐसे ही कुछ मिनट के बाद हम दोनों अलग हुए.

भाभी कहा- अब रहा नहीं जाता सोनू, अब तो मुझे चोद दो.
ये कह कर भाभी चुदाई का पोज बना कर सोफे पर लेट गईं और अपने पैर खोल दिए.

मैं अपना लंड हाथ में लेकर उनकी चूत पर घिसने लगा.
फिर मैंने अपना लंड उनकी चूत पर रखा और धक्का देने लगा.

लेकिन लंड फिसल जा रहा था.
भाभी हंसने लगीं.
वो बोलीं- ऐसे नहीं घुसेगा बाबा … रुको.

फिर भाभी ने मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत पर टिका दिया.
उन्होंने लंड पकड़ कर कहा- अब मारो धक्का.

मैंने जोर का धक्का दे दिया तो टोपा अन्दर चला गया.
भाभी के मुँह से हल्की सी चीख निकल गई.
मैं डर गया और पूछा- क्या हुआ भाभी?

वो बोलीं- कुछ नहीं, तुम बस धक्का मारो.
मैंने फिर से धक्का मारना शुरू किया, तो 3-4 धक्के में मेरा लंड अन्दर चला गया.

उनके मुँह से आवाज न निकले इसलिए भाभी ने एक हाथ से अपना मुँह बंद कर रखा था.
मैंने हॉट इंडियन भाभी को Xxx धकापेल चोदना शुरू कर दिया.

भाभी के मुँह से कामुक सिसकारियां निकलने लगीं- आ आह … ओ आह … सोनू.
उनकी ये आवाजें सुन कर मुझे और जोश आ गया और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी.

चोदने की फट फ़ट की आवाज कमरे में गूँजने लगी.
जांघों से जांघें टकराने के साथ भाभी की सिसकारियां एक साथ मिल कर अलग ही माहौल बना रही थीं.

पूरे रूम का माहौल चुदासमय हो गया था.
मैं भाभी को धड़ाधड़ चोदे जा रहा था. भाभी सिसकारियां लेती हुई चुदी जा रही थीं.

दस मिनट की चुदाई के बाद भाभी बोलीं कि अब पोजिशन बदलते हैं.
अब मैं सोफे पर लेट गया और भाभी मेरे ऊपर आकर मेरे लंड पर बैठ गईं.

लंड पकड़ कर चूत में सैट किया और गांड उठा उठा कर चुदवाने लगीं.
मैं ऐसे ही लेटा रहा और भाभी मजे ले लेकर मेरे लंड पर कूदे जा रही थीं.

कुछ देर बाद हमने फिर से पोजिशन बदल ली.
अब भाभी डॉगी स्टाइल में आ गईं.

मैंने भाभी को पीछे से चोदना शुरू कर दिया.
भाभी फिर से गर्म सिसकारियां भरने लगीं.

मैं एक बार पहले ही झड़ चुका था इसलिए इस बार आसानी से झड़ने वाला नहीं था.

ऐसे ही 5 से 7 मिनट की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद भाभी बोलीं- अब मैं झड़ने वाली हूँ … मैं अब और नहीं रुक सकती. तेज तेज पेलो.
मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी.

कुछ झटकों के बाद भाभी झड़ गईं और मुझे उनका पानी मेरे लंड पर महसूस होने लगा. लंड भी आसानी से अन्दर बाहर होने लगा था.

मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी.
अब मैं भी झड़ने वाला हो गया था.

मैंने भाभी से कहा- भाभी मैं अपना पानी कहां निकालूँ?
भाभी बोलीं- एक बार मेरा मुँह इसका स्वाद ले चुका है, तो इस बार मेरी चूत को इसका स्वाद ले लेने दो. तुम अन्दर ही निकाल दो सोनू, मुझे मजा आ जाएगा.

दो मिनट बाद मैंने अन्दर ही लंड का रस निकाल दिया.
भाभी और मैं पूरी तरह थक गए थे, हम दोनों ऐसे ही सोफे पर लेट गए.

बीस मिनट बाद हमने कपड़े पहने और मैं उनसे बात करने लगा.

हॉट इंडियन भाभी बोलीं- कैसी लगी मैं?
मैंने बोला- आप काफी मजेदार हो भाभी.
भाभी मुस्कुरा दीं.

मैंने पूछा- भाभी ऐसा मजा और कब मिलेगा?
भाभी बोलीं- अब तो मुझे तुमसे ही मजे लेने हैं, जब तुम चाहो, तब आ जाना.

मैंने खुश होकर भाभी को गले से लगाया और उनके होंठों को जोर दबा कर किस करने लगा.

मैंने उनके चूचों को दबा कर घर वापस आ गया.
फिर हमने बहुत बार ऐसे ही चुदाई के मजे किए. मैंने भाभी की गांड भी मारी, वो सेक्स कहानी कभी और लिखूंगा.

अभी के लिए विदा दोस्तो.
प्लीज़ मुझे मेल करें, बताएं कि आपको यह हॉट इंडियन भाभी Xxx कहानी कैसी लगी.
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