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होली का रंग चूत चुदाई के संग- 4

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हॉट गर्ल्स गैंग सेक्स कहानी में पढ़ें कि होली खेलने के बाद एक कॉलोनी की चार लड़की और 4 लड़कों ने कैसे खुल्लम खुल्ला चुदाई का खेल खेला.

दोस्तो, मैं फेहमिना इकबाल एक बार फिर से अपनी चुदाई की कहानी का अगला भाग लेकर हाजिर हूँ.
कहानी के पिछले भाग
होली के बाद चला चूत चुदाई का खेल
अब तक आपने पढ़ा था कि हम चार लड़कियों को चार लड़के अलग अलग कमरों में चोद रहे थे.
मैं अमित से अपनी चुदाई करवा के फारिग हो गई थी.

अब आगे गैंग सेक्स कहानी:

फिर थोड़ी देर बाद मुझे एक आईडिया आया तो मैंने कपड़े पहनने को बोला.

उसने प्रश्नवाचक मुद्रा में मेरी तरफ देखा तो मैंने कहा- चुपचाप कपड़े पहनो. मैं आज की रात जन्नत बना दूंगी.

यह कहकर मैंने आंख मारी और अपने सारे कपड़े पहन लिए. मतलब मैंने ब्रा पैंटी भी पहन ली.

हम दोनों कमरे से बाहर निकले और सबसे पहले हम अमन और आयेशा के रूम में गए तो देखा कि वो दोनों नंगे एक दूसरे से जुड़े थे.
हमें देखते ही वो चादर से अपना जिस्म छुपाने लगे.

आयेशा ने कहा- यार फ़हमी, ये क्या बकचोदी है? नोक करके आना चाहिए था ना!
तो मैंने कहा- अब कुछ नहीं, जल्दी से कपड़े पहनो और बाहर आ जाओ. और हां याद रखना कि सारे कपड़े पहनकर आने हैं.

यह कहकर मैं वहां से चली आयी, रिया और मोहित के रूम में गयी.
तो वो लोग अभी भी चुदाई में लगे हुए थे.

हम देखकर भी मोहित ने रिया को चोदना जारी रखा.
मैंने उन्हें भी बाहर आने को कहा.

तो मोहित बोला- हां मेरी जान, बस अपनी इस रंडी को अपने लंड का पानी पिलाकर बस भी आया!

फिर मैंने नेहा और पुलकित के रूम में जाकर देखा तो वो दोनों सो रहे थे.
मैंने उन्हें उठाया और बाहर आने को कहा.

फिर अमित और मैं जाकर बाहर बैठ गए.
अब हम दोनों अकेले थे.

मैं जाकर अमित की गोद में बैठ गयी और उसे किस करने लगी.

सबसे पहले नेहा और पुलकित आए.
फिर धीरे धीरे सब आ गए.

मोहित बोला- क्या हुआ है, सबको यहां क्यों बुलाया है?

मैंने कहा- एक बात बताओ … हम लोग यहां करने क्या आए हैं?
तो सभी एक साथ बोले- सेक्स करने आए हैं.

मैंने कहा- वो तो मुझे भी पता है मगर ऐसा सेक्स तो सब रोज ही करते होंगे. आज कुछ अलग करते हैं ना?
इस पर नेहा ने कहा- तेरे दिमाग में क्या चल रहा है कुतिया साफ़ साफ़ बोल?

मैंने कहा- चलो एक गेम खेलते हैं.
रिया ने उत्सुकतावश पूछा- कौन सा गेम?

मैंने कहा- ट्रुथ या डेयर खेलते हैं.
ये सुनते ही सब एक दूसरे को देखने लगे.

नेहा ने कहा- यार मज़ा तो बहुत आएगा चल खेलते हैं.

सब इस गेम के लिए मान गए.

फिर हम सब एक सर्किल में बैठ गए और एक दारू की बोतल ले ली.
अमन ने बोतल घुमाई तो बोतल मोहित की तरफ जाकर रुकी.

मैंने पूछा- ट्रुथ या डेयर?
तो मोहित ने कहा- डेयर!

इस पर पुलकित ने कहा- आयेशा की टी-शर्ट उतार.
ये सुनते ही आयेशा थोड़ा शर्मा गयी मगर वो डरी नहीं.

मोहित उसके पास गया और आयेशा की टी-शर्ट उसके जिस्म से अलग कर दी.

अब नीली ब्रा में आयेशा के बूब्स अलग ही चमक रहे थे.
बोतल फिर से घुमाई गयी.

इस बार रिया की तरफ बोतल थी तो मैंने उससे पूछा- ट्रुथ या डेयर?
वो बोली- डेयर!

नेहा ने कहा कि अच्छा चल तू अमित की पैंट उतारकर उसके लंड को किस कर.
ये सुनकर सबने नेहा की तरफ देखा.

तो नेहा ने कहा- यार मैं पहले भी अमित से चुद चुकी हूँ, तो अब शर्म कैसी.

मैंने कहा- हां यार, यही तो गेम का मज़ा है.
रिया ने कुछ नहीं कहा और जाकर अमित के सारे कपड़े उतार कर उसे नंगा कर दिया.
अमित का छह इंच का लंड सामने लटकने लगा.

अमित का लंड रिया, नेहा और मैंने तो देखा था मगर आयेशा ने अमित का लंड पहली बार देखा था.

रिया ने अमित के लंड को मुँह में ले लिया और चूसने लगी तो नेहा ने कहा- लंड पर किस करने को बोला था साली, चूसने को नहीं.
ये सुनकर सब हंसने लगे.
तब रिया ने अमित का लंड छोड़ा और जाकर अपनी जगह बैठ गयी.

फिर से बोतल घुमाई गयी.

इस बार बोतल मेरी तरफ आई तो रिया ने मुझे पूछा- ट्रुथ या डेयर?
मैंने कहा कि डेयर.

तो रिया ने कहा- मोहित से अपने बूब्स चुसवा.
मैंने बिना देर किए अपनी टी-शर्ट उतार दी और ब्रा भी उतार दी.

मेरे बूब्स देखकर सबके मुँह में पानी आने लगा.
तो पुलकित ने कहा- यार रिया, तूने मोहित का ही नाम क्यूं लिया … मेरा नहीं ले सकती थी?

ये सुनकर मुझे भी हंसी आ गयी तो मैंने कहा- कोई बात नहीं जानू तेरा नंबर भी आएगा.

फिर मोहित मेरे पास आया और मुझे किस करने को हुआ तो मैंने उसे रोककर कहा- डेयर सिर्फ बूब्स चूसने का हुआ है, किस करने का नहीं.

मोहित ने रिया की तरफ देखकर कहा- साली रंडी किस करने को नहीं कह सकती थी.
इस पर रिया और सब जने हंसने लगे.

फिर मोहित ने मेरे एक निप्पल को मुँह में ले लिया और चूसने लगा.
सब अपनी जगह जाकर बैठ गए, फिर से बोतल घुमाई गयी.

इस बार बोतल अमन की तरफ थी, तो मैंने पूछा- ट्रुथ या डेयर?
तो वो बोला- डेयर!

आयेशा ने उससे कहा- नेहा को पूरी नंगी करो … और हां एक बात याद रहे, अगर नेहा को नंगी करने में तेरा लंड जरा सा भी खड़ा हुआ तो तेरी सजा ये होगी कि आज तुझे किसी की चूत में लंड डालने को नहीं मिलेगा.

ये सुनकर अमन की गांड फट गयी.
मगर रिया ने कहा- यार आयेशा, तूने तो इस बेचारे के बिना तेल के गांड मार दी.

ये सुनकर सब हंसने लगे मगर नेहा तो जैसे इसके लिए तैयार बैठी थी.
वो झट से उठी और अमन के पास चली गयी और अमन से बोली- मेरी जान सोच ले, अगर मुझे नंगी करने में तेरा लंड खड़ा हुआ तो आज रात हाथ से ही काम चलाना पड़ेगा.

यह सुनकर अमन गुस्से में बोला- चुप कर बहन की लौड़ी.

फिर अमन को एक आईडिया आया.
उसने अपनी आंखें बंद कर लीं और नेहा की टी-शर्ट उतार दी.

फिर उसका पजामा भी उतार दिया और उसके बाद ब्रा और पैंटी भी उतार दी मगर हैरानी की बात ये थी कि अमन का लंड में जरा सा भी उभार नहीं आया.
नेहा को नंगी करते ही अमन भाग कर अपनी जगह पर बैठ गया.
तभी उसने आंख खोली.

फिर जब उसने नेहा को नंगी देखा, तब उसके लंड में उभार आ गया.

नेहा ने उसको जाकर किस किया और बोली- तू सच में हरामी है साले!
फिर नेहा जाकर नंगी ही बैठ गयी.

अब फिर से बोतल घुमाई गयी तो इस बार मेरी तरफ आई.
मुझसे पूछा गया- ट्रुथ या डेयर?

तो मैंने इस बार कहा- ट्रुथ!
ये सुनकर रिया ने कहा- सोच ले मेरी जान अगर सच चुना है, तो सच बोलना भी पड़ेगा.

मैंने उससे कहा- यहां सबके सामने मुझे सच बोलने में कोई परेशानी नहीं है.
रिया ने कहा कि अच्छा चल तो बता तूने अब तक अपनी चूत में कितने लंड लिए हैं?

ये सुनकर सब लोग हैरानी से मेरी तरफ देखने लगे, जैसे सब मेरे जवाब का बेसब्री से इन्तजार कर रहे थे.
मैंने कहा- देख, वैसे तो मैंने कभी गिने नहीं मगर हां, अंदाजे से बताऊं तो लगभग 30 या 35 के आसपास लिए होंगे.

मेरा जवाब सुनकर सब मेरी तरफ हैरानी से देखने लगे.
मगर आयेशा मेरा जवाब सुनकर हंसने लगी क्यूंकि वो जानती थी कि मैं सच बोल रही हूँ.

आयेशा को हंसती हुई देखकर नेहा ने आयेशा से कहा- तुझे पता है, तेरी बहन ने इतने लंड चूत में लिए हैं?
तो आयेशा ने कहा- इनमें से ज्यादातर लंड तो मैंने ही इसकी चूत में डलवाए हैं.

मुझे आयेशा से ऐसे जवाब की उम्मीद नहीं थी तो मैं भी चौंक गयी.

फिर सब दोबारा खेलने लगे.

इस बार बोतल अमित की तरफ आई.
अमित ने डेयर चुना तो मोहित ने कहा- फेहमिना को नंगी करो, हम भी तो देखे तूने कैसे माल को चोदा है.

ये सुनकर मैं खड़ी हो गयी.
मेरी टी-शर्ट तो उतर ही चुकी थी.

अमित ने मेरी शॉर्ट्स भी उतार दी.
अब मैं सबके सामने ब्रा पैंटी में थी.

अमित ने हाथ पीछे ले जाकर मेरी ब्रा भी उतार दी, फिर मेरी पैंटी भी मेरे जिस्म से अलग कर दी.
अब मैं सबके सामने नंगी थी.

मेरा नंगा जिस्म देखकर नेहा ने कहा- यार लग नहीं रहा है कि तू इतनी चुदी हुई माल है.
मैंने उससे कहा- मैंने खुद को मेंटेन करके रखा है.

अमित का टास्क अब पूरा हुआ तो वो जगह पर बैठ गया.
अब मैं थोड़ा आगे बढ़ती हूँ क्यूंकि अगर सारे खेल के बारे में बताने लगूंगी तो कहानी बहुत लम्बी हो जाएगी.

इस तरह धीरे धीरे करके सब नंगे हो चुके थे.
मैंने पूछा- कौन किसके साथ सेक्स करना चाहता है?

मोहित ने आयेशा की तरह इशारा किया और पुलकित और अमन ने मेरी तरफ इशारा किया.

फिर वो दोनों आपस में बहस करने लगे कि कौन मेरे साथ पहले चुदाई करेगा.

मैंने उन्हें रोका और कहा- चलो एक काम करते हैं. देखो अब यहां सब एक दूसरे से चुदाई करेंगे मगर पहले कौन करेगा इसका फैसला लकी ड्रा से करते हैं.

इस पर रिया ने कहा- वाह, आज यहां फेहमिना की बोली लगेगी.
ये सुनकर सब हंसने लगे.

मैंने हम सबके नाम की पर्ची बनाई और बोला- ये चार नाम लड़कियों के हैं और ये चार नाम लड़कों के. सबको दोनों में से एक एक पर्ची उठानी है.

रिया सबसे पहले आई, उसने दोनों में से एक एक पर्ची उठाई.
तो उसमें नेहा और अमन का नाम था.

ये देखकर अमन नेहा के पास चला गया.

फिर नेहा ने पर्ची उठाई तो उसमें मेरा और मोहित का नाम था.
तो मैं भी जाकर मोहित की गोद में बैठ गयी.

फिर मैंने पर्ची उठाई तो उसमें आयेशा और अमित का नाम था.

अंत में रिया और पुलकित की जोड़ी एक साथ बनी तो अमित आयेशा को उठाकर अन्दर ले जाने लगा.

मैंने कहा कि इसे लेकर कहां जा रहा है?
उसने कहा कि अन्दर चुदाई करने.

मैंने कहा- क्यूं हम सबसे शर्म आ रही है क्या यहां चुदाई करने में?
वो ये सुनकर वहीं बैठ गया.

फिर मैंने कहा- जिसको जो करना है, यहीं सबके सामने करो. हम लड़कियां भी लड़के बदल बदल कर चुदाई करवाना चाहती हैं.

मेरी बात पर रिया ने सहमति जताई और कहा- फेहमिना ठीक कह रही है. अब सब यहीं सबकी चुदाई करेंगे.

यह सुनकर मोहित ने मेरे बूब्स दबाने शुरू कर दिया और बोला- हां मेरी जान, लगता है तेरी चूत में ज्यादा आग है, तो आज तेरी चूत की आग शांत करता हूँ.
यह कहकर वो मेरा मुँह पकड़कर मुझे किस करने लगा.

वो अपनी पूरी जीभ मेरे मुँह में डाल रहा था.
मैं भी किस में उसका पूरा साथ दे रही थी.

उधर सब आपस में एक दूसरे को चाटने में लगे हुए थे.

उस समय पूरा गैंग-बैंग वाला माहौल बना हुआ था.
सब एक दूसरे को रगड़ रगड़ कर चूमने में लगे हुए थे.

इतने में मैंने देखा कि पुलकित ने रिया की चूत में लंड डालकर चुदाई करनी शुरू कर दी थी.
उसने रिया की टांगें अपने कंधों पर रखी हुई थीं और रिया के बूब्स दबाते हुए उसे चोद रहा था.

उधर नेहा औंधी लेटी हुई थी और अमन उसकी गांड का छेद चाट रहा था.
आयेशा और अमित खड़े खड़े ही एक दूसरे को खा जाने की नियत से चूस रहे थे.

इधर मोहित मुझे ऐसे चूस रहा था, जैसे आज ही वो मेरे होंठों को मेरे जिस्म से काट कर अलग कर देगा.
मगर मैंने महसूस किया कि आज तक मैंने जितने लोगों के साथ भी सेक्स किया है, उनमें मोहित का किस करने का तरीका सबसे हवसी और सबसे शानदार था.

उसका बस चलता तो वो मेरे पूरा मुँह अपने मुँह में ले लेता.
वो मेरे चेहरे की अच्छे से माँ चोद रहा था.

फिर मोहित ने मेरे मम्मों पर कब्ज़ा जमा लिया और मेरे बूब्स चूसने लगा.
वो कभी मेरे दायीं ओर की चूची को चूसता, तो कभी बायीं ओर का.

फिर उसने मुझे उठाया और बिस्तर के नीचे खड़ा कर दिया.
मुझे घुमा कर ऐसे नीचे झुका दिया जैसे मैं कोई कुतिया थी.

उसने मेरी गांड पर जोर जोर से 4 थप्पड़ मारे जिससे मुझे दर्द तो हुआ मगर मुझे मज़ा भी बहुत आया.

फिर उसने मेरे बाल पकड़कर मेरा मुँह अपनी तरफ किया और मेरी गांड पर थप्पड़ मारता हुआ मुझे किस करने लगा.

मोहित को मुझे दर्द देने में बहुत मज़ा आ रहा था.
फिर मोहित ने मुझे घुमा कर अपनी तरफ कर लिया और धीरे धीरे मुझे नीचे बैठ दिया.

मैं समझ गयी कि मोहित मुझसे अपना लंड चुसवाना चाहता है तो मैंने उसका लंड पकड़कर हिलाना शुरू कर दिया.
उसने मेरे बाल पकड़कर कहा- साली हिलाना नहीं है … लंड मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दे.

मैंने उसकी तरफ देखा और स्माइल करती हुई उसका लंड मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया.
मैं सच में उस दिन किसी पोर्न स्टार की तरह उसका लंड चूस रही थी.
मेरे मुँह से बस घोंघों की आवाज आ रही थी.

मोहित का लंड मेरे थूक से पूरी तरह नहा चुका था. मोहित का लंड 7 इंच के करीब का होगा मगर उसका लंड ठीक-ठाक मोटा था.

वो मेरे बाल पकड़कर मेरे मुँह में लंड डालकर जोर जोर से धक्के दे रहा था जैसे वो मेरे मुँह ना होकर मेरी चूत या गांड थी.

थोड़ी देर लंड चुसवाने के बाद मोहित ने मुझे खड़ा किया और मुझे किस करने लगा.
फिर उसने खुद नीचे जाकर मेरी चूत सहलानी शुरू कर दी, फिर उसने मेरी चूत में अपना मुँह लगा दिया और मेरी चूत चाटनी शुरू कर दी.

मोहित ये सब मुझे खड़ी करके कर रहा था पर मुझे अब खड़ा हुआ नहीं जा रहा था. मैं बस बिस्तर पर लेटना चाहती थी क्यूंकि उसके चूत चाटने से मेरी टांगें कांपने लगी थीं.

मगर उसने बिस्तर पर जाने से मना कर दिया.
वो तो बस मुझे तड़पाना चाहता था.

खैर जब मुझे ज्यादा बर्दाश्त नहीं हुआ तो मैंने अपनी चूत जोर जोर से उसके मुँह पर मारनी शुरू कर दी और 30 सेकंड बाद ही मैंने सारा पानी उसके मुँह में छोड़ दिया जिसे मोहित ने अपने मुँह में भर लिया और ऊपर आकर मुझे किस करते हुए सारा पानी मेरे मुँह में डाल दिया.

मैं अपनी चुत के रस का स्वाद लेने लगी.

दोस्तो, इस बार होली पर मैं अपने गैंग सेक्स में चुदाई का भरपूर मजा ले रही थी.
अभी चुदाई का बहुत रस बाकी है, जिसे मैं अगले भागों में जारी रखूंगी.

मुझे उम्मीद है कि आपको भी मेरी चुत चुदाई की कहानी पसंद आ रही होगी.
प्लीज़ मुझे हॉट गर्ल्स गैंग सेक्स कहानी पर अपने विचार अवश्य बताएं.

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facebook: fehmina.iqbal.143

हॉट गर्ल्स गैंग सेक्स कहानी का अगला भाग:

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