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चुदाई की लत ने रंडी बना दिया- 2

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हॉट कॉल गर्ल की कहानी में पढ़ें कि मुझे चुदाई का शौक पड़ गया तो मैंने सोचा कि मैं अब से पैसे लेकर अपनी चूत चुदवाऊँगी. मजे के मजे और साथ में पैसा!

यह कहानी सुनें.

कहानी के पहले भाग
बहन को पैसों के बदले चुदवाया
में आपने पढ़ा कि मेरी आपा को चुदाई में मजा आने लगा तो वो बड़े बड़े नए लंड चाहने लगी.
मैंने उन्हें सलाह दी कि अगर चूत चुदवानी ही है तो क्यों ना पैसे के बदले चुदवाई जाए.

उन्होंने मेरी बात मान ली.
हम दोनों ने दिल्ली शिफ्ट होने का तय कर लिया.

अब आगे हॉट कॉल गर्ल की कहानी:

अगले 3 दिन तक आपा और मैं जाने की तैयारी करने लगे.

हम दोनों बाज़ार भी साथ जाते थे.
वहां मैंने देखा कि बहुत सारे लोग मेरी आपा की गांड को छूने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहते थे.
आपा भी उनसे अपनी गांड सहलवाने में कोई शर्म नहीं रखती थी.

एक बार हम बाज़ार गए हुए थे.
उस दिन बाज़ार में बहुत भीड़ थी.

आपा ने उस दिन भी रोज की तरह बुरका पहना हुआ था और वो झुक कर कोई सामान देख रही थी.
तभी 2 आवारा लड़के उधर से गुज़रने लगे तो उनमें से एक ने आपा ने गांड पकड़कर जोर से सहला दी.

अचानक हुए इस हमले से आपा एकदम चिहुँक उठी और उस लड़के को गुस्से से देखने लगी.

वो लड़का भी बड़ा हरामी था, वो आपा की तरफ देखकर हंसने लगा और बोला- क्यों मेरी जान, कैसी लगी गांड में उंगली?

यह सुनकर आपा ने चेहरा दूसरी तरफ कर लिया क्यूँकि वहां भीड़ बहुत थी तो आपा कोई सीन क्रिएट नहीं करना चाहती थी.

वही लड़का अब आपा के पीछे आ गया और उनके ऊपर झुक कर दुकान का सामान देखने की एक्टिंग करने लगा.
वो आपा से बिलकुल चिपका हुआ था.

मैंने देखा कि वो अपने हाथ धीरे धीरे बुर्के के ऊपर से आगे आपा के बूब्स पर ले आया और उसने अचानक आपा के चूचे दबा दिये.
आपा ने शर्म की वजह से उसका हाथ हटा दिया और वहां से चली गयी.

कुछ देर तक उन लड़कों ने हमारा पीछा किया मगर हम जल्दी से वहां से निकल गए.
घर आकर मैंने देखा कि आपा की सांसें बहुत जोर से चल रही थे.

मैंने आपा को पूछा.
तो उन्होंने कहा- यार मजा तो बहुत आया … मगर मुझे डर भी लग रहा था कि कही किसी ने देख लिया होता तो परेशानी हो जाती!
मैंने कहा- आपा, अब आप इन सब चीजों की आदत डाल लो. अब तो आप दिल्ली जा रही हो. वहां तो आपको रोज ऐसे अपनी गांड और बूब्स दबवाने पड़ेंगे.
तो आपा ने हँसते हुए कहा- यार, मज़ा बहुत आयेगा।

फिर वो दिन आ गया जब हम दोनों दिल्ली चले गए.

वहां जाकर हमें रहने के लिए घर भी आराम से मिल गया क्यूँकि आपा की कंपनी का फ्लैट उन्हें किराये पर दिया गया था. वहां बस हम दोनों रहते थे.

दोस्तो, जो लोग दिल्ली में रहते हैं, वो ये बात जानते होंगे कि फ्लैट में रहना कितना आरामदायक होता है.
मतलब कोई किसी को परेशान नहीं करता. जिसको जब जो करना हैं वो कर सकता है.

तो हम दोनों अब मज़े से लाइफ जी रहे थे. सारी रात दोनों नंगे रहते जब मर्ज़ी होती तब सेक्स कर लेते थे.

अब सेक्स करते हुए आपा भी जोर जोर चीखकर मेरा जोश बढ़ाती थी.

लगभग 2 महीने बाद एक दिन आपा ने मुझसे कहा- सलीम, अब हमारी बचत ख़त्म हो रही है और मेरी सैलरी भी अभी नहीं बढ़ेगी तो अब हमें कुछ सोचना चाहिए!

तो मैंने आपा से कहा- आपा, अब रंडी वाला काम करना चाहती हो क्या?
वो बोली- यार, ये रंडी शब्द मत बोलो. कॉलगर्ल बोलो. यही करते हैं ना!

मैंने कहा- आप शुरुआत कैसे करोगी?
तो वो बोली- यार, जब मैं ऑफिस जाती हूँ तो एक लड़का मेरा रोज पीछा करता है. शायद वो पट जाये तो उससे अच्छा पैसा मिल सकता है.

मैंने कहा- उससे बात करके देखो!
तो वो बोली- चलो, कल ही उससे बात करती हूँ।

आगे की कहानी नसरीन आपा के शब्दों में:

अगले दिन मैं तैयार होकर ऑफिस के लिए निकल गयी.
मैं बस का इन्तेजार कर ही रही थी कि वो लड़का, जो मेरा रोज पीछा करता था, मुझे दिख गया.

मैंने देखा कि वो मुझे घूर घूर कर देख रहा था.
तो मैं बुर्के के अंदर से उसे देखकर मुस्कुरायी.

पर मैंने सोचा कि इसे बुर्के में से क्या दिखाई दिया होगा.

फिर मैं बस में चढ़ गयी.
मैंने देखा कि वो लड़का भी बस में चढ़ गया और मेरे पास आकर खड़ा हो गया.

दिल्ली की बसों में भीड़ बहुत होती है तो उसमें सीट मिलना बहुत ही मुश्किल हो जाता है.

मैं खड़ी हुई थी, वो लड़का मेरे पास मेरी बगल में ही आकर खड़ा हो गया. भीड़ ज्यादा होने की वजह से वो लगभग मुझसे चिपट ही गया था. उसकी गर्म सांसें मुझे मेरी गर्दन पर महसूस हो रही थी.

फिर अचानक वो अपना चेहरा मेरे पास ले आया और मेरे कान में बोला- कैसी हो?
मैंने उसकी तरफ़ देखा लेकिन कहा कुछ नहीं … बस आँखों से इशारा कर दिया कि ठीक हूँ.

फिर अचानक उसने अपना हाथ मेरी कमर पर रख दिया और मुझे अपनी तरफ खींच लिया.
उसके ऐसा करने से मैं थोड़ा सहम गयी लेकिन कुछ बोली नहीं और उसके पास खिसक गयी.

अब वो बेझिझक मेरी कमर में हाथ चला रहा था.

फिर उसने इधर उधर निगाह दौड़कर देखा और मेरे चूतड़ों पर हाथ रख दिए और सहलाने लगा.
मैं चाह कर भी उसका हाथ नहीं हटा पाई.
बस उससे ये कहा- यहाँ मत करो, कोई देख लेगा.

तो वो मेरे कान के पास मुंह लाया और बोला- अच्छा मेरी जान, तो बताओ कहाँ करना है?

मैंने उससे कहा- जहाँ मैं उतरूंगी, वहां तुम भी उतर जाना.

मैं अपने ऑफिस से थोड़ी पहले ही उतर गयी तो वो भी मेरे साथ उतर गया.

थोड़ी दूर चलकर एक सुनसान जगह पर उसने मेरा हाथ पकड़कर मुझे अपने पास खींचा और मेरा बुरका हटा दिया.
मुझे किस करने के लिए वो अपने होंठ मेरे पास लाने लगा तो मैंने उसे रोक दिया.

मैंने उससे कहा- ये सब ऐसे नहीं होगा.
तो वो बोला- फिर कैसे होगा?
मैंने उससे कहा- हर चीज़ की एक कीमत होती है.

तो वो बोला- अच्छा साली रंडी है तू?
मैंने कहा- जो मर्ज़ी समझ लो!

तो वो बोला- बता कितने रूपए लेगी?
मैंने कहा- 1 रात के 10000/- लूंगी.

वो बोला- यार देख … ये तो बहुत ज्यादा हैं.
मैंने पूरी रंडीबाजी में हॉट कॉल गर्ल की भान्ति कहा- तो ये भी तो देख कि माल कितना बढ़िया मिल रहा है!
वो बोला- हाँ, ये बात तो तेरी सही है. माल तो तू एकदम कंचा है.

फिर वो बोला- अच्छा चल आज रात के लिए तुझे बुक कर लेता हूँ.
मैंने उससे कहा- पैसे कब देगा?
तो वो बोला- आधे चुदाई से पहले और बाकी चुदाई के बाद!

मैं उसकी इस बात पर मान गयी.

तब उसने मुझे एक कार्ड दिया, बोला- इस नंबर पर कॉल कर लेना.
मैं कार्ड लेकर जाने लगी तो उसने मुझे पकड़कर मेरे बूब्स दबा दिए और फिर वहां से चला गया.
तब मैं भी अपने ऑफिस चली गयी.

शाम को जैसे ही मैं घर पहुंची, सलीम ने मुझे पकड़ लिया और नंगी करने लगा.
तो मैंने भी उसे नंगा कर दिया.
और फिर हमने चुदाई का एक राउंड कर लिया.

फिर मैंने सलीम को बताया- मुझे आज रात के लिए ग्राहक मिल गया है. वो दस हजार रूपए देगा.
सलीम ने कहा- वाह मेरी जान, आज से तेरा रंडी बनना शुरू हो गया.
मैं उसकी इस बात पर मुस्कुरा दी.

रात को 7 बजे मैंने उस नंबर पर कॉल किया तो उधर से वही लड़का बोला.
मैंने उसे मेरे बारे में बता दिया.
वो बोला- मैं तुझे इस नंबर पर एक एड्रेस भेजता हूँ, वहां आ जा!
यह कहकर उसने फ़ोन काट दिया.

तुरंत मेरे फ़ोन पर एक मैसेज आया, उसमें एक पता लिखा हुआ था.
मैंने सलीम को बोला- मेरे साथ चलो!
तो वो बोला- मैं जाकर क्या करूंगा?
मैंने उससे कहा- यार, मेरा यह पहली बार है, तो चाहे तू मुझे छोड़कर वापस आ जाना!

सलीम मान गया.

हम दोनों तैयार होकर शाम को लगभग 7:00 बजे घर से निकल गए.

जिस पते पर हम दोनों को पहुंचना था वह हमारे घर से लगभग आधा घंटा की दूरी पड़ताथा.
हम दोनों भाई बहन लगभग 8:00 तक वहां पहुंच चुके थे.

मैंने उस लड़के को फोन किया तो उसने हमें अपना रूम नंबर बता दिया.

हम उसके रूम की तरफ जाने लगे.
मैंने जाकर बैल बजाई तो उसी लड़के ने दरवाजा खोला.

उसने देखा कि मेरे साथ सलीम था.
तो उसने इशारों से पूछा कि यह कौन है.
मैंने उसको कह दिया कि यह मेरा दोस्त है. क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि वह सच्चाई जाने!

उसने हम दोनों को अंदर बुलाया और हम दोनों अंदर चले गए.
लेकिन वह नहीं चाहता था कि सलीम अंदर आए.

उसने इशारे से मुझसे सलीम को बाहर भेजने के लिए कहा.
तो मैंने सलीम को बोला- तुम जाओ, मैं बाद में मिलती हूं!

यह सुनकर सलीम वहां से चला गया.
अब मैं और वह लड़का हम दोनों ही कमरे में अकेले थे.

मुझे थोड़ा सा डर भी लग रहा था क्योंकि मैं पहली बार कोई रंडी बाजी वाला काम कर रही थी.

अब कमरे में बस हम दोनों अकेले थे तो वो लड़का मेरे पास आया और मुझे किस करने ही वाला था कि मैंने उसे रोक दिया और पैसों के बारे में कहा,
उसने तुरंत 5000/- निकाल कर मेरे हाथ में रख दिए.

मैंने उससे उसका नाम पूछा तो उसने अपना नाम राहुल बताया.
उससे रूपए लेकर मैंने तुरंत अपने पास रख लिए.

फिर राहुल ने मुझे अपने पास खींचा और मेरा बुरका हटाकर मुझे किस करने लगा.
राहुल मुझे बेतहाशा चूमे जा रहा था.

उसका एक हाथ मेरे चूतड़ों पर था, वो मेरे चूतड़ जोर जोर से दबा रहा था.
मैंने भी मेरे हाथ उसके पीछे ले जाकर उसके चूतड़ पकड़ लिए और उन्हें अपनी तरफ खींचना शुरू कर दिया.

राहुल समझ चुका था कि मैं अब गर्म हो चुकी हूँ.
तो उसने मेरा बुरका उतार दिया.

अब मैं उसके सामने सेक्सी टीशर्ट और जीन्स में थी.
मैं जीन्स बहुत कम पहनती थी. या यूँ कहें कि मैंने दिल्ली आकार ही जीन्स पहननी शुरू की थी.
मैंने उस वक़्त सफ़ेद टीशर्ट और गहरी नीली जीन्स पहनी हुई थी.

मुझे देखकर राहुल की आह निकल गयी. वो बोला- मैंने आज तक तुझसे ज्यादा सेक्सी रंडी नहीं देखी!
उसके मुंह से अपनी तारीफ सुनकर मैं शर्मा गयी और उसे किस करने लगी.

फिर राहुल ने मेरी टीशर्ट उतार दी.
मैंने अंदर सफ़ेद ब्रा पहनी हुई थी.

अब मैं राहुल के सामने ब्रा और जीन्स में थी.
राहुल ब्रा के ऊपर से ही मेरे बूब्स दबाने लगा.

फिर उसने मेरी जीन्स भी मेरे जिस्म से अलग कर दी.
अब मैं उसके सामने सफ़ेद ब्रा और पैंटी में थी.

मेरा जिस्म देखकर राहुल पागल हुआ जा रहा था.
उसने मुझे अपनी गोद में उठा लिया और मुझे यहाँ वहां किस करने लगा.
या यूँ कहिये कि वो मेरे जिस्म को नोचने लगा.
मुझे दर्द भी हो रहा था मगर मैं शांत थी.

फिर राहुल ने मुझे नीचे उतारकर अपने कपड़े भी उतार दिए.
अब वो बस कच्छे में था.
राहुल का बदन अच्छा था.

तभी मैं उसके सीने को चाटने लगी और राहुल के निप्पलों को चूसने लगी.

तो राहुल ने मेरा हाथ पकड़कर अपने लंड पर रख दिया.
मैंने उसका लंड सहलाना शुरू आकर दिया.

राहुल मेरे बूब्स ब्रा के ऊपर से ही सहला रहा था.
फिर उसने अपने हाथ पीछे ले जाकर मेरी ब्रा उतार दी.

मैंने ब्रा उतरते ही अपने हाथ अपने बूब्स पर रख लिए.
पर राहुल ने मेरे हाथ वहां से हटा दिए.

फिर राहुल ने मेरे बूब्स चूसने शुरु कर दिए.
वह एक हाथ से उसको दबा रहा था और मुंह में लेकर चूस रहा था.

फिर राहुल ने अपने दांतों से मेरे निप्पल को काटना शुरू कर दिया जिससे कि मुझे हल्का सा दर्द होने लगा.
इसलिए मेरे मुंह से ‘आह … धीरे … आराम से …’ की आवाजें निकल रही थी.

मेरे हाथ राहुल के बालों में इधर-उधर घूम रहे थे.
राहुल ने अपने दोनों हाथ पीछे मेरे चूतड़ों पर ले जाकर मेरे चूतड़ों पर हल्के हल्के थप्पड़ मारना शुरू कर दिया और मेरे बूब्स को काटना जारी रखा.
वह धीरे-धीरे मेरे पेट और नाभि को चाटने लगा.

फिर वह धीरे-धीरे करके पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत को किस करने लगा. उसने अपने दोनों हाथ मेरी पैंटी की इलास्टिक में डालकर मेरी पैंटी मेरे जिस्म से अलग कर दी.

मैं उसके सामने बिल्कुल नंगी थी. मैंने अपनी चूत को पूरी तरीके से शेव किया हुआ था, मेरी चूत पर एक भी बाल नहीं था.
यह देखकर राहुल ने मेरी तरफ देखा और आंख मार कर मेरी चुत पर अपना मुंह रख दिया और मेरी चूत को चाटना शुरू कर दिया.

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