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मम्मी की सहेली को उनके घर में चोदा- 1

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हॉट आंटी की अन्तर्वासना का नमूना मुझे तब मिला जब मम्मी ने मुझे उनकी सहेली का लैपटॉप ठीक करने को कहा. मैं आंटी के घर गया. उनके लैपटॉप में मुझे क्या मिला?

दोस्तो, मेरा नाम अर्जुन है. मेरी उम्र 20 साल है.

मेरी पिछली कहानी
सौतेली माँ की चुदाई का आनन्द
को पाठकों ने बहुत पसन्द किया था.

मुझे ढेर सारे ईमेल भी मिले थे और मुझे आगे की घटनाओं पर कहानी लिखने की मांग की गई थी.

पाठकों की मांग पर आज मैं एक नई सेक्स कहानी लेकर आया हूं.
ऐसे तो आप लोगों ने पुरानी कहानियां पढ़ ली होंगी. अगर नहीं पढ़ी हैं, तो पहले उन दोनों को पढ़ लेंगे … तो आपको यह सेक्स कहानी पढ़ने में मजा आएगा.

मेरी और मेरी सौतेली मां सीमा की सेक्स यात्रा शुरू हो चुकी थी.

अब यह हॉट आंटी की अन्तर्वासना की कहानी आगे की कुछ सत्य घटनाओं पर आधारित है परन्तु आपके मनोरंजन के लिए इसमें कुछ काल्पनिक मसाले को भी डाला गया है.
गोपनीयता और सुरक्षा के कारण कहानी के पात्रों के नाम बदल दिए हैं.

मेरे कॉलेज की छुट्टियां चल रही थीं, इसलिए मैं घर पर ही था.

सुबह के करीब 10 बजे होंगे.
एक दिन में ड्रॉइंग रूम में बैठ कर अपने लैपटॉप पर कॉलेज का कुछ काम कर रहा था.

मॉम अपने बेडरूम में तैयार हो रही थीं.
उनको आज अपनी कॉलेज की सहेली काजल के यहां कोई लेडीज फंक्शन में जाना था.

मॉम तैयार होकर बेडरूम से ड्रॉइंग रूम में आ गईं.
मैंने देखा कि मॉम ने शानदार हेयर स्टाइल बनाई थी, माथे पर छोटी सी पिंक कलर की बिंदी लगाई थी
उन्होंने कानों में गोल आकार के झूलने वाली इयरिंग्स पहनी हुई थीं. होंठों पर हल्के पिंक कलर की लिपस्टिक थी. आंखों के बाहर पलकों पर लाइनर लगाया था.

मॉम ने अपने चेहरे पर हल्का सा मेकअप किया हुआ था.

मेरी मॉम इतनी गोरी और खूबसूरत थीं कि उन्हें मेकअप की जरूरत ही नहीं पड़ती है.
तब भी स्त्रियों की आदत मेकअप करने की होती ही है.

मॉम ने गुलाबी सिल्की साड़ी पहनी थी. उसी रंग का टाइट ब्लाउज पहन रखा था.
उनके दोनों खरबूजे जैसी चूचियां बाहर की ओर निकल कर सलामी ले रहे थे.
लेकिन मॉम ने उन्हें साड़ी से ढक दिया था.

उन्होंने नीचे टाइट पेटीकोट पहना हुआ था.
उसमें से मॉम का कुछ खास नहीं दिख रहा था लेकिन पीछे से देखने पर समझ आया कि मॉम की छोटे छोटे मटकों जैसे गोल मटोल दोनों चूतड़ बाहर की ओर निकले हुए थे.

मॉम ने अपने चूतड़ों को भले ही साड़ी से ढक दिया था पर साड़ी चुस्त बंधी होने से वे बड़े ही मादक लग रहे थे और कामुकता बिखेर रहे थे.

नीचे पैरों में मॉम ने हाई हील की सैंडल पहनी हुई थीं.

मॉम ऐसे भी हाइट में लंबी थीं लेकिन हील पहनने के बाद और लंबी दिख रही थीं.
उनके हाथ में खूबसूरत सा पिंक कलर का लेडीज पर्स था.

खूबसूरत, नशीली और सेक्सी आंखों पर मॉम ने सेक्सी सा चश्मा लगाया हुआ था.

मॉम के बदन से मदहोश करने वाली परफ्यूम की खुशबू आ रही थी.

वे बोलीं- अर्जू बेटा, कैसी दिख रही हूं?

मैंने मॉम के सेक्सी बदन के चारों ओर चक्कर लगाया और मॉम के सामने आकर बोला- मॉम, आप तो स्वर्ग की अप्सरा लग रही हो, बहुत ही हॉट और सेक्सी लग रही हो.

यह कह कर मैंने अपना एक हाथ मॉम के पीछे उनके एक चूतड़ पर रखा और दूसरा हाथ उनकी छाती पर तने हुए बड़े खरबूजे जैसे स्तनों पर रख कर हल्के से दोनों दूध को दबा दिया.
मॉम मुस्करा कर बोलीं- थैंक्स बेटा.

मैंने मॉम की गांड को पेटीकोट के ऊपर से हल्का दबा दिया और आगे एक हाथ से आगे एक बूब्स को ब्लाउज के बाहर से दबा दिया.
मॉम ने मेरे होंठों पर हल्का से चुम्मी दी.

मैं- मॉम, आपको ऐसे सेक्सी रूप में देखकर में उत्तेजित हो रहा हूं. मेरा नीचे का सामान खड़ा हो गया है. मन हो रहा है कि एक जल्दी वाला चुदाई का सेशन कर दूँ, लेकिन आपको फंक्शन में जाना है.

मॉम इठला कर बोलीं- तेरा तो रोज खड़ा ही रहता है. तेरे दिमाग में तो बस मॉम की चुदाई और खुदाई ही चलती रहती है. मैं कौन सा कोई 2-3 दिन के लिए बाहर जा रही हूं. मैं तो शाम तक आ जाऊंगी. उसके बाद अपनी मॉम को तसल्ली से चोद लेना.

मैं- ओके मॉम, अच्छा ये बताओ मॉम कि क्या आपने सभी पिंक कलर के कपड़े पहने हैं … मेरा मतलब ब्रा और पैंटी भी पिंक कलर की पहनी हैं क्या?

मॉम- हां बेटा, ब्रा-पैंटी भी पिंक कलर की पहनी है.
मैंने कहा- वाह मेरी पिंकी मॉम!

मॉम हंसती हुई बोलीं- अच्छा … अभी बहुत बातें हो गईं. मैं अब काजल के घर के लिए निकल रही हूं. तेरा लंच बनाकर रख दिया है. टाइम पर खा लेना. मैं शाम होने के पहले आ जाऊंगी.

उन्होंने मुझे अपनी सेक्सी बाहों में ले लिया.
मैंने इसका फायदा उठाया और अपने दोनों हाथ मॉम के पीछे दोनों चूतड़ों पर लगा दिया और पेटकोट के ऊपर से ही हल्का सा भींच दिया.

मॉम के मुँह से हंसी निकली और वे बोलीं- आह … नॉटी बॉय!
मैं- मॉम सॉरी, वह मैं शाम तक आपकी याद नहीं आए इसलिए एनर्जी ले रहा था!

मॉम- ठीक है. अब आगे से भी थोड़ी सी एनर्जी ले ले!
मैंने मॉम के आगे ब्लाउज के ऊपर से उनकी खरबूजे जैसे बड़े स्तनों को हल्का सा दबा दिया.

अब मॉम निकलने ही वाली थीं कि उनके मोबाइल में रिंग बजी और मॉम ने कॉल उठाया.
वे थोड़ी चिंता वाले तरीके से साइड में जाकर बात करने लगीं.

दस सेकंड में ही मॉम ने कॉल ऑफ कर दिया और मेरे पास आकर बोलीं- बेटा, वह सी विंग में 10वें फ्लोर पर जो जेनिफर आंटी रहती हैं. उनका लैपटॉप 2 दिन से काम नहीं कर रहा है और उन्हें कोई जरूरी काम लैपटॉप पर करना है. अभी तू जाकर ठीक कर देना. उन्होंने मुझे कल ही बोल दिया था लेकिन मैं तुझसे कहना भूल ही गई. जेनिफर आंटी मेरी किट्टी पार्टी की बहुत अच्छी सहेली हैं. तुम उनसे कह देना कि मॉम ने तो बताया था, पर तू ही न आ सका.
मैं- डोंट वरी मॉम, मैं अभी जाकर ठीक कर दूंगा.

दोस्तो, मैं आईटी इंजीनियरिंग का फाइनल ईयर का छात्र हूं और सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में एकदम एक्सपर्ट हूं. इसलिए मॉम की सारी फ्रेंड्स को मेरे बारे में पता था.
फिर मॉम घर से निकल गईं.

मैंने अपने कपड़े बदले, एक टी-शर्ट और हाफ पैंट पहन ली.

फिर अपना लैपटॉप टूल्स का बैग, जिसमें सॉफ्टवेयर की सीडी और पैन ड्राइव थी, कुछ हार्डवेयर के टूल्स आदि लेकर आंटी के फ्लैट की ओर निकल गया.

हम ए-विंग में रहते है और सी-विंग हमारी बिल्डिंग के पास में ही थी. हम लोग दिल्ली के बहुत पॉश एरिया में रहते हैं. हमारी इस बिल्डिंग के कॉम्प्लेक्स में सब हायर क्लास लोग ही रहते हैं.

ज्यादातर बिजनेस क्लास के लोग ही रहते हैं.
हमारी बिल्डिंग में हर फ्लोर पर एक ही 5 बी एच के का टेरेस वाला बड़ा फ्लैट ही होता है.

अब मैं आपको जेनिफर आंटी के बारे कुछ बता देता हूं. उन्हें मैं अच्छे से जानता था.
आंटी मॉडर्न और एजुकेटेड हैं.

वे हाउसवाइफ हैं और दिखने में काफ़ी अच्छी दिखती हैं.
उन्होंने अपनी बॉडी को एकदम फिट कर रखा है.

वे मेरी मॉम जितनी हॉट और सेक्सी तो नहीं हैं लेकिन उनको कोई मर्द देख ले, तो उसका लंड जरूर हरकत करने लगता है.

आंटी मॉम की अच्छी फ्रेंड हैं और 48 साल के आस-पास की सुंदर महिला हैं.
उनकी एक बेटी भी है, जिसकी शादी हो चुकी है और वह अपने पति के साथ फ्रांस में रहती है.

आंटी के पति बिजनेसमैन हैं.

मैं आंटी के फ्लैट के बाहर आ गया और मैंने दरवाजे पर लगी बेल दबा दी.

कुछ ही देर में दरवाजा खुला.
सामने जेनिफर आंटी थीं.

वे शायद अभी नहाकर तैयार हुई थीं, उनके बाल मस्त बने हुए थे, बदन से मस्त खुशबू आ रही थी.
आंटी ज्यादा गोरी नहीं थीं लेकिन दिखने में बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी थीं.

उन्होंने सिल्की क्रीम कलर का कुर्ता और सिल्की क्रीम कलर की लुंगी पहन रखी थी.
आंटी के कुर्ते से उनके खरबूजे जैसे आकार के दोनों बूब्स बाहर की ओर निकल हुए थे. उन्होंने टाइट ब्रा पहनी हुई थी, जिसके कारण उनके बूब्स दबे हुए थे.
आंटी के बूब्स भी मॉम की साइज जैसे ही लग रहे थे.

मैं बोला- हैलो आंटी कैसी हैं आप?
आंटी खुश होकर बोलीं- हैलो अर्जुन, मैं एकदम ठीक हूं. आओ अन्दर!

मैं अन्दर आ गया और ड्रॉइंग रूम में सोफे पर बैठ गया.
मैंने झूठ बोला- सॉरी आंटी, मैं कल नहीं आ सका!

आंटी- नो सॉरी बेटा, अब तू जीनियस आ गया तो मेरा लैपटॉप ठीक हो जाएगा. पहले मैं तेरे लिए कुछ खाने को लाती हूं.

मैं- नहीं आंटी, मैं घर से नाश्ता करके आया हूं. पहले आप अपना लैपटॉप मुझे दीजिए … मैं पहले उसे ठीक करता हूं.

आंटी ने लैपटॉप मुझे दे दिया और मेरे पास में सोफे पर बैठ गईं.
मैंने लैपटॉप चेक किया.

मुझे कुछ सेकंड में ही प्रॉब्लम समझ में आ गई
सॉफ्टवेयर और ड्राइवर करप्ट हो गए थे.
मैंने उन्हें री-इंस्टाल कर दिए.

मैं बोला- आंटी, बस 10 मिनट में आपका लैपटॉप ठीक हो जाएगा.
आंटी खुश होकर चहकीं- ओह ग्रेट अर्जुन बेटा, तू तो एकदम जीनियस है. सीमा इसीलिए तेरी तारीफ करती रहती है. अब मैं तेरे लिए स्पेशल जूस लेकर आती हूं.

आंटी उठकर किचन की ओर गईं.
मैं पीछे से उनकी मटकती गोल बड़ी गांड को देख रहा था.

आंटी ने टाइट लुंगी पहनी हुई थी जिसमें उनकी गांड बड़ी मस्त लग रही थी.
लुंगी के बाहर से अन्दर पहनी हुई पैंटी का शेप भी दिख रहा था.

मेरा लंड तो अंडरवियर में मचलने लग गया था.

मैं आंटी जैसी उम्र वाली मेच्योर औरत की चुदाई करना चाहता था लेकिन मुझे कंट्रोल करना था.

फिर मैंने लैपटॉप में कुछ वीडियो वाले एक फोल्डर को देखा तो मेरा दिमाग चकरा गया.

उस फ़ोल्डर को खोला तो सारे सेक्स और एडल्ट वीडियो थे.
कुछ लेस्बियन भी थे.

यह सब देखकर मेरी आंखों में वासना वाली चमक आ गई थी.
मेरा आंटी की चुदाई और खुदाई का प्लान की सफल होने की उम्मीद भी बढ़ गई थी.

आंटी जूस लेकर आ गईं और मुझे जूस का ग्लास पकड़ा दीं.

मैंने जूस पीना शुरू किया और कहा- आंटी, आप किचन का कैसे काम कर रही हैं, आपके नौकर किधर गए?

आंटी- बेटा, आज खाने वाली ने छुट्टी रखी है.

फिर मैंने आंटी को लैपटॉप दिया और बोला- आंटी चेक कर लीजिए, अभी आगे यह लैपटॉप आपको तकलीफ नहीं देगा.
आंटी खुशी से कहने लगीं- थैंक्स अर्जुन बेटा.

आंटी लैपटॉप में कुछ काम करने लगीं.
मैं उनकी बड़ी बड़ी चूचियों को निहारने लगा.

कुछ देर बाद आंटी लैपटॉप में बड़ी मगन होकर लगी हुई थीं.

मैं अपना बैग लेकर सोफे से उठ गया, मैंने कहा- आंटी अभी मैं चलता हूं.
जबकि जाने की मेरी कोई इच्छा नहीं थी.
मैं केवल आंटी का ध्यान अपनी ओर करने के लिए नाटक कर रहा था.

आंटी- अरे बेटा … अगर कोई जरूरी काम नहीं हो, तो थोड़ी देर और रुक जा ना! मैं आज अकेली ही हूं. थोड़ी देर तेरे साथ बातें करूंगी तो मुझे भी अच्छा लगेगा. मेरा लैपटॉप का काम बस हो गया.
मैं- ओके आंटी, काम तो कोई जरूरी नहीं है.

और मैं वापस सोफे पर बैठ गया.
फिर आंटी ने लैपटॉप बंद करके साइड में रख दिया.

अब वे बोलीं- और बेटा पढ़ाई कैसी चल रही है और कॉलेज में कोई गर्लफ्रेंड बनाई है या नहीं!
मैं शर्माते हुए बोला- आंटी, पढ़ाई अच्छी चल रही है और मेरा ध्यान सिर्फ पढ़ाई में ही है. यह गर्लफ्रेंड वगैरह में मेरा कोई इंटरेस्ट नहीं है.

आंटी- गुड बेटा, सीमा बोलती रहती है कि मेरा अर्जुन बहुत ही शरीफ है. पढ़ाई के अलावा उसका ध्यान कहीं और नहीं जाता.

मैं- अंकल किधर हैं आंटी?
आंटी- बेटा, वे तो जल्दी ही ऑफिस चले जाते हैं … फिर शाम को ही आते हैं. मैं अकेली ही घर में रह जाती हूं. इसलिए किट्टी पार्टी में और सहेलियां के साथ टाइम पास करती रहती हूं.

आंटी थोड़ी दुखी होकर बोलीं- बेटी की शादी के बाद ज्यादा ही अकेली महसूस करने लगी हूँ. तेरे अंकल बिजनेस में बहुत व्यस्त रहते हैं. उनके पास मेरे लिए समय ही नहीं रहता है.

मैं- ओह आंटी, आप दुखी मत होइए. लेकिन आप दोनों ने 2 बच्चों की प्लानिंग क्यों नहीं की?
आंटी- बेटा, हमने दूसरे बच्चे के लिए बहुत कोशिश की लेकिन कुछ मेडिकल प्रॉब्लम के कारण नहीं हो सका.
मैं- ओह आंटी सॉरी.

आंटी- काश, मुझे भी तेरे जैसा एक बेटा होता तो मेरी जिंदगी में बहुत रौनक होती. वह मेरा अच्छा दोस्त होता, जिसके साथ में खूब गपशप करती … खेलती. वह मेरा पूरा ख्याल रखता, मैं जो कहती वैसा वह करता.
ऐसा बोलते बोलते आंटी थोड़ी इमोशनल हो गईं.

मैं बोला- अरे आंटी, मैं भी आपका बेटा जैसा ही हूं. आगे से आप अपने को अकेला मत समझना. आप जो कहेंगी, वह मैं आपके लिए करूंगा.

ऐसा सुनते ही आंटी के चेहरे पर थोड़ी मुस्कान आ गई और आंटी ने अपने दोनों हाथ फैला दिए.
उन्होंने मुझे सोफे में ही खींच कर अपने गले से लगा लिया … अपनी सेक्सी बांहों में भर लिया.

ओह माई गॉड!

हॉट आंटी के दोनों खरबूजे जैसे बूब्स मेरे सीने से चिपक गए.
मेरा लंड जोरदार मस्ती में आ गया और हाफ पैंट से बाहर निकलने के लिए मचलने लगा.

दोस्तो, हॉट आंटी की अन्तर्वासना की कहानी लम्बी है. अभी तक आपको सेक्स कहानी कैसी लग रही है, प्लीज बताएं.
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हॉट आंटी की अन्तर्वासना की कहानी का अगला भाग: मम्मी की सहेली को उनके घर में चोदा- 2

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