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मैं अम्मी और बहन का दल्ला बन गया

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फॅमिली रंडी सेक्स कहानी मेरी अम्मी और बहन की पैसों के बदले चुदाई की है. मैं एक धंधे में कैसे घुस गया? मैंने भी अपनी माँ बहन चोद दी.

दोस्तो, मैं आपका दोस्त असलम, कैसे हो … उम्मीद करता हूँ कि आप सब ठीक होंगे.

दोस्तो, आप सभी ने मेरी अब तक की सभी कहानी पसंद की हैं और उम्मीद है आगे भी करोगे.

कुछ लोगों के ईमेल आते हैं, वो पूछते हैं कि कहानी रियल है या काल्पनिक.
तो मैं बता दूँ कि मेरी सभी कहानी रियल घटनाओं पर आधारित होती हैं.

आज की सेक्स कहानी का पूरा मजा लेने के लिए आप सभी को मेरी पिछली कहानी
अम्मी ने मेरी बहन की चूत चुदवा कर रण्डी बनाया
पढ़नी होगी, तब ही आज की इस फॅमिली रंडी सेक्स कहानी के मजे ले पाओगे.

उसमें मैंने बताया था कि कैसे मेरा दोस्त धीरज नवीन को लेकर मेरे घर आया था और उन दोनों ने मेरी अम्मी व बहन को चोदा था.
अब आगे क्या हुआ, वो मैं इस कहानी में बता रहा हूँ.

जो नए पाठक जुड़े हैं, उनको मैं अपना और अपनी फैमिली का परिचय करा देता हूँ.

मैं असलम हूँ. मेरे अब्बू गुजर चुके हैं.
मेरी अम्मी का नाम यास्मीन है और बहन सबीना है.
अम्मी की उम्र 41 साल लेकिन उन्होंने अपने फिगर को काफी मेंटेन कर रखा है, जिस वजह से वो 32 साल की मादक माल लगती हैं. अम्मी का फिगर 34-32-36 का है.

मेरी बहन सबीना की उम्र 26 साल है, उसका बदन 32-26-34 का है.

पिछली सेक्स कहानी में आपने पढ़ा था कि धीरज और नवीन मेरे घर में मेरी मां बहन चोद रहे थे.
मेरी अम्मी को चुदाई की आदत हो गई थी और उनके साथ सबीना को भी लंड की लत लग गई थी.
इससे मेरी अम्मी और बहन के जिस्म में काफी बदलाव आने लगा था.

कुछ दिनों तक नवीन और धीरज मेरे घर आते रहे.

वो कभी अम्मी को चोदते तो कभी बहन को चोद देते. कभी कभी वो दोनों से सेक्स करते.

फिर नवीन को देश से बाहर विदेश जाना पड़ा क्योंकि उधर उसे जॉब मिल गयी थी.
नवीन के बाद अब मेरे घर में सिर्फ धीरज ही आता था.

धीरज बहुत कम आता था क्योंकि धीरज के पास जब पैसों का जुगाड़ होता, तभी वो आ पाता था.

एक दिन जब धीरज आया, तब अम्मी बोलीं- धीरज, तेरा दोस्त नवीन बता रहा था कि उसके पापा एम एल ए हैं.
धीरज बोला- हां आंटी हैं तो!

अम्मी बोलीं- यार धीरज, तू जानता है कि नवीन आता था, तब तक पैसों की दिक्कत नहीं थी. लेकिन अब नवीन नहीं है और पैसे के लिए ग्राहक ढूँढने कहां जाऊं. तू नवीन के विधायक पापा से कुछ सैटिंग करवा दे.
इस पर धीरज बोला- आंटी, तुम जो बोल रही हो, वो मैं समझ सकता हूँ. लेकिन आप जो बोल रही हैं, वो नामुमकिन है. क्योंकि उसके पापा एक शरीफ आदमी हैं. हां आप चाहो तो मैं एक एरिया जानता हूँ, जहां आप जाकर अपने लिए ग्राहक ला सकती हो.

तब अम्मी बोलीं- कहां पर जाना होगा?
धीरज ने एरिया का नाम बता दिया और अम्मी से चुदाई करके चला गया.

अम्मी मेरी बहन सबीना से बात की, तब सबीना बोली- अम्मी, यह आईडिया बुरा नहीं है.
अम्मी बोली- चल आज रात से ही उधर जाती हूँ.

अब मैं रात का इन्तज़ार कर रहा था.
जैसे ही रात हुई, अम्मी मस्त टाईट कुर्ती और लैंगिंग्स पहन कर तैयार हो गईं और जाने की पोजीशन में आ गईं.

मैंने अन्दर वाले रूम के पीछे की खिड़की से बाहर निकल कर अम्मी का पीछा करने सोच लिया.

जैसे अम्मी बाहर जाने निकलीं, मैं भी अपनी अम्मी का पीछा करने लगा.
अम्मी ने एक ऑटो की और मैंने दूसरा ऑटो ले लिया. मैंने उस ऑटो वाले से अम्मी वाली ऑटो पीछे जाने बोला.

अम्मी को धीरज ने जो एरिया बताया था, अम्मी उस एरिया से 600 मीटर पहले ही उतर गईं और मैं भी ऑटो से निकल आया.
मुझे समझ नहीं आया कि अम्मी 600 मीटर पहले ही क्यों उतर गईं.

खैर वो पता नहीं.

फिर अम्मी अब उस एरिया की ओर जाने लगीं.
वो एकदम सुनसान एरिया था क्योंकि रात में उस एरिया में ऐसे सब काम ही होते थे.
अच्छे घर की लड़कियां या अच्छे लोग उस रास्ते से रात में नहीं निकलते थे.

कुछ देर बाद मेरी अम्मी उस एरिया में आ गईं और एक दीवार के पास खड़ी हो गईं.
मैं चुपके से उस दीवार के पीछे वाले भाग में छिप गया.

कुछ देर बात वहां एक बड़ी सी कार आयी और कार अम्मी की थोड़ी आगे को रुक गई.
उस कार में से दो लड़के उतरे.
दोनों में से एक की उम्र 27 या 28 और दूसरे की 26 या 25 की लगती थी.

दोनों अम्मी के पास आ गए.

एक ने कहा- क्या नाम है?
तब अम्मी बोलीं- नाम से क्या काम है. अपने काम से मतलब रखो. वैसे मेरा नाम यास्मीन है.

तब वो दोनों एक साथ बोले- कितना लेती है?
तब अम्मी बोलीं- मेरे से करोगे 8000 फुल नाइट और एक और है, वो लड़की है 26 साल की. उसके और मेरे साथ के बीस हज़ार लगेंगे.

तब एक बोला- उस लौंडिया की फोटो है?
अम्मी ने फोन से दीदी की फोटो दिखाई.

तब दोनों बोले- माल तो ठीक है, लेकिन तुझे चैक करने दे. ढीला पोला माल है, या कुछ मजेदार भी है?
अम्मी ने ऊपर से जरा सी अपनी कुर्ती के बटन खोले और उन दोनों को अपने मम्मे ऐसे दिखाए, जैसे वो एक पेशेवर रंडी हो.

तभी एक लौंडे ने अम्मी की गांड पर हाथ घुमाया और दबा कर कहा- गांड भी मस्त है. पीछे से चलती है न … बाद में नाटक नहीं चाहिए.
अम्मी ने हामी भर दी.

फिर वो दोनों बोले- करेंगे कहां?
तब अम्मी बोलीं- मेरे साथ चलो, रूम है.

उस पर दोनों बोले- रूम भी इसी बीस हजार में ही रहेगा ना?
तब अम्मी बोलीं- नहीं, रूम के एक हजार अलग से, फुल सेफ्टी है.

दोनों मान गए और अम्मी कार में बैठ गईं.

मैं वहां से ऑटो करके घर पहुंचा और पीछे रूम से अन्दर आया.

तब तक अम्मी और वो दोनों घर में आ गए थे.
मेरी बहन जींस टॉप पहनी हुई थी.

अम्मी ने दोनों लड़कों से पैसे मांगे.

उन दोनों ने अम्मी को पैसे दे दिए.
फिर मेरी बहन बोली- अपना नाम तो बताओ?

उन दोनों ने अपने अपने नाम बताए.
एक का नाम अनुपम था, वो 28 साल का था और दूसरा कार्तिक 26 साल का था.

वो दोनों सोफ़े पर बैठ गए और अनुपम की तरफ अम्मी और कार्तिक के पास मेरी बहन बैठ गई.

अब चारों किस कर रहे थे.
उउम्म … उम्म … की मधुर आवाजें आने लगी थीं.

वो दोनों लौंडे अनुपम और कार्तिक मेरी बहन और अम्मी के मम्मे भी दबा रहे थे.
अनुपम बोल रहा था- क्या मस्त माल हो साली रंडियो … आज तो मजा आ गया.

फिर अम्मी ने अनुपम के कपड़े उतार दिए और कार्तिक के कपड़े मेरी दीदी ने उतार दिए.
दोनों पूरे नंगे हो गए थे.

मेरी अम्मी अनुपम का लंड हिला रही थीं और मेरी बहन कार्तिक का.
वो दोनों अम्मी और बहन को चूम रहे थे और उनके मम्मे दबा रहे थे.

कुछ देर बाद अनुपम और कार्तिक ने अम्मी और बहन के कपड़े उतार दिए और दोनों को नंगी कर दिया.
मेरी अम्मी और बहन दोनों नंगी थीं.

अनुपम और कार्तिक बेड पर सीधे लेट गये.
अम्मी और बहन मालिश करने लगीं.

मेरी अम्मी और बहन उन दोनों की क्या मस्त मालिश कर रही थीं, ऐसा लग रहा था कि जैसे दोनों पक्की रंडी हों.
वो दोनों अम्मी और बहन की गांड पर थप्पड़ मार रहे थे और मजा ले रहे थे.

बीस मिनट की मालिश के बाद अम्मी कार्तिक का लंड और बहन अनुपम का लंड चूसने लगीं.
दोनों लड़के अपना अपना लंड मुँह में अन्दर गले तक पेल रहे थे.

लगभग दस मिनट तक अम्मी और बहन ने उन दोनों का लंड चूसा और दोनों का एक एक बार पानी अपने अपने मुँह में निकलवा लिया.

फिर अम्मी और बहन ने अपनी ब्रा से दोनों का लंड साफ किया और अब वो सब 69 पोज में आ गए.
अम्मी के साथ कार्तिक और बहन के साथ अनुपम लग गया.

अनुपम और कार्तिक अम्मी बहन की चूत चाटने लगे और अम्मी और बहन फिर से उनके लंड चाटने लगीं.

उस वक्त 69 में दोनों लड़के मेरी अम्मी और बहन की गांड पर थप्पड़ मार रहे थे और बोल रहे थे कि साली दोनों गजब की माल हैं.
लगभग आधा घंटा तक इसी तरह की मस्ती चलती रही.

अब अम्मी और बहन भी गर्मा गई थीं. उन दोनों ने अपनी अपनी चूत का पानी छोड़ दिया और उन दोनों ने चूत का रस चाट लिया.
इसके बाद अम्मी और बहन सीधी लेट गईं.

अनुपम मेरी बहन के पास और कार्तिक अम्मी के पास घुटने के बल बैठ गया.
उन दोनों ने मेरी अम्मी और बहन की टांगें चौड़ी की और दोनों ने अपना अपना लंड अम्मी और बहन की चूत में पेल दिया.

अनुपम ने बहन की चूत में … और कार्तिक ने अम्मी की चूत में लंड पेल दिया था.
वो दोनों मेरी अम्मी और बहन को चोदने लगे.

अम्मी और बहन की मादक आवाजें कमरे के वातावरण को रंगीन बनाने लगीं.
उन दोनों की ‘आह उई … उउह …’ की चीखें गूंज रही थीं.
दोनों लौंडे मेरी अम्मी और बहन को ज़बरदस्त पेल रहे थे.

कुछ बीस मिनट बाद दोनों ने स्पीड बढ़ा दी.

मेरी बहन ने टांगें सीधी कर दीं और अनुपम की कमर के ऊपर से मिला दीं.
वो अनुपम से बड़ी ही तेजी से चुदवाने लगी.

उधर कार्तिक अभी भी मेरी अम्मी की टांगें चौड़ी करके ही चोद रहा था.
कुछ देर बाद दोनों का पानी छूट गया.

अनुपम का लंड मेरी बहन की चूत में पूरा अन्दर तक घुसा हुआ था और कार्तिक का अम्मी के चूत में पूरा अन्दर नहीं गया था, उसका थोड़ा बाहर निकला हुआ था.
कार्तिक बोला- अनुपम का अन्दर तक है, मेरा बाहर क्यों कर रखा है?

अम्मी बोलीं- सबीना ने अपनी टांगें सीधी करके अनुपम की कमर से पैर मिला दिए थे ताकि अनुपम का पूरा वजन उसकी चूत के अन्दर तक जाए. जबकि तूने मेरी टांगें चौड़ी करके ही लंड पेला था, इसलिए तेरा थोड़ा बाहर रहा.

अनुपम बोला- जो भी हो, पानी छोड़ते समय मस्त मजा आया. अब तक जितनी रंडी चोदीं, सबको कंडोम लगा कर चोदा था या वो पानी बाहर निकालने को बोलती थीं. लेकिन आज चूत में अन्दर रस छोड़ने में मजा आ गया.

अब तक कार्तिक और अनुपम का 2-2 बार वीर्य छूट गया था.

उन दोनों ने अम्मी और बहन से सीधे लेटे रहने बोला.
फिर दोनों ने मेरी बहन की पैंटी से अम्मी और बहन की चूत साफ की और दोनों अम्मी और बहन की चूचियों पर बैठ गए.

वो दोनों मेरी अम्मी और बहन की जीभ से लंड चटवाने लगे.
कुछ मिनट बाद उन दोनों के लंड फिर से खड़े हो गए.

अब कार्तिक मेरी बहन की चूत और अनुपम मेरी अम्मी की चूत चोदने लगा.
अम्मी और बहन फिर से अपनी चूत चुदवाने लगीं.

फिर से रूम में कामुक आवाज गूंज उठीं ‘आआह ईईउआह …’

कुछ देर तक दोनों चूत चोदते रहे.
इस बार कार्तिक ने मेरी बहन की चूत में पूरा पानी छोड़ दिया.

अपनी चूत चुदवाने के बाद मेरी बहन उठी और फ्रिज में से वोडका की बोतल निकाल लाई.

वो अपने साथ दो गिलास भी लायी.

वो दोनों बोले- दो गिलास क्यों लायी हो?
अम्मी हंस कर बोलीं- रुको, अभी सब पता चल जाएगा.

मेरी बहन ने दो पैग बनाए और अम्मी और बहन ने उन पैग से एक एक घूंट पी कर अनुपम और कार्तिक को एक एक घूँट पिलाने शुरू किए.
ऐसा करते करते उन चारों ने तीन तीन पैग गटक लिए थे.

उन दोनों का लंड फिर से खड़ा हो चुका था.
इस बार अनुपम ने मेरी बहन को सोफ़े पर डॉगी बना दिया और कार्तिक मेरी अम्मी को बेड पर घोड़ी बना दिया.

वो दोनों मेरी अम्मी और बहन की गांड मारने लगे. दोनों अपने पूरे लंड गांड में पेल कर मजा ले रहे थे.

मेरी बहन मस्ती से चीख रही थी ‘आआह … उईई … आआह … मर गयी आआह … कितना अन्दर तक ठांस रहे हो … आआह … धीमे पेलो …’
लेकिन दोनों अपनी मौज में गांड ठोक रहे थे.

लगभग 20 मिनट बाद कार्तिक मेरी बहन पास सोफ़े पर आ गया और अनुपम बेड पर अम्मी पास.

अनुपम ने अम्मी को पूरी उल्टी लेटा दिया और कार्तिक ने बहन को सोफ़े पर लेटा दिया.
दोनों ताबड़तोड़ गांड मारे जा रहे थे और दोनों ने अपना अपना वीर्य अम्मी और बहन की गांड में छोड़ दिया.

दोनों लौंड़े खुश हो गए.

अनुपम मेरी अम्मी से बोला- तू अपनी बेटी की शादी हम दोनों से करा दे. ये सबीना हम दोनों की पत्नी बनकर रहेगी.

अम्मी बोलीं- तुम दोनों करते क्या हो?
अनुपम बोला- मेरा होटल है.
कार्तिक बोला- मेरा क्लब है.

अनुपम बोला- मेरा विवाह हो गया है लेकिन बीवी बोरिंग है.
तब मेरी बहन बोली- अनुपम तेरी शादी हो गई है तो तू मुझसे क्यों शादी करना चाहता है?

अनुपम बोला कि बोला तो है कि मेरी बीवी बोरिंग है. तू मेरी रखैल बीवी बन कर रहेगी.
अम्मी बोलीं- मेरा बेटा भी है. हम उससे छिप कर ये सब करते हैं.

अनुपम और कार्तिक बोले- अरे आंटी, तो उसे भी अपनी चूत के मजे दे दो, वो भी खुश हो जाएगा. बदले में हम तुम्हारा पूरा खर्चा उठाएंगे.
मेरी बहन बोली- हां यह बात सही है … भाई जान को कभी ना कभी पता चल ही जाएगा.

अम्मी बोलीं- तो ठीक है, मैं उससे बात करूंगी.
अब चुदाई खत्म हो गई थी.

वो दोनों अपना फोन नंबर देकर चले गए.

दूसरे दिन जब सुबह हुई तो हम सब उठे.

अम्मी चाय नाश्ता बना कर लाईं.

चाय पीते हुए बहन मुझसे बोलीं- भाई, एक बात करनी है.
मैं बोला- हां बोलो.
तब अम्मी बोलीं- बेटा तू अपनी बहन की शादी करवा दे.
मैं अनजान बन कर बोला- किससे करवा दूँ, लड़का कौन है?

तब अम्मी ने कार्तिक और अनुपम के बारे में बताया.
मैं बोला- क्या दोनों लड़के दीदी से शादी करेंगे. दो से शादी कौन करता है?

अम्मी बोलीं- मेरी सहेली है, ये उसके रिश्तेदार हैं.
मैं जरा गुस्सा हुआ.
तो मेरी बहन बोली- भाई देखो, अगर मैं शादी कर लेती हूँ … तो हमारे पास बहुत पैसा होगा और तुम्हें भी फायदा होगा.

मैं बोला- मुझे कैसा फायदा?
मेरी बहन और अम्मी एक साथ बोलीं- तुझे भी हमारी जवानी चखने मिलेगी.

इस पर मैं झूठ मूठ का गुस्सा करने लगा और बाद में मान गया.

अम्मी ने दोनों को फोन किया और घर आने को कहा.
दोनों घर आ गए.

अम्मी ने उन दोनों को मुझसे मिलाया और मैं भी मिला.
हमने बात की.

मैंने कहा- शादी तो ठीक है, लेकिन यहां सोसायटी में शक होगा, इसलिए हमें कहीं और रहना पड़ेगा.
तब अनुपम बोला- अरे तो मेरा एक फ्लैट है, उधर कोई नहीं रहता. वो शहर से बाहर है. अभी उधर सुनसान है … कोई बस्ती नहीं है. उसमें तेरी अम्मी और बहन रहेंगी, तू भी साथ में रह लेना.

कुछ देर बाद यह पक्का कर लिया गया.

अगले दिन मेरी अम्मी ने हमारे पड़ोसियों से बोल दिया कि हम लोग कुछ दिन के लिए बाहर जा रहे हैं.
अब हम सब अनुपम के रूम पर आ गए.

उधर एक ही रूम था और रूम में डबल बेड और सोफा था.
कार्तिक और अनुपम ने मेरी बहन से शादी की और साथ में मैंने भी अम्मी और बहन से निकाह कर लिया ताकि रिश्ता बदल जाए.

अब मैं, सबीना और अपनी अम्मी यास्मीन का शौहर (पति) हो गया.
आज सुहागरात होनी थी.

अनुपम और कार्तिक बोले- हम तेरी बहन सबीना के साथ मजा लेंगे.
अम्मी बोलीं- अब हमें असलम की बीवी बोलो.

अम्मी और बहन सुहागरात के लिए तैयार होने लगीं.
उन दोनों ने लाल कलर की ड्रेस पहनी.

एक ही कमरा था तो सारे उधर ही लग गए.
सबीना कार्तिक और अनुपम के साथ और मैं यास्मीन के साथ हो गया.

मैंने यास्मीन को किस करना शुरू कर दिया.
उम्माह …

यास्मीन ने मुझे खूब चूमा और मैंने यास्मीन को नंगी कर दिया. यास्मीन ने मुझे नंगा कर दिया.

अनुपम और कार्तिक ने सबीना को नंगी किया और चूमाचाटी शुरू हो गई.

मैं यास्मीन की चूत चोदने लगा. वो दोनों मेरी बहन सबीना की चूत और गांड चोदने लगे.

दोनों मादक भाव से चीख रही थीं ‘आआह आआह … उईई …’

मैंने आज पहली बार अपनी बहन को दो लंड एक साथ लेते देखा था.
हम तीनों उन दोनों को पेल रहे थे.

लगभग 35 से 40 मिनट तक धमाकेदार चूत गांड चुदाई चली.
फिर मैंने यास्मीन की चूत में पानी छोड़ दिया और अनुपम और कार्तिक ने मेरी बहन की चूत और गांड में रस छोड़ दिया.

ये अब हमारा रोज का काम हो गया था.
कभी अनुपम अपने किसी दोस्त के साथ फ्लैट में आता, कभी कार्तिक साथ में आता.
वो सब मेरी अम्मी और बहन के मजे लेते.

कुछ समय बाद मेरी बहन प्रेगनेंट हो गयी.
लेकिन अभी हम बेबी नहीं चाहते थे.

अनुपम बोला- कार्तिक की मॉम गायनेकोलॉजिस्ट है, वो बच्चा गिरा देगी. लेकिन इसका बाप का साथ में होना जरूरी है. सबीना को अपने शौहर के साथ होना चाहिए.
तब मैं और यास्मीन, सबीना को लेकर कार्तिक की माँ पास गए.

कार्तिक की माँ का नाम डॉक्टर सुनीता था. वो घर से ही क्लिनिक चलाती थी.
यास्मीन ने सुनीता से कहा- सबीना का बच्चा गिराना है.

सुनीता बोली- तुम तो इससे छोटे दीखते हो? सच सच बताओ?

अब हमने सच बताया.
तब सुनीता बोली- मतलब तुम दोनों रंडी हो.

तभी कार्तिक और अनुपम भी सामने आ गए.
कार्तिक अपनी मम्मी से बोला- मॉम सॉरी, गलती हो गयी.

सुनीता बोली- डरो नहीं, ये रंडियां तुम जैसे अमीरों के लिए ही बनी होती हैं. तुमने अच्छा किया कि इसे मेरे पास लाए.
फिर सुनीता ने सबीना का बच्चा गिरा दिया और बोली- अभी दो दिन सेक्स नहीं करना, वर्ना दर्द होगा.

फिर हम तीनों ने दो की जगह एक हफ्ते तक सिर्फ यास्मीन को पेला.

दोस्तो, ऐसे मेरी अम्मी और बहन का रंडी बनने का सफर शुरू हुआ था.
अब तो रंडी सेक्स के लिए बहुत सारे मर्द आते हैं.

मैं भी बाहर की औरतों के पास बहुत जाता हूँ और दूसरी बाहर की औरतों को भी धंधा कराता हूँ.

मैं सबका दल्ला कहलाने लगा हूँ. एक सच्चे और अच्छे दल्ले की तरह मेरा काम चलने लगा था.
तो दोस्तो, मेरी सच्ची फॅमिली रंडी सेक्स कहानी आपको कैसी लगी. मुझे जरूर बताएं और जो लोग मुझसे बात करना चाहते हैं, वो मुझे ईमेल करें.
[email protected]

धन्यवाद.

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