छोड़कर सामग्री पर जाएँ

मैडम ने गर्लफ्रेंड बनकर मुझसे गांड चुत चुदवाई

  • द्वारा


होम ट्यूटर सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने पड़ोस की एक लड़की जो इंग्लिश एम ए कर रही थी, उससे पढ़ना शुरू किया. मुझे उनका जिस्म बड़ा ही कामुक दिखता था.

हैलो दोस्तो, नमस्कार!

आशा करता हूं आप सभी लोग लोग अच्छे से होंगे.

अभी इस माहौल में सब लोग घर में ही हैं, मैं सभी से इल्तिजा करता हूं कि आप अपने घरों से बाहर ना निकलें. सब लोग अन्तर्वासना पर सेक्स कहानियां पढ़ते रहें और अपना टाइम पास करते रहें.

मेरी पिछली कहानी थी: किरायेदार लड़की की चुत गांड चूसकर मस्त चुदाई की

यह होम ट्यूटर सेक्स कहानी मेरी शुरुआती चुदाई की है. कहानी उस वक्त की है जब मैं अपने से बड़ी उम्र की लड़की को चाहने लगा था. उस टाइम मैंने उसको कैसे चोदा और कैसे उसकी गांड में लंड पेल कर बहुत भयंकर वाली चुदाई की.

मैं उस वक्त 12वीं कक्षा में पढ़ता था और उस अपने गांव से दूर शहर में किराए पर कमरा लेकर रहता था.

मेरे मकान मालिक और मकान मालिकन आंटी दोनों की उम्र 50 से 55 साल की थी. उन दोनों का व्यवहार बहुत अच्छा था.

मेरा व्यवहार भी काफी अच्छा था; मैं जल्दी ही सभी से घुल-मिल जाता था. मैं अंकल आंटी के घर में अपने घर की तरह ही रहता था, वो दोनों भी मुझे बहुत प्यार करते थे.

एक दिन ये हुआ कि एक और किराएदार अंकल के पास मकान में किराए से रहने आई. इस नए किरायेदार की शक्ल में एक जवान मैडम थी.

मैडम की उम्र लगभग 27 साल की रही होगी. उनका नाम गुलनिहाल था. वो इधर रह कर कुछ पढ़ रही थीं.

वो मैडम अपने कपड़े सुखाने के लिए मकान की छत पर आया करती थीं. मैं भी उन्हें बड़ी हसरत से देखा करता था. उस समय तक हम दोनों के बीच कोई बात नहीं होती थी.

मैडम छत पर कभी कपड़े सुखाने आती थीं, तो कभी धूप लेने, कभी कुछ सामान सुखाने के लिए आ जाती थीं. इस तरह से लगभग 2 महीने बीत गए.

फिर दिन अचानक से कुछ ऐसा हुआ कि हम दोनों में हाय हैलो शुरू हो गई.

मैंने उनसे औपचारिक बातें करना शुरू कर दीं. वो भी मुझसे मेरे बारे में जानकारी लेने लगीं. उन सब बातों में कुछ ख़ास नहीं था.

फिर एक दिन मैडम और मैं छत पर थे. उन्होंने मुझसे मेरी पढ़ाई के बारे में पूछा तो मैंने मैडम को बता दिया.

फिर न जाने कैसे मैंने मैडम से पूछा कि आपकी उम्र कितनी है?

उन्होंने बताया- मेरी उम्र 27 साल है … क्यों पूछ रहे हो?

मैं सिटपिटा गया मगर वो हंस दीं, तो मैं शांत हो गया.

फिर मैंने पूछा- आप क्या पढ़ाई करती हैं?

उन्होंने बताया- हां, मैं एमए कर रही हूं.

मैंने कहा- ओके … आपकी किस स्ट्रीम से एमए कर रही हैं?

उन्होंने बताया- इंग्लिश से.

मैंने कहा- मेरी इंग्लिश तो बहुत कमजोर है … मगर मेरी समझ ही नहीं आता कि मैं क्या करूं. मैं इंग्लिश के लिए ट्यूशन लगाने की सोच रहा हूं. आपकी नजर में कोई अच्छा सा टीचर हो तो ट्यूशन मिल जाएगी.

उन्होंने बोला- अगर तुम्हें कोई प्रॉब्लम हो, तो तुम मुझसे पूछ लिया करो.

मैंने कहा- अरे आपको दिक्कत होगी.

मैडम ने हंस कर कहा- मुझे क्या दिक्कत होगी, तुम मुझसे बेहिचक पूछ सकते हो.

मैंने कहा- लेकिन मैडम, मुझे तो प्रॉपर ट्यूशन चाहिए ही होगी.

मैडम ने कहा- ओके, अगर तुम चाहो तो मैं ही तुमको ट्यूशन दे सकती हूं.

मैंने कहा- ठीक है मैडम … मुझे आपको मंथली कितना पेमेंट देना होगा!

उन्होंने बताया कि मैं पैसे नहीं लूंगी, तुमको वैसे ही पढ़ा दिया करूंगी.

मैंने कहा- नहीं मैडम जी, मैं ऐसे नहीं कर सकता. आप मुझे 800 रूपए महीने लेने की कहें तो मैं आपसे ट्यूशन ले लूंगा.

मैडम ने ‘ठीक है ..’ कह कर बात पक्की कर दी.

मैं उनके यहां ट्यूशन जाने लगा.

जैसे मैडम मुझे पढ़ाती थीं, वो तरीका मुझे बहुत पसंद आने लगा.

चूंकि मैं मैडम के कमरे में जाकर पढ़ता था. तो मैडम अपने घर वाले कपड़ों में ही पढ़ाने लगी थीं.

अधिकतर तो वो लोअर और टी-शर्ट ही पहनती थीं. मगर कभी कभी वो नाइटी पहन कर मुझे पढ़ाने लगती थीं. उनकी नाइटी में मुझे उनका जिस्म बड़ा ही कामुक दिखता था, तो अब मैं उनके हिलते हुए मम्मों को देखने लगा था.

मैडम ने मेरी नजरों न जाने कभी ताड़ा या नहीं, मगर मैं छुपी नजरों से उनकी फूली चूचियों को देख कर खूब उत्तेजित हो जाता था और मेरा लंड मेरे लोअर में फूलने लगता था.

कुछ ही दिनों में ऐसा होने लगा कि मैं मैडम से पढ़कर आने के बाद अपने बाथरूम में आकर मैडम के नाम कि मुठ मारने लगा था.

मुझे उनके हिलते हुए मम्मे और मटकती हुई गांड बहुत अच्छी लगती थी.

अब मैडम भी मेरे साथ काफी खुली खुली सी रहने लगी थीं. कभी वो मुझे कुछ स्पेशल बना कर भी खिलाने लगी थीं. हम दोनों के बीच मजाक मस्ती भी होने लगी थी.

एक दिन की बात है, मैं मैडम के कमरे में उनसे पढ़ रहा था और हमारी बातें भी चल रही थीं.

एकदम अचानक से मैंने ऐसे ही मैडम से पूछा- यार दीदी, ये तो मेरी समझ में ही नहीं आ रहा है.

मैडम ने कहा- तुम मेरा नाम ले सकते हो या मैडम बोल सकते हो.

मैंने शुरू में तो उनसे मैडम ही बोला, फिर एक दो बार उनका नाम भी लिया.

जब मैंने मैडम का नाम लिया कि गुलनिहाल जी … मुझे ये बता दीजिएगा.

मैडम बहुत खुश हुईं और बोलीं- हां तुम्हारा गुलनिहाल कहना मुझे बड़ा अच्छा लगा और सुनो अब से तुम मुझे सिर्फ गुल ही कहा करो यार … निहाल जी लगा देने से मैं खुद को तुमसे बहुत बड़ी महसूस करने लगती हूँ.

मैंने गुलनिहाल मैडम की आंखों में देखा, तो वो बड़ी मस्त नजरों से मुझे देख रही थीं.

मैंने उनसे कहा- ओके … अब से आपको गुल ही कहूँगा.

मैडम ने ओके कह कर मेरी पीठ सहला दी और बोली- गुड ब्वॉय.

उस दिन पढ़ाई बंद हो गई और हम दोनों इधर उधर की बातें करने लगे.

मैंने मैडम से पूछा- आप अपने बालों में क्या लगाती हो … बहुत खुशबू आती है.

मैडम शर्माते हुए बोलीं- मैं फलां शैम्पू लगाती हूँ.

उन्होंने शैम्पू का नाम तो लिया था मगर वो सब छोड़िए.

मैंने धीरे से बुदबुदाते हुए कहा- ऐसी महक लगाने से तो मन करता है कि गुलनिहाल … मैं तुझे खा ही जाऊं.

मैं ये बहुत ही हल्की आवाज में बोला था लेकिन शायद उन्होंने सुन लिया था.

मैडम बोलीं- क्या बोला?

मैंने अचकचाते हुए कहा- क..कुछ नहीं.

वो बोलीं- अच्छा नहीं बताना है तो मत बताओ, कोई बात नहीं.

कुछ देर बाद मैडम बोलीं- चलो छत पर चलते हैं.

मैंने हामी भर दी और हम दोनों छत पर आ गए. उधर टहलते हुए हम दोनों में थोड़ी देर बातचीत हुई.

उन्होंने कहा- यार हम लोग दोस्त बन गए हैं … तो क्या हम दोनों किसी भी तरह की बात कर सकते हैं?

मैंने कहा- हां हां … कहो न आपको क्या बात करनी है.

मैडम- तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड वगैरह है या नहीं!

मैंने शर्माते हुए कहा- अभी तो कोई नहीं है लेकिन सोच रहा हूं कि कोई आपके बालों जैसी खुशबू वाली मिल जाए, तो उसे ही अपनी गर्लफ्रेंड बना लूं.

मैडम ने हंस कर कहा- अरे वाह तुमको तो मेरे बालों की खुशबू बड़ी पसंद आने लगी है.

मैं उनकी इस बात से शर्मा गया.

मैडम ने मेरी शर्म को खत्म करने के लिए कहा- अरे इसमें शर्माने वाली क्या बात है. अच्छा बताओ तुमको कितनी उम्र की गर्लफ्रेंड चाहिए?

मैंने कहा- उम्र से क्या फर्क पड़ता है. वो बड़ी उम्र की भी हो, तब भी मुझे चलेगी. बस उसके बालों की खुशबू ठीक आपके बालों जैसी होनी चाहिए.

वो बोली- तो फिर 26-27 की उम्र की हो, तो उसे संभाल लोगे?

मैंने कहा- संभालने में क्या है, मुझे आप कम समझती हैं क्या?

इस पर मैडम थोड़ी जोश में आ गई और मेरा हाथ पकड़ कर बोलीं- क्या तुम मुझे संभाल लोगे?

मैंने कहा- अरे गुल … आप ये क्या बोल रही हो?

मैडम- हां मैं सही बोल रही हूं … बताओ क्या तुम मुझे सम्भाल लोगे?

मैंने मैडम की आंखों में वासना के डोरे देखे और कह दिया- ठीक है आपको तो मैं संभाल क्या … खा ही जाऊंगा.

मैडम ने एक कदम आगे बढ़ते हुए पूछा- हर रोज खा सकोगे?

मैंने कहा- आजमा कर देखो, फिर कुछ कहना.

उन्होंने आंख दबा कर कहा- अच्छा ये तो बता दो कि खाते कैसे हो?

मैंने उनसे कहा- ठीक है, मैं आज शाम को जब आपके पास ट्यूशन के लिए आऊंगा, तब बता दूँगा.

मैडम ने मुस्कुरा कर हां कर दी और बोलीं- क्या मुझे कुछ तैयारी करनी होगी?

मैंने कहा- आपको तैयारी करने की क्या जरूरत है. वो मैं सब देख लूंगा … बस आप मेरा इंतजार करना.

मैडम ने हां में सर हिला दिया.

मैं उनके रूम में रात को करीब 9:00 बजे गया और उनके कमरे में कुर्सी पर बैठ गया.

वो चुपचाप चारपाई पर चादर ओढ़ कर लेटी हुई थीं.

मैंने उनकी तरफ देखा और पूछा- क्या हुआ गुल … आप लेटी क्यों है तबियत तो ठीक है न!

उनकी आंखों में ऐसा नशा सा छाया था, जैसे उन्होंने शराब पी रखी हो.

उन्होंने अपनी उंगली के इशारे से मुझे अपने पास आने को कहा.

मैं आने लगा तो मैडम ने कहा- पहले दरवाजे बंद कर दो.

मैंने दरवाजे बंद किए और उनके करीब आ गया.

मेरे आते ही मैडम ने अपनी चादर हटा दी.

ओहह … मेरी नजरें चुधियां गईं, मैडम जिस स्थिति में लेटी थीं, वो किसी का भी लंड खड़ा कर सकता था. मैडम सिर्फ ब्रा पैंटी में लेटी थीं.

मैं कुछ कहता कि तब तक मैडम ने मेरा हाथ पकड़ कर अपने ऊपर खींच लिया. मैं उनके जिस्म पर लगभग चढ़ सा गया था.

वो मेरे सर को दबाते हुए अपने मम्मों पर खींचने लगीं.

मैंने उनकी ब्रा का एक कप हटाया और उनके एक निप्पल को अपने होंठों में भर कर चूसने लगा.

मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि मुझे थाली परोसी हुई मिलेगी.

मैं उनके दोनों मम्मों को मसलने लगा और उनकी दोनों चूचियों को बारी बारी से पीने लगा.

वो भी मुझे चूमे जा रही थीं. मैं भी उनके होंठ गाल आदि को चूमने लगा. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.

गुलनिहाल जैसी कोमल लड़की मैंने इस हालत में पहली बार देखी थी.

मैं लगातार मैडम की चूची को खींच खींच कर पी रहा था और मैडम खुद अपने हाथ से अपने दूध पकड़ कर मुझसे चुसवा रही थीं.

उनकी मादक आवाजें लगातार निकल रही थीं.

फिर एकदम से मैंने उनकी चुत पर हाथ डाल दिया, तो वो बोलीं- नहीं, यहां पर नहीं.

मगर मैं कहां मानने वाला था. मैंने उनकी पैंटी में हाथ डाल ही दिया और उनकी गर्म चुत को मसलने लगा.

गुल की चुत किसी गर्म भट्टी की तरह तप रही थी.

कुछ पल बाद मैंने मैडम की पैंटी भी उतार दी. उनकी एकदम भभकती गर्म चुत अब पानी छोड़ने लगी थी. मेरा हाथ गीला हो गया था. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैंने किसी उबलते गर्म पानी में अपना हाथ लगा दिया हो.

मैडम की चुत एकदम चिकनी थी चुत पर झांट का नामोनिशान नहीं था.

मैंने अब तक सिर्फ अन्तर्वासना की सेक्स कहानियों में ही पढ़ा था कि गोरी चुत होती है.

मैंने कभी भी इस बात पर भरोसा नहीं होता था कि किसी इन्डियन लड़की या महिला की चुत गोरी हो सकती थी.

हां ब्लू फिल्मों में विदेशी पोर्न ऐक्ट्रेसेज की चुत गोरी होती है, ये तो मैंने बहुत बार देखा था.

आज अपने सामने गुलनिहाल मैडम की एकदम दूध सी गोरी और बेदाग़ चुत देख कर दिमाग पागल हो गया था.

मैं मैडम की चुत में उंगली करने लगा. वो मोन करने लगीं और अपने दोनों हाथों से अपनी चादर पकड़ कर कुछ इठने सी लगीं.

मैंने आज तक किसी की चुत नहीं देखी थी, तो चोदने की बात दूर की थी.

ब्लू फिल्मों में चुत चुदाई, गांड चुदाई होती देखी थी, तो मैं सोचता था कि काश मुझे भी किसी की चुत गांड मारने को मिल जाए तो मैं भी करके देखूँ कि कैसा मजा आता है.

कुछ पल तक चुत में उंगली चलाने के बाद मैंने अपनी पूरी जीभ लंबी करते हुए बाहर निकाली और मैडम की चुत पर फेर दी.

वो एकदम से छटपटा उठीं और अगले ही पल उनका एक हाथ मेरे सर पर आ गया. वो मेरे सर को अपनी चुत पर दबाए जा रही थीं.

मैंने जीभ को मैडम की चुत में घुसा दी और चुत चाटने लगा.

मुझे खुद पर विश्वास ही नहीं हो रहा था कि जिन मैडम के मम्मों के नाम की मैं मुठ मारा करता था, आज उनकी चुत मेरी जीभ से चट रही है.

करीब डेढ़ से दो मिनट तक ही मैंने मैडम की चुत चाटी होगी कि मैडम मेरे सर को अपनी चुत पर दबाते हुए … और अपनी गांड उठाते हुए मेरे मुँह में झड़ गईं.

मैंने उनका सारा रस पी लिया.

चुत रस मैंने पहली बार पिया था, तो थोड़ा सा स्वाद कसैला, खट्टा और नमकीन सा स्वाद था.

मैं अपने मुँह को उनकी चुत पर लगाए रहा.

मैडम झटके देती हुई पूरी खल्लास हो गईं और ‘ओह्ह ओह्ह ..’ की सीत्कार भरते हुए निढाल हो कर बिस्तर पर ही ढेर हो गईं.

मैं मस्ती से अपनी जीभ से मैडम की चुत का एक एक कतरा चाट कर साफ़ करने में लगा हुआ था.

कुछ देर बाद मैडम ने आंखें खोलीं और मेरे सर पर हाथ फेरते हुए बोलीं- अब हटो … मुझे सुसु जाना है.

उनकी भावभंगिमा बदल गई थी और चेहरे पर एक गंभीरता आ गई थी.

मैं कुछ नहीं बोला, बस हट कर एक तरफ लेट गया.

मैडम ने चादर से अपने जिस्म को ढक लिया और बाथरूम में चली गईं.

कुछ देर बाद मैडम एक नाइटी पहन कर बाहर आ गईं.

उन्होंने मेरी तरफ देखा भी नहीं … बस सीधे ही पूछा- कुछ पियोगे?

मैंने कहा- हां.

मैडम बोलीं- क्या?

मैंने कहा- जो आपका मन करे.

मैडम ने सपाट शब्दों में पूछा कि व्हिस्की पीते हो?

मैंने हां में सर हिला दिया.

मैडम ने दो गिलास, पानी और नमकीन काजू सामने टेबल पर रखे और अल्मारी से व्हिस्की की बोतल निकाल आकर पैग बनाए.

फिर एक गिलास मुझे देते हुए वो बिस्तर के किनारे बैठ गईं.

चियर्स के बाद हम दोनों ने शराब का मजा लेना शुरू किया.

मैंने मैडम के साथ दो पैग खींचे और उसके बाद मैडम ने एक सिगरेट सुलगा ली. इस बीच हमारे बीच कोई बातचीत नहीं हुई.

कुछ देर बाद मुझे सुरूर चढ़ा तो मैंने उन्हें अपनी तरफ खींच लिया और एक ही झटके में उनकी नाइटी को उतार कर फेंक दिया.

मेरे सामने एक बार फिर से गुल मैडम नंगी हो गई थीं.

इस बार उन्होंने मेरे लोअर पर हाथ डाला और मुझे भी नंगा होने के लिए कह दिया.

मैंने झटपट अपने कपड़े उतार दिए और अपना लम्बा मोटा लंड मैडम के सामने लहरा दिया.

मैडम ने मेरे लंड को देखा तो उनकी आंखों में चमक आ गई.

जल्द ही मैडम ने मेरे लंड को चूसना शुरू कर दिया और हमारे बीच सेक्स का खेल एक बार फिर से शुरू हो गया.

इस बार सबसे पहले मैंने मैडम की गांड में उंगली की, तो मैडम ने कहा- पीछे से शुरुआत करोगे?

मैंने कहा- हां, मुझे आपकी गांड बहुत मस्त लगती है.

उन्होंने कुछ नहीं कहा.

वो क्रीम की डिब्बी उठा लाईं और मुझे देते हुए इशारा कर दिया.

मैंने मैडम की गांड में उंगली के साथ साथ क्रीम भी भरना शुरू कर दी.

पहले एक फिर दो फिर तीन उंगलियों से मैंने मैडम की गांड को ढीला किया.

फिर लंड के टोपे को गांड के मुहाने पर रख कर घिसा तो मैडम ने अन्दर करने का कह दिया.

मैंने सुपारा फंसा कर तेज झटका मार दिया और मैडम की घुटी हुई चीख निकल गई.

मैं लगा रहा और कुछ देर बाद मैडम को गांड मराने में मजा आने लगा.

करीब दस मिनट तक गांड मराने के बाद मैडम ने कहा कि अब आगे आ जाओ.

मैंने उन्हें चित लिटाया और उनकी चुत में लंड पेल दिया.

मैडम को चुदाई में मजा आने लगा और दस मिनट बाद मैंने मैडम के कहने पर अपना पानी उनके पेट पर निकाल दिया.

उस दिन मैंने बहुत देर तक उनकी गांड चुत में दो दो बार लंड डाल कर कुत्ते की तरह उन्हें चोदा. मैडम की चुदाई करने में मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.

रात को एक बजे मैं मैडम के कमरे से निकल कर अपने कमरे में आ गया.

उस दिन के बाद से मैडम की चुत गांड मेरे लिए हर वक्त खुली रहने लगी थी.

आपको मेरी ये होम ट्यूटर सेक्स कहानी कैसी लगी, प्लीज़ मेल करके जरूर बताएं.

मेरी ईमेल आईडी है

[email protected]

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *